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मॉर्गन स्टेनली ने दी ग्रासिम (Grasim) पर रिपोर्ट. (सांकेतिक तस्वीर)
शेयर बाजार में जब भी किसी भरोसेमंद और पुराने खिलाड़ी की बात आती है, तो ग्रासिम इंडस्ट्रीज का नाम सबसे ऊपर आता है. लेकिन अब यह कंपनी अपनी पुरानी पहचान से आगे निकलकर कुछ बहुत बड़ा करने की तैयारी में है.
हाल ही में दिग्गज विदेशी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने ग्रासिम के मैनेजमेंट के साथ एक खास मुलाकात की. इस मीटिंग से जो बातें छनकर बाहर आई हैं, वो किसी को भी हैरान कर सकती हैं. कंपनी अब सिर्फ सीमेंट या टेक्सटाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हर उस सेक्टर में हाथ आजमा रही है जहां भविष्य की संभावनाएं छिपी हैं.
ग्रासिम ने अब पेंट्स की दुनिया में कदम रख दिया है और उनके इरादे बहुत मजबूत दिख रहे हैं. कंपनी का रोडमैप एकदम साफ है. मैनेजमेंट का कहना है कि वे पेंट्स सेगमेंट से अगले 3 सालों के भीतर, यानी 2028 तक, करीब 100 अरब रुपये का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.
अभी कंपनी अपनी सप्लाई चेन और नेटवर्क बनाने पर पूरा ध्यान दे रही है. जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उसे देखकर लगता है कि ग्रासिम बहुत जल्द पेंट्स मार्केट में बड़े दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने वाली है.
इस पूरे प्लान के मुख्य बिंदु कुछ इस तरह हैं-
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ग्रासिम सिर्फ फिजिकल स्टोर्स तक नहीं रुक रही, बल्कि वह डिजिटल दुनिया का भी फायदा उठाना चाहती है. कंपनी ने एक 'एसेट-लाइट' बी2बी डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है. इसका मकसद कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग मटेरियल की खरीदारी में आने वाली उन दिक्कतों को दूर करना है जो सालों से चली आ रही हैं. अक्सर इस मार्केट में कीमत, सामान की सही जानकारी और बिखरे हुए बाजार की वजह से खरीदार परेशान रहता था.
| मौजूदा भाव (CMP) | 2616 |
| नया टारगेट (Target) | 3865 |
| पेंट्स रेवेन्यू लक्ष्य | 100 अरब रुपये (2028 तक) |
| क्षमता विस्तार (Cellulose) | 110kt (दो फेज में) |
| रेटिंग | Overweight |
डिजिटल प्लेटफॉर्म इन समस्याओं को हल कर रहा है-
कंपनी अब साधारण प्रोडक्ट्स बनाने के बजाय ऐसे प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है जहां मुनाफा ज्यादा हो. सेल्युलोज सेगमेंट में कंपनी 'लियोसेल' जैसे वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स पर काम कर रही है. इसके लिए 110kt की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है, जिसे दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा. इसका पहला फेज 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है.
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यही हाल केमिकल बिजनेस का भी है. ग्रासिम अब सिर्फ कोमोडिटी-कास्टिक बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी का पूरा ध्यान अब स्पेशलिटी एपॉक्सी और ऊंचे वैल्यू वाले डेरिवेटिव्स की तरफ शिफ्ट हो रहा है. सीधा मतलब यह है कि कंपनी अब उन चीजों को ज्यादा बनाएगी जिनकी बाजार में मांग भी है और जहां कमाई का मार्जिन भी काफी ऊंचा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
FAQs
Q: मॉर्गन स्टेनली ने ग्रासिम के शेयर के लिए क्या टारगेट प्राइस दिया है?
A: मॉर्गन स्टेनली ने ग्रासिम इंडस्ट्रीज के लिए 3865 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है और इस पर 'Overweight' रेटिंग दी है.
Q: ग्रासिम का पेंट्स बिजनेस को लेकर क्या लक्ष्य है?
A: कंपनी पेंट्स सेक्टर में फुल कमर्शियल लॉन्च के 3 साल के भीतर (साल 2028 तक) 100 अरब रुपये का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रख रही है.
Q: कंपनी के बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का मुख्य काम क्या है?
A: यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो बिल्डिंग मटेरियल की खरीद में आने वाली दिक्कतों, जैसे कि कीमतों में उतार-चढ़ाव और सामान की अनुपलब्धता को दूर करने का काम करता है.
Q: सेल्युलोज सेगमेंट में कंपनी क्या नया कर रही है?
A: ग्रासिम उच्च मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स जैसे 'लियोसेल' पर फोकस कर रही है और इसके लिए 110kt की क्षमता विस्तार का काम शुरू कर दिया गया है.
Q: केमिकल बिजनेस में ग्रासिम की क्या स्ट्रैटेजी है?
A: कंपनी अब कमोडिटी-कास्टिक के बजाय ज्यादा वैल्यू वाले डेरिवेटिव्स और स्पेशलिटी एपॉक्सी बनाने की तरफ अपना रुख मोड़ रही है.