&format=webp&quality=medium)
इंडो काउंट इंडस्ट्रीज (Indo Count Industries Ltd- ICIL) पर एक तगड़ी ब्रोकरेज रिपोर्ट सामने आई है. कंपनी का शेयर इस समय अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 34% सस्ता मिल रहा है और ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले दिनों में ये स्टॉक रॉकेट की तरह उड़ान भर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों को यहां से 23% तक का अपसाइड मिल सकता है.
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, Indo Count ने पिछले 12-15 महीनों में ICIL 2.0 नाम की रणनीति अपनाई है. इसके तहत कंपनी तीन बड़े फोकस एरिया पर काम कर रही है. पहला, कोर बिजनेस को और मजबूत करना और हाई मार्जिन यूटिलिटी और फैशन बेडिंग सेगमेंट में तेजी से एक्सपेंशन करना.
इस दौरान कंपनी ने कई अहम निवेश किए हैं- अक्विजिशन, कैपेसिटी एक्सपेंशन, ब्रांड बिल्डिंग और टैलेंट डेवलपमेंट पर. Indo Count को उम्मीद है कि आने वाले तीन सालों में उसका ब्रांडेड पोर्टफोलियो 100 मिलियन डॉलर और यूटिलिटी बेडिंग बिजनेस 175 मिलियन डॉलर का योगदान देगा. इन पहलों की मदद से कंपनी का टारगेट है कि FY28 तक अपनी रेवेन्यू दोगुनी कर दे.
भारत का टेक्सटाइल सेक्टर फिलहाल कई ट्रेड डील्स से फायदा उठाने की तैयारी में है. खासकर UK के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कंपनी के लिए बहुत बड़ा अवसर है. UK के 27 बिलियन डॉलर के टेक्सटाइल इंपोर्ट मार्केट में अभी भारत की हिस्सेदारी करीब 7% है, जो आने वाले समय में बढ़ सकती है.
वहीं अमेरिका के मार्केट में भारत की हिस्सेदारी पहले से मजबूत है. अमेरिका के बेडशीट और टॉवेल इंपोर्ट मार्केट में भारत की हिस्सेदारी 46% और 39% है. हालांकि फिलहाल अमेरिका ने भारत से होने वाले टेक्सटाइल इंपोर्ट पर 50% टैरिफ लगाया हुआ है, लेकिन नवंबर 2025 तक होने वाले US-India ट्रेड डील के बाद हालात में सुधार की उम्मीद है.
ब्रोकरेज के मुताबिक, Indo Count ने FY22 से FY25 के बीच अपने रेवेन्यू और प्रॉफिट में 13.5% CAGR की ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन लगभग 70% तक पहुंच चुकी है. हालांकि FY26 में अमेरिका के टैरिफ की वजह से कंपनी की ग्रोथ पर थोड़ा ब्रेक लग सकता है.
लेकिन जैसे ही US-India ट्रेड डील साइन होगी, FY27 से कंपनी की ग्रोथ फिर से तेज हो जाएगी. खासकर यूटिलिटी बेडिंग और फैशन सेगमेंट में एंट्री Indo Count के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित होगी. ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26-28 के बीच कंपनी की रेवेन्यू 22% CAGR और EBITDA 45% CAGR की दर से बढ़ेगी.
Indo Count का स्टॉक इस समय अपने ऑल-टाइम हाई से 34% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है. फिलहाल ये शेयर 17x FY27E और 12x FY28E अर्निंग्स पर मिल रहा है. ब्रोकरेज का कहना है कि रिस्क-रिवार्ड पूरी तरह से फेवर में है क्योंकि टैरिफ से जुड़ी चिंताएं अब कम हो रही हैं. इसी वजह से इसने स्टॉक पर BUY रेटिंग देते हुए ₹370 का टारगेट प्राइस तय किया है.
Indo Count Industries Ltd (ICIL) दुनिया की सबसे बड़ी बेड लिनेन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी शुरुआत 1988 में हुई थी. कंपनी का पारंपरिक बिजनेस बेड लिनेन में रहा है, लेकिन अब इसने यूएस मार्केट में हाई मार्जिन यूटिलिटी और फैशन बेडिंग सेगमेंट में भी एंट्री कर ली है.
कंपनी के पास लगभग 25 ब्रांड्स (लाइसेंस्ड और ओन्ड) का मजबूत पोर्टफोलियो है, जिससे इसे अमेरिका और दूसरे एक्सपोर्ट मार्केट्स में अच्छी पोजिशनिंग मिलती है. भारत में कंपनी की 4 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं जिनकी क्षमता 153 मिलियन मीटर है, वहीं अमेरिका में इसके 3 प्लांट्स हैं जहां 32.5 मिलियन पीस बनते हैं.
Indo Count Industries अपने ICIL 2.0 मॉडल, यूटिलिटी और फैशन बेडिंग बिजनेस और ग्लोबल ट्रेड डील्स से मिलने वाले अवसरों की वजह से आने वाले सालों में निवेशकों को तगड़ा फायदा पहुंचा सकता है. ब्रोकरेज का साफ मानना है कि ये स्टॉक फिलहाल अपने सही वैल्यूएशन से नीचे मिल रहा है और यहां से निवेशकों को 23% तक का मुनाफा मिल सकता है.
Ans. Indo Count का शेयर इस समय लगभग ₹300 पर ट्रेड कर रहा है.
Ans. ब्रोकरेज ने कंपनी पर BUY रेटिंग देते हुए ₹370 का टारगेट प्राइस तय किया है.
Ans. रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों को यहां से लगभग 23% का फायदा मिल सकता है.
Ans. Indo Count दुनिया की सबसे बड़ी बेड लिनेन बनाने वाली कंपनी है और अब यूटिलिटी व फैशन बेडिंग सेगमेंट में भी विस्तार कर रही है.
Ans. Indo Count का स्टॉक फिलहाल अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 34% सस्ता मिल रहा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)