मात्र 10 रुपये वाले शेयर में आ सकती है 37% की तूफानी तेजी! सोमवार का दिन होगा खास

इस छोटे से शेयर में बड़ी तेजी के संकेत मिल रहे हैं. ग्लोबल ब्रोकरेज सिटी ने 10 रुपये वाले इस शेयर पर 14 रुपये का टारगेट दिया है. एजीआर बकाये में सरकार की राहत और 25,000 करोड़ के कर्ज मिलने की संभावना से शेयर सोमवार को फोकस में रहेगा.
मात्र 10 रुपये वाले शेयर में आ सकती है 37% की तूफानी तेजी! सोमवार का दिन होगा खास

मात्र 10 रुपये वाले शेयर में आ सकती है 37% की तूफानी तेजी!

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर से एक ऐसी खबर निकलकर आ रही है जिसने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दी हैं. अगर आप सस्ते यानी पेनी स्टॉक्स में दांव लगाने के शौकीन हैं, तो वोडाफोन आइडिया (VI) का नाम आपकी स्क्रीन पर चमकने वाला है.

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म 'सिटी' (Citi) ने इस शेयर को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है, जो सोमवार को बाजार खुलते ही तहलका मचा सकती है. करीब 10 रुपये के भाव पर मिल रहा यह शेयर अब रॉकेट बनने की तैयारी में दिख रहा है. ब्रोकरेज का मानना है कि इसमें यहां से 37 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आ सकती है.

AGR का 'कांटा' अब निकल चुका है

Add Zee Business as a Preferred Source

वोडाफोन आइडिया के लिए पिछले कई साल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं. कंपनी के सिर पर एजीआर (AGR) बकाया का भारी बोझ था, जो उसकी ग्रोथ को दबाए बैठा था. लेकिन अब तस्वीर बदल गई है.

सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, एजीआर का सालों पुराना विवाद अब सुलझने की कगार पर है. सरकार ने कंपनी के एजीआर बकाये का दोबारा आकलन किया है और जो आंकड़ा सामने आया है, उसने कंपनी को बड़ी राहत दी है.

vodafone idea share price target

दिसंबर 2025 तक कंपनी का एजीआर बकाया 640 अरब रुपये आंका गया है. यह आंकड़ा कंपनी द्वारा बताए गए 805 अरब रुपये से करीब 20 प्रतिशत कम है. सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस पर कोई ब्याज नहीं लग रहा है और 10 साल का जो 'मोरेटोरियम' (भुगतान की मोहलत) मिला हुआ है, वह भी बरकरार है. इसका मतलब यह है कि कंपनी को अपना 99 प्रतिशत बकाया वित्त वर्ष 2036 से 2041 के बीच चुकाना है. इससे कंपनी की आर्थिक सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

कर्ज के जाल से बाहर निकलने का रास्ता हुआ साफ

बाजार के जानकारों का कहना है कि एजीआर विवाद सुलझने से वोडाफोन आइडिया के लिए फंड जुटाने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है. अब तक बैंक इस कानूनी उलझन की वजह से पैसा देने में हिचकिचा रहे थे. लेकिन अब नियामक अनिश्चितता खत्म होने के साथ ही कंपनी करीब 250 अरब रुपये (25,000 करोड़ रुपये) का बैंक कर्ज आसानी से हासिल कर सकती है.

यह पैसा कंपनी के लिए संजीवनी का काम करेगा. मैनेजमेंट ने जनवरी 2026 में अपनी रणनीति साझा करते हुए बताया था कि उनके पास तीन साल का 450 अरब रुपये (45,000 करोड़ रुपये) का एक मेगा कैपेक्स प्लान (पूंजीगत खर्च योजना) तैयार है. जैसे ही बैंकों से कर्ज मिल जाएगा, कंपनी इस योजना पर काम शुरू कर देगी. यह न केवल वोडाफोन आइडिया के लिए अच्छा है, बल्कि 'इंडस टावर्स' जैसी कंपनियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी साबित होगी.

सिटी की 'Buy' रेटिंग और 14 रुपये का टारगेट

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने इस शेयर पर अपना भरोसा जताते हुए 'Buy' की रेटिंग दी है. हालांकि, उन्होंने इसके साथ 'High Risk' का टैग भी लगाया है क्योंकि कंपनी पर अभी भी कर्ज का काफी बोझ है.

  • टारगेट प्राइस: सिटी ने वोडाफोन आइडिया के शेयर के लिए 14 रुपये का लक्ष्य रखा है.
  • रिटर्न की उम्मीद: निवेशकों को करीब 37.5 प्रतिशत का तगड़ा रिटर्न मिल सकता है.

ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के आधार पर यह टारगेट निकाला है. उन्हें उम्मीद है कि फंड जुटाने के बाद कंपनी के कामकाज में जबरदस्त सुधार (Operational Recovery) आएगा.

टैरिफ में बढ़ोतरी और भविष्य की रणनीति

रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बदलाव का जिक्र किया गया है. सिटी का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियां अब टैरिफ (मोबाइल रिचार्ज की दरें) बढ़ाने में थोड़ा और वक्त ले सकती हैं. पहले जहां वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में टैरिफ बढ़ने की उम्मीद थी, अब उसे बढ़ाकर तीसरी तिमाही (3QFY27E) कर दिया गया है.

ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए कंपनी के एबिटा (EBITDA) अनुमान में 6-7 प्रतिशत की कटौती की है, लेकिन एजीआर राहत के कारण शेयर की वैल्यूएशन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है. एजीआर बकाये में आई कमी की वजह से कंपनी का 'नेट डेट/एबिटा' अनुपात जो दिसंबर 2025 में 20 गुना था, वह घटकर 14 गुना पर आ सकता है. यह सुधार किसी भी निवेशक के लिए बड़ा भरोसा जगाने वाला है.

क्या हैं इस निवेश में जोखिम

भले ही टारगेट 14 रुपये का है, लेकिन सिटी ने निवेशकों को कुछ खतरों के प्रति भी आगाह किया है. यह एक 'हाई रिस्क' दांव है क्योंकि कंपनी की बैलेंस शीट अभी भी कर्ज से दबी हुई है और सरकार का सपोर्ट इसके लिए बहुत जरूरी है.

अगर सरकार की ओर से एजीआर में मिलने वाली राहत सीमित रहती है या टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और ज्यादा बढ़ जाती है, तो मुश्किलें आ सकती हैं. इसके अलावा, अगर भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी उम्मीद के मुताबिक नहीं होती या कंपनी अपने ग्राहकों को टूटने (Subscriber Churn) से नहीं बचा पाती, तो शेयर की रफ्तार रुक सकती है. 4G और 5G ग्राहकों को जोड़ने की रफ्तार भी इस शेयर की किस्मत तय करेगी.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6