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कल बाजार खुलते ही इन 2 शेयरों में बना लें स्ट्रैटेजी, ब्रोकरेज की बिकवाली की राय (फोटो- AI)
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद हुए. शेयर बाजारों ने शुरुआत तो अच्छी की थी लेकिन बाद में बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और आखिर में बाजार गिरकर ही बंद हुए. लेकिन मंगलवार को बाजार खुलने के बाद कुछ स्टॉक्स से दूरी बना सकते हैं. ब्रोकरेज रिपोर्ट में 2 ऐसे शेयर आए हैं, जिन पर ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनियों ने SELL की रेटिंग दी है.
इस लिस्ट में Asian Paints और Cummins जैसे स्टॉक्स शामिल हैं. इन दोनों ही स्टॉक्स पर बिकवाली की राय आई है. तिमाही नतीजों के बाद ग्लोबल ब्रोकरेज ने इन दोनों स्टॉक्स पर अपनी राय दी है. जानिए कल बाजार खुलने के बाद निवेशकों को इन दोनों शेयरों पर क्या करना चाहिए?
पेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी एशियन पेंट्स पर ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनी Goldman Sachs और Citi की राय आई है. दोनों ही कंपनियों ने इस शेयर पर बिकवाली की राय को मेंटेन रखा है. लेकिन पुराने टारगेट प्राइस के मुकाबले नया टारगेट प्राइस बढ़ाकर दिया है. बता दें कि ये शेयर सोमवार को 2631 रुपए के भाव पर बंद हुआ था.
| ब्रोकरेज | नया टारगेट प्राइस (₹) | पुराना टारगेट प्राइस (₹) | डाउनसाइड रिस्क |
| Goldman Sachs | 2575 | 2275 | 2.13% |
| Citi | 2500 | 2300 | 4.98% |
इंडस्ट्री प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी कमिन्स के शेयर पर भी बिकवाली की राय है. इस शेयर पर ग्लोबल ब्रोकरेज कंपनी UBS और Goldman Sachs ने बिकवाली की राय को बरकरार रखा है.
| ब्रोकरेज | नया टारगेट प्राइस (₹) | पुराना टारगेट प्राइस (₹) | डाउनसाइड रिस्क |
| Goldman Sachs | 3890 | 3910 | 31.50% |
| UBS | 3500 | 3400 | 38.37% |
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आगे आने वाले समय में ग्रोथ की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है और डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार से जुड़ी उम्मीदों का बड़ा हिस्सा मौजूदा वैल्यूएशन में पहले से शामिल माना जा रहा है. मैनेजमेंट ने FY27 के लिए अलग-अलग कारोबार सेगमेंट्स में ग्रोथ की गति सामान्य रहने या कुछ नरम पड़ने का संकेत दिया है.
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ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तर पर जोखिम और संभावित रिटर्न (Risk-Reward) का समीकरण ज्यादा आकर्षक नहीं दिखता और कंपनी शायद अपनी सबसे तेज ग्रोथ का चरण पीछे छोड़ चुकी है, हालांकि आगे भी कारोबार में बढ़त जारी रह सकती है. ब्रोकरेज को इस बात की चिंता है कि कंपनी का बड़ा हिस्सा अभी भी ICE (इंटरनल कंबशन इंजन) यानी पारंपरिक ईंधन आधारित वाहन कारोबार पर निर्भर है, जबकि लंबे समय में इस सेगमेंट की ग्रोथ पर दबाव रहने की आशंका है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज/एक्सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से सलाह लें.)
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