सेमीकंडक्टर स्टॉक पर JP Morgan समेत 3 बड़े ब्रोकरेज हुए बुलिश, मिलेगा 47% तक का दमदार रिटर्न! जानिए अचानक ऐसा क्या हुआ?

इस सेमीकंडक्टर स्टॉक में पिछले छह महीनों में 40 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, जेपी मॉर्गन, नोमुरा और मैक्वेरी जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक पर पूरी तरह बुलिश हैं. ब्रोकरेज का मानना है कि इसमें निवेशकों को 47 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल सकता है.
सेमीकंडक्टर स्टॉक पर JP Morgan समेत 3 बड़े ब्रोकरेज हुए बुलिश, मिलेगा 47% तक का दमदार रिटर्न! जानिए अचानक ऐसा क्या हुआ?

जेपी मॉर्गन की हालिया रिपोर्ट में शेयर को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं.  (इमेज सोर्स - एआई)

पिछले कुछ महीनों से डिक्सन टेक्नोलॉजीज (Semiconductor Stock Dixon Technologies) के निवेशकों के लिए सफर थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज स्पेस में आई व्यापक गिरावट और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय बाजारों पर दबाव बना हुआ है.

इसका असर डिक्सन के शेयर पर भी दिखा है, जो बीते छह महीनों में 40 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है. लेकिन अब कहानी में एक नया मोड़ आया है. तीन जेपी मॉर्गन (JP Morgan) बड़े ब्रोकरेज हाउसों ने इस गिरावट को एक अवसर के रूप में देखा है.

47 प्रतिशत तक की बढ़त का अनुमान

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डिक्सन टेक्नोलॉजीज की मौजूदा कीमत 10,191 रुपये के आसपास है. इस भाव पर तीन प्रमुख ब्रोकरेज ने अपनी राय दी है-

  • मैक्वेरी: इन्होंने डिक्सन पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है और 15,000 रुपये का लक्ष्य दिया है.
  • नोमुरा: इन्होंने 'बाय' रेटिंग के साथ 14,678 रुपये का टारगेट सेट किया है.
  • जेपी मॉर्गन: इन्होंने 13,700 रुपये का टारगेट बरकरार रखते हुए अपनी बुलिश कॉल जारी रखी है.

अगर इन टारगेट्स को देखें, तो मैक्वेरी का टारगेट प्राइस शेयर के मौजूदा भाव से लगभग 47 प्रतिशत तक ऊपर है.

मैक्वेरीआउटपरफॉर्म15,000
नोमुराबाय14,678
जेपी मॉर्गनबुलिश13,700

क्यों बुलिश है जेपी मॉर्गन?

जेपी मॉर्गन की हालिया रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं. सबसे बड़ा डर यह था कि क्या मोबाइल पीएलआई योजना का विस्तार होगा या नहीं. बजट 2026 के भाषण में इसका जिक्र न होने से बाजार मान चुका था कि यह योजना आगे नहीं बढ़ेगी. जेपी मॉर्गन का मानना है कि यह नकारात्मकता पहले ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुकी है, यानी अब गिरावट का डर कम हो गया है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मोबाइल पीएलआई 2.0 पिछली योजना से अलग हो सकती है. इसमें स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के साथ निर्यात पर ज्यादा जोर रहने की संभावना है.

मार्जिन और ईपीएस पर असर

जेपी मॉर्गन के अनुसार, अगर पीएलआई योजना का विस्तार नहीं भी होता है, तो डिक्सन के मोबाइल कारोबार में वित्त वर्ष 2027 से 50 बीपीएस की मामूली कमी आ सकती है.

लेकिन, अगर सरकार इस योजना को आगे बढ़ाती है, तो कंपनी को 50 बीपीएस का फायदा जारी रहेगा. यह छोटा सा बदलाव भी वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) में 12 से 16 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकता है.

निवेशकों के काम की बात

डिक्सन टेक्नोलॉजीज के लिए हालिया समय चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन बड़े ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा इस बात की ओर इशारा करता है कि बुनियादी रूप से कंपनी मजबूत बनी हुई है. पीएलआई योजना को लेकर बाजार की शंकाओं का समाधान और मार्जिन में संभावित सुधार कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं. लंबे नजरिए वाले निवेशकों के लिए यह स्थिति एक नई उम्मीद जगाने वाली है.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

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