&format=webp&quality=medium)
MDF प्लाईवुड की दिग्गज कंपनी पर आई ब्रोकरेज रिपोर्ट, शेयर बड़ी तेजी को तैयार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Stocks to BUY: वुड पैनल और MDF (Medium Density Fibreboard) सेक्टर की दिग्गज कंपनी Greenpanel Industries में जल्द ही टर्नअराउंड देखने को मिल सकता है. इसके शेयर में काफी गिरावट के बाद अब ब्रोकरेज हाउस इसपर बुलिश होते नजर आ रहे हैं. हाल ही में मैनेजमेंट मीट के बाद PL Capital ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 332 रुपये का टारगेट दिया है. मौजूदा भाव 187 रुपये के मुकाबले यह करीब 77% की संभावित तेजी दिखाता है.
ब्रोकरेज का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन के दबाव से जूझने के बाद कंपनी अब मजबूत वापसी की तैयारी में है. बढ़ती MDF मांग, ऑपरेशनल सुधार, डीलर नेटवर्क पर फोकस और बेहतर यूटिलाइजेशन के दम पर आने वाले सालों में कमाई में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.
Greenpanel का सबसे बड़ा भरोसा भारतीय MDF इंडस्ट्री की ग्रोथ पर है. कंपनी का अनुमान है कि देश में MDF की मांग आने वाले वर्षों में करीब 15% CAGR की दर से बढ़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह फर्नीचर और इंटीरियर इंडस्ट्री में तेजी से हो रहा बदलाव है. अब प्लाईवुड और पार्टिकल बोर्ड की जगह MDF का इस्तेमाल बढ़ रहा है. मॉड्यूलर फर्नीचर, रेडी-टू-असेम्बल फर्नीचर, ऑफिस स्पेस, रिटेल आउटलेट्स और आधुनिक घरों में MDF की मांग लगातार बढ़ रही है.
कंपनी का मानना है कि भारत में MDF की खपत अभी भी विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है, इसलिए लंबे समय तक ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं बनी हुई हैं.
ये भी पढ़ें: मंदी के बाजार में मिला 'नवरत्न' शेयर, दिल्ली-NCR रियल एस्टेट से बरसेगा पैसा! 61% रिटर्न कमाने का मौका
Greenpanel के अनुसार फिलहाल नई MDF क्षमता (Capacity) इतनी तेजी से नहीं बढ़ेगी, जितनी तेजी से मांग बढ़ रही है.
इसके पीछे कई कारण हैं:
ऐसे में उद्योग में डिमांड और सप्लाई का संतुलन आने वाले सालों में संगठित कंपनियों के पक्ष में जा सकता है.
पिछले कुछ साल Greenpanel के लिए आसान नहीं रहे. कंपनी बाजार हिस्सेदारी खोती चली गई, जबकि कई प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने तेजी से विस्तार किया. ब्रोकरेज के मुताबिक कोविड के बाद के दौर में कंपनी ने वॉल्यूम बढ़ाने के बजाय EBITDA मार्जिन बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया. उस समय कंपनी 25-30% तक के ऊंचे मार्जिन बनाए रखना चाहती थी.
दूसरी तरफ प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने डीलर नेटवर्क मजबूत किया, मार्केटिंग बढ़ाई, चैनल पार्टनर्स के साथ रिश्ते मजबूत किए और नए बाजारों में तेजी से विस्तार किया. नतीजा यह हुआ कि Greenpanel के मार्केट शेयर पर असर पड़ा.
ये भी पढ़ें: Suzlon 2.0 रचेगी इतिहास! विंड टरबाइन कंपनी से 'फुल-स्टैक' दिग्गज बनने की तैयारी, FY31 तक 4 गुना ग्रोथ का मेगा प्लान
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने अपनी MDF क्षमता बढ़ाई, लेकिन उसका पूरा फायदा नहीं उठा सकी.
| पैरामीटर | पहले | अब |
| MDF क्षमता | 6.6 लाख CBM | 8.9 लाख CBM |
| वॉल्यूम पीक | 5.05 लाख CBM | घटकर 4.95 लाख CBM |
क्षमता बढ़ने के बावजूद वॉल्यूम में गिरावट आई, जिससे प्लांट उपयोग (Utilisation) कम हुआ और मुनाफे पर दबाव बना.
LIVE TV:
Greenpanel ने पिछले 8-9 महीनों में बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए हैं. पहले कंपनी का संचालन काफी हद तक Decentralised था. अलग-अलग यूनिट्स अपने स्तर पर खरीद और संचालन करती थीं, जिससे लागत बढ़ रही थी. अब कंपनी कई महत्वपूर्ण बदलाव कर रही है, इन कदमों का मकसद लागत कम करना और ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़ाना है:
मैनेजमेंट का कहना है कि पिछले 8-9 महीनों में संगठनात्मक स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं. कंपनी ने:
बाहरी अनुभवी प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की
रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर बदला
विभिन्न प्लांट्स के बीच बेहतर तालमेल बनाया
निर्णय प्रक्रिया को तेज किया
Greenpanel अब सिर्फ उत्पादन पर नहीं बल्कि बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी पूरा जोर दे रही है. इसके लिए कंपनी डीलर एंगेजमेंट बढ़ा रही है. कारपेंटर आउटरीच प्रोग्राम चला रही है. लॉयल्टी प्रोग्राम मजबूत कर रही है और रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रही है. मैनेजमेंट का मानना है कि वॉल्यूम ग्रोथ और वितरण नेटवर्क की मजबूती आने वाले समय में कमाई की सबसे बड़ी कुंजी होगी.
कंपनी को उम्मीद है कि जैसे-जैसे प्लांट उपयोग बढ़ेगा और वैल्यू-ऐडेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ेगी, EBITDA मार्जिन में भी सुधार आएगा. Greenpanel का टारगेट मीडियम टर्म में 15% से अधिक का EBITDA मार्जिन हासिल करना है. PL Capital का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
| पैरामीटर | FY26-28 CAGR |
| Revenue | 20.30% |
| EBITDA | 74.60% |
| PAT | 219.60% |
| MDF Volume | 19% |
खास बात यह है कि ब्रोकरेज को कंपनी के शुद्ध मुनाफे (PAT) में 200% से ज्यादा CAGR की उम्मीद है, जो किसी भी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के लिए बेहद मजबूत ग्रोथ मानी जाती है.
Greenpanel की निवेश कहानी फिलहाल तीन बड़े पिलर्स पर निर्भर करती है- MDF इंडस्ट्री में मजबूत मांग, कंपनी का ऑपरेशनल टर्नअराउंड और बढ़ती यूटिलाइजेशन कैपेसिटी. अगर कंपनी बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल करने, वॉल्यूम बढ़ाने और 15% से ज्यादा EBITDA मार्जिन हासिल करने में सफल रहती है, तो आने वाले सालों में इसकी कमाई में तेज उछाल देखने को मिल सकता है.