&format=webp&quality=medium)
SAIL पर ब्रोकरेज की राय साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटी हुई है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Gemini)
Maharata PSU Stock: सरकारी स्टील कंपनी स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शेयरों में सोमवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कंपनी ने मार्च तिमाही में मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की, लेकिन स्टील स्प्रेड और वॉल्यूम ग्रोथ की स्थिरता को लेकर ब्रोकरेज हाउसेज़ की राय बंटी हुई दिखी. शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 2% गिरकर ₹188.30 तक पहुंच गया. हालांकि बाद में इसमें रिकवरी आई और यह इंट्राडे में ₹194 के हाई स्तर तक पहुंचा.
शेयर फिलहाल करीब ₹192 के आसपास कारोबार कर रहा है. ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि क्या SAIL में अभी और तेजी बाकी है या मौजूदा स्तर पर सतर्क रहने की जरूरत है?
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
स्टील सेक्टर की दिग्गज कंपनी SAIL ने मार्च तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 42% बढ़ा, लेकिन इसके बावजूद ब्रोकरेज हाउसेज़ की राय बंटी हुई नजर आ रही है. कुछ ब्रोकरेज स्टील कीमतों में मजबूती और मार्जिन सुधार को लेकर सकारात्मक हैं, जबकि कई विदेशी संस्थानों को वॉल्यूम ग्रोथ, बढ़ती लागत और भारी कैपेक्स को लेकर चिंता है.
ये भी जरूर पढ़ें- गिरते बाजार में इस फार्मा स्टॉक को खरीदने की होड़, 16% चढ़ा, एक्सपर्ट ने कहा- अभी और भागेगा
जेपी मॉर्गन ने बढ़ाया टारगेट
मॉर्गन स्टैनली को FY27 गाइडेंस पर शक
ग्लोबल ब्रोकरेज Morgan Stanley ने स्टॉक पर अंडरवेट रेटिंग बनाए रखी है और ₹140 का टारगेट दिया है. करंट प्राइस से इसमें 27 फीसदी की गिरावट आ सकती है.
ये भी जरूर पढ़ें- नतीजों के बाद Devyani पर विदेशी ब्रोकरेज बुलिश! 50% तक अपसाइड का अनुमान
Citi ने दी ‘Sell’ रेटिंग?
वहीं, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी ने सरकारी स्टील कंपनी SAIL पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट ₹135 से बढ़ाकर ₹180 किया है. उसके मुताबिक मार्च तिमाही में EBITDA में करीब 53% की सालाना बढ़ोतरी हुई, जिसका बड़ा कारण बेहतर रियलाइजेशन रहा.
| ब्रोकरेज फर्म | रेटिंग | नया टारगेट (₹) | पुराना टारगेट (₹) |
| जेपी मॉर्गन | न्यूट्रल | 170 | 154 |
| मॉर्गन स्टैनली | अंडरवेट | 140 | - |
| सिटी | सेल | 180 | 135 |
| मोतीलाल ओसवाल | बाय | 225 | - |
SAIL के नतीजे बताते हैं कि कंपनी परिचालन में सुधार कर रही है, लेकिन भारी भरकम विस्तार योजनाएं और कच्चे माल की बढ़ती लागत भविष्य की राह को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं. शॉर्ट-टर्म निवेशकों के लिए पहली तिमाही (Q1FY27) में स्टील की ऊंची कीमतों से फायदा मिल सकता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों को कंपनी के कर्ज और कैपेक्स के बीच संतुलन पर पैनी नजर रखनी होगी.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
(डिस्क्लेमर: किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह जी बिजनेस की नहीं है. यह सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट की तरफ से दी जाती है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है. ऐसे में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें)