&format=webp&quality=medium)
भारतीय शेयर बाजार में जब भी किसी 'गेम चेंजर' प्लेटफॉर्म की बात होती है, तो Groww का नाम सबसे ऊपर आता है. जिस कंपनी ने अपनी शुरुआत सिर्फ एक म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के तौर पर की थी, आज वह देश की एक बड़ी ब्रोकिंग दिग्गज बन चुकी है. यही वजह है कि अब दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इस कंपनी के भविष्य को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की है.
बता दें, ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर Buy रेटिंग के साथ 185 रुपये का एक साल का टारगेट प्राइस दिया है. यह मौजूदा भाव (156 रुपये) से करीब 19% की बढ़त को दिखाता है.
लॉन्च होने के महज चार साल के भीतर Groww ने NSE के एक्टिव क्लाइंट्स के आधार पर सबको पीछे छोड़ दिया है. मार्केट शेयर की बात करें तो नवंबर 2025 तक Groww का मार्केट शेयर 26.8% पर पहुंच गया. मजेदार बात यह है कि यह अपने दूसरे नंबर के प्रतिद्वंद्वी से करीब 9% आगे है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-
सबसे बड़ी बात कि जो प्लेटफॉर्म कभी सिर्फ म्यूचुअल फंड के लिए जाना जाता था, आज उसका स्टॉक्स में 25.8% और डेरिवेटिव्स (F&O) में 17.3% मार्केट शेयर है. कंपनी के पास आज 1.48 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं, जो इसके अलग-अलग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं.
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट कहती है कि Groww अब अपनी कमाई के लिए सिर्फ ब्रोकरेज पर निर्भर नहीं रहना चाहता. कंपनी अपनी इनकम के सोर्स को अलग-अलग हिस्सों में बांट रही है (Diversification), जिससे रिस्क कम होगा और मुनाफा बढ़ेगा.
यह सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है. Groww का लक्ष्य इस बाजार में अपनी हिस्सेदारी को डबल डिजिट में ले जाने का है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि 2028 तक कंपनी की कुल कमाई में MTF का हिस्सा 12% तक पहुंच जाएगा.
कंपनी ने हाल ही में कमोडिटी सेगमेंट भी शुरू किया है, जिससे उसे एडिशनल रेवेन्यू मिलेगा. इसके अलावा, कंपनी अब उन लोगों पर फोकस कर रही है जो बहुत ज्यादा ट्रेडिंग करते हैं. इसके लिए नए और एडवांस टूल्स लाए जा रहे हैं.
Groww के प्लेटफॉर्म पर एक दिलचस्प ट्रेंड देखा गया है. इसके जो 'अमीर' (Affluent) ग्राहक हैं, उनकी संख्या प्लेटफॉर्म के बाकी यूजर्स के मुकाबले 2 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ रही है.
वहीं, अब Groww अपने अमीर ग्राहकों को PMS, AIF और अनलिस्टेड सिक्योरिटीज जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स ऑफर कर रहा है. आने वाले समय में यह बिजनेस कंपनी की कुल कमाई का 7% हिस्सा बन सकता है. इसके अलावा, कंपनी ने फिसडम का अधिग्रहण किया है, जिससे वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में इसकी ताकत बढ़ गई है.
ये भी पढ़ें: US-Venezuela Conflict के बीच भी चमकने को तैयार हैं ये 3 सेक्टर, मोतीलाल ओसवाल ने बता दिया कहां लगाना चाहिए पैसा
Groww के पास करीब 30 अरब डॉलर की एसेट्स (संपत्ति) मौजूद है. अब कंपनी इसे कैश में बदलने की तैयारी में है. वहीं, कंपनी अपने ग्राहकों को शेयर्स (Loan Against Securities) और म्यूचुअल फंड (Loan Against Mutual Funds) के बदले लोन देने की सुविधा दे रही है.
Groww की सबसे बड़ी ताकत इसकी टेक्नोलॉजी है. कंपनी का सारा सिस्टम इन-हाउस यानी खुद का बनाया हुआ है. Groww के 80% से ज्यादा ग्राहक खुद चलकर इसके पास आते हैं. इससे कंपनी का ग्राहक बनाने का खर्च (CAC) काफी कम (6-10 डॉलर) रहता है.
ब्रोकरेज का मानना है कि 2028 तक कंपनी का EBITDA मार्जिन 59% से बढ़कर 66% के पार जा सकता है. इसका मतलब है कि कंपनी जितना कमाएगी, उसका एक बड़ा हिस्सा मुनाफे के तौर पर बचेगा.
मोतीलाल ओसवाल ने Groww के शेयर की तुलना ग्लोबल कंपनी रोबिनहुड (Robinhood) से की है. फिलहाल Groww का स्टॉक अपने ग्लोबल साथियों के मुकाबले सस्ते दाम (डिस्काउंट) पर मिल रहा है. जैसे-जैसे कंपनी की कमाई सिर्फ ब्रोकिंग के बजाय बाकी चीजों से भी आने लगेगी, इसकी वैल्यू और बढ़ेगी. एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि 2025 से 2028 के बीच कंपनी का मुनाफा (PAT) 30% की सालाना रफ्तार से बढ़ेगा.
Q1. मोतीलाल ओसवाल ने Groww के शेयर के लिए क्या टारगेट दिया है?
ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर Buy रेटिंग के साथ 185 रुपये का एक साल का टारगेट प्राइस दिया है. यह मौजूदा भाव (156 रुपये) से करीब 19% की बढ़त है.
Q2. Groww का मार्केट शेयर कितना है?
नवंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, एक्टिव क्लाइंट्स के मामले में Groww का मार्केट शेयर 26.8% है. स्टॉक सेगमेंट में यह 25.8% और डेरिवेटिव्स में 17.3% के करीब है.
Q3. क्या Groww केवल ब्रोकरेज से पैसे कमाता है?
नहीं, Groww अपनी कमाई के जरिए बदल रहा है. अब कंपनी मार्जिन ट्रेडिंग (MTF), क्रेडिट (लोन), वेल्थ मैनेजमेंट और कमोडिटी जैसे नए सेगमेंट से भी पैसा बना रही है.
Q4. Groww का बिजनेस मॉडल बाकी ब्रोकर से कैसे अलग है?
Groww का मॉडल काफी हद तक टेक्नोलॉजी पर आधारित है. इसके 80% ग्राहक ऑर्गेनिक तरीके से आते हैं, जिससे कंपनी का मार्केटिंग खर्च काफी कम रहता है और मुनाफा ज्यादा होता है.
Q5. इस स्टॉक में निवेश के साथ क्या रिस्क जुड़े हैं?
रिपोर्ट में मुख्य रिस्क के तौर पर F&O ट्रेडिंग से जुड़े नए रेगुलेशन और मार्केट में बढ़ता कॉम्पिटिशन बताया गया है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)