जनवरी महीने में आया था IPO, मॉर्गन स्टैनली ने शुरू की कवरेज; 57% अपसाइड का पहला टारगेट

Stocks to BUY: साल के पहले महीने में Shadowfax का आईपीओ आया था जो एक लॉजिस्टिक कंपनी है. इस समय शेयर का भाव इश्यू प्राइस के नीचे 115 रुपए के आसपास है. मॉर्गन स्टैनली ने कवरेज की शुरुआत की है और 57% अपसाइड का बड़ा टारगेट दिया है.
जनवरी महीने में आया था IPO, मॉर्गन स्टैनली ने शुरू की कवरेज; 57% अपसाइड का पहला टारगेट

Stocks to BUY.

Stocks to BUY: इस साल जनवरी के महीने में लॉजिस्टिक सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी Shadowfax टेक्नोलॉजी का आईपीओ आया था. इस समय यह शेयर अपने इश्यू प्राइस के नीचे 115 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने इस शेयर में कवरेज की शुरुआत की है और ओवरवेट रेटिंग के साथ में 57% अपसाइड का बड़ा टारगेट दिया है.

मॉर्गन स्टैनली ने Shadowfax Tech शेयर में ओवरवेट रेटिंग के साथ कवरेज की शुरुआत की है और 180 रुपए का पहला टारगेट दिया गया है. यह शेयर 115 रुपए पर कारोबार कर रहा है. इसके मुकाबले यह टारगेट 57% के करीब अधिक है. 124 रुपए पर इस कंपनी का जनवरी महीने में आईपीओ आया था. 112 रुपए पर इसकी लिस्टिंग हुई थी. अभी तक शेयर ने 128 रुपए का लाइफ हाई और 98 रुपए का लाइफ लो बनाया है.

Shadowfax Technologies
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ब्रोकरेज इतना बुलिश क्यों?

  • कंपनी नीश सेगमेंट पर फोकस करती है जो हाई मार्जिन वाला है, जिसके कारण प्रॉफिटैबिलिटी में मजबूती देखी जा रही है.
  • लॉजिस्टिक इंडस्ट्री के लिए इस समय स्ट्रक्चरल टेलविंड देखा जा रहा है जिसका फायदा कंपनी को मिलता है.
  • शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का एग्जीक्यूशन दमदार है जिसका इसे विशेष फायदा मिल रहा है.
  • कंपनी असेट लाइट मॉडल पर काम करती है जिसके कारण कैशफ्लो बेहतर है.
  • पीयर्स के मुकाबले कंपनी का बिजनेस कम कैपिटल इंटेंसिव है जिसका फायदा मिलता है.
  • क्विक कॉमर्स, ई-कॉमर्स, फूड डिलिवरी में ग्रोथ का फायदा कंपनी को मिलता है.
  • इन कंपनियों के लिए यह थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक कंपनी की तरफ काम करती है.

क्या करती है कंपनी?

बता दें कि Shadowfax एक थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक कंपनी है जिसकी स्थापना साल 2015 में हुई थी. यह थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक प्रोवाइडर की तरह काम करती है. पैन इंडिया में यह अपनी सर्विस देती है. 2500 से अधिक शहरों में यह 15166 से अधिक पिनकोड को कवर करती है. D2C, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स में तेजी का कंपनी का बड़ा लाभ मिलता है.


Q3 में कैसा रहा प्रदर्शन?

  • रेवेन्यू 65.5% उछाल के साथ 1160 करोड़ रुपए रहा.
  • एडजस्टेड EBITDA 175.4% ग्रोथ के साथ 49 करोड़ रुपए रहा.
  • एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 2.6% से बढ़कर 4.3% रहा.
  • नेट प्रॉफिट 440.6% उछाल के साथ 35 करोड़ रुपए रहा.
  • प्रॉफिट मार्जिन 0.9% से बढ़कर 3.0% रहा.
  • Q3 में 20.6 करोड़ ऑर्डर डिलिवर किए जो 61% अधिक है.
  • तिमाही आधार पर ऑर्डर डिलिवरी में 28.7% ग्रोथ दर्ज किया गया.

FY26 में अब तक कैसा रहा प्रदर्शन?

  • रेवेन्यू 67.3% उछाल के साथ 2965 करोड़ रुपए रहा.
  • एडजस्टेड EBITDA 101 करोड़ रुपए रहा.
  • एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 90 bPS बढ़कर 3.4% रहा.
  • नेट प्रॉफिट 243% उछाल के साथ 56 करोड़ रुपए रहा.
  • 9 महीनों में कुल 50 करोड़ ऑर्डर डिलिवर किए जो 54.4% अधिक है.
  • 61 करोड़ का फ्री कैशफ्लो जेनरेट किया.

इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का बड़ा भरोसा

Shadowfax टेक्नोलॉजी का मार्केट कैप 6800 करोड़ रुपए के करीब है. प्रमोटर के पास 16.71% और पब्लिक के पास 83.29% हिस्सेदारी है. पब्लिक शेयर होल्डिंग में करीब 26% के करीब इंस्टीट्यूशन के पास है. 11 फॉरन कंपनियों के पास 37.85% हिस्सेदारी है. FIIs के पास 9.22% और DIIs के पास 16.38% हिस्सेदारी है. 9 म्यूचुअल फंड स्कीम्स के पास 9.24% हिस्सेदारी है. 135871 रीटेल निवेशकों के पास 5.50% हिस्सेदारी है.

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