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ICICI Securities on Ujjivan Small Finance Bank: BSE 500 में शामिल बैंकिंग स्टॉक उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक(Ujjivan SFB) ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे जारी किए थे. 31 मार्च 2025 को खत्म हुई तिमाही के नतीजों में बैंक के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई थी. इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है. इसके साथ ही अपनी BUY की रेटिंग को भी बरकरार रखा है. आपको बता दें कि उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर ने पिछले छह महीने में 8.51 फीसदी रिटर्न दिया है. वहीं, पिछले एक साल में बैंक का शेयर 22.11% तक टूट चुका है.
ICICI सिक्योरिटीज ने उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का टारगेट प्राइस ₹45 से बढ़ाकर ₹55 प्रति शेयर कर दिया है, जो वर्तमान भाव से 28% ज्यादा है. रिपोर्ट तैयार करने तक कंपनी का मौजूदा बाजार मूल्य (CMP)₹43 था. शुक्रवार को कारोबारी सत्र के दौरान उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस का शेयर 1.24 फीसदी की गिरावट के साथ NSE पर 42.10 रुपए पर बंद हुआ है. ब्रोकरेज के मुताबिक बैंक द्वारा अपनी लोन बुक के जोखिम को कम किया जा रहा है. वहीं, बैंक की सिक्योरर्ड लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने की रणनीति सही रास्ते पर है.
वित्त वर्ष 2025 की जनवरी से मार्च तिमाही में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का मुनाफा तिमाही आधार पर 20 फीसदी से घटकर 83.4 करोड़ रुपए हो गया है. इसका मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में कमी और क्रेडिट कॉस्ट (प्रोविजनिंग) का बढ़ना रहा है. प्रोविजनिंग तिमाही आधार पर 3% से बढ़कर 3.4% हो गई. इसके चलते लोन डिफॉल्ट और ऊंचे राइट-ऑफ (400 करोड़ रुपए) रहे हैं. हालांकि, ऊंचे राइट-ऑफ की वजह से ग्रॉस NPA घटकर 2.18 फीसदी हो गया है.
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की NII तिमाही आधार 2.5 फीसदी से घटकर 860 करोड़ रुपए रही है. इसकी वजह नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 30 bps की कटौती रही है, जो गिरकर 8.3 फीसदी पर आ गया है. NIM में कमी बैंक के लोन में मिक्स में बदलाव के कारण हुई है. कम यील्ड वाले सिक्योर्ड रिटे लोन( 40% YoY बढ़ोतरी) जहां बढ़ रहे हैं. दूसरी तरफ ज्यादा यील्ड वाले माइक्रोफाइनेंस लोन की ग्रोथ धीमी गति (18% YoY गिरावट) हो रही है.
ICICI Securities के मुताबिक बैंक अपनी बैलेंस शीट में लगातार जोखिम कम करने पर ध्यान दे रहा है. इसके तहत सिक्योर्ड लोन के हिस्सा को बढ़ाया जा रहा है. यह मार्च 2025 तक कुल लोन बुक का 44 फीसदी हो गया है, जो सालभर पहले 30 फीसदी था. बैंक के मैनेजमेंट के मुताबिक इस बदलाव से NIM पर दबाव आएगा, लेकिन निकट भविष्य में क्रेडिट कॉस्ट में स्टेबिलिटी आएगी. ब्रोकरेज के मुताबिक अगले दो साल में NIM में करीब 100 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आ सकती है.
बैंक के मैनेजमेंट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में क्रेडिट कॉस्ट पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही से काफी कम रहेगी. साथ ही बैंक ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए फरवरी 2025 में अप्लाई कर दिया है, फिलहाल बैंक को RBI की हरी झंडी का इंतजार है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)