शेयरखान के रडार पर ये स्टॉक! अमेरिकी कंपनी से मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, एक्सपर्ट्स ने कहा- हो सकता है मोटा मुनाफा

मिराए एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) ने डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स पर 'पॉजिटिव' नजरिया रखते हुए बड़ा टारगेट दिया है. मजबूत ऑर्डर बुक, अंजार प्लांट का विस्तार और खुद के पाइप बनाने की योजना कंपनी की ग्रोथ को रफ्तार देगी.
शेयरखान के रडार पर ये स्टॉक! अमेरिकी कंपनी से मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, एक्सपर्ट्स ने कहा- हो सकता है मोटा मुनाफा

शेयरखान के रडार पर है Dee Development Engineers के शेयर. (Image Source- AI)

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी खबर निकलकर आ रही है. अगर आप पाइपिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर पर नजर रखते हैं, तो 'डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स' (Dee Development Engineers) का नाम आपने जरूर सुना होगा.

हाल ही में मिराए एसेट शेयरखान (Mirae Asset Sharekhan) के एक्सपर्ट्स ने कंपनी के मैनेजमेंट से मुलाकात की और उनके अंजार स्थित नए प्लांट का दौरा किया. इस दौरे के बाद जो आंकड़े और भविष्य की योजनाएं सामने आई हैं, वे काफी उत्साहित करने वाली हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कंपनी के अंदर क्या चल रहा है और एक्सपर्ट्स इसे लेकर इतने पॉजिटिव क्यों हैं.

कैसा है कंपनी का बिजनेस और ऑर्डर बुक?

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कंपनी का मौजूदा मार्केट प्राइस (CMP) 278.15 रुपये के आसपास है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 12 से 15 महीनों में यह 340 रुपये का स्तर छू सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक. फिलहाल कंपनी के पास 1900 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स हाथ में हैं, जो अगले दो साल तक की कमाई की गारंटी देते हैं.

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इसमें सबसे खास है अमेरिका की एक दिग्गज कंपनी से मिला 364 करोड़ रुपये का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट. यह कॉन्ट्रैक्ट 'हीट रिकवरी स्टीम जनरेटर' (HRSG) पाइपिंग सप्लाई के लिए है. इसके अलावा, पावर डिवीजन और ऑयल एंड गैस सेक्टर से भी लगातार नए ऑर्डर्स मिल रहे हैं.

अंजार प्लांट और बैकवर्ड इंटीग्रेशन का खेल

कंपनी ने अंजार में अपने प्लांट का विस्तार पूरा कर लिया है, जिसकी क्षमता अब 30,000 टन हो गई है. यह प्लांट कांडला पोर्ट के पास है, जिससे कंपनी को सामान भेजने के खर्च (Logistics Cost) में बड़ी बचत होगी. सबसे दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने 'बैकवर्ड इंटीग्रेशन' पर काम शुरू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब कंपनी ऊंचे स्पेसिफिकेशन वाले सीमलेस पाइप खुद बनाएगी.

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इसके लिए 90 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. जब यह पूरी क्षमता पर काम करेगा, तो अकेले इससे 450 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिल सकता है. खुद पाइप बनाने से कंपनी की दूसरों पर निर्भरता खत्म होगी और मुनाफे का मार्जिन भी बढ़ेगा.

भविष्य के बड़े लक्ष्य

मैनेजमेंट काफी भरोसे में नजर आ रहा है. उनका लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक 1,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है. वहीं, 2030 तक कंपनी का इरादा 2,500 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचने का है. कंपनी को उम्मीद है कि वह 18-20% का मार्जिन बरकरार रख पाएगी. हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) की वजह से सामान भेजने में कुछ देरी हुई है, जिससे वित्त वर्ष 2026 की कमाई में 20-30 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है, लेकिन यह सिर्फ देरी है, नुकसान नहीं.

निवेशकों के लिए क्या है खास?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का मुनाफा (PAT) साल 2025 से 2028 के बीच 61% की रफ्तार से बढ़ सकता है. अगर वैल्युएशन की बात करें, तो यह शेयर अपने भविष्य की अनुमानित कमाई के मुकाबले काफी आकर्षक दाम पर मिल रहा है. एंट्री बैरियर भी इस बिजनेस की एक बड़ी ताकत है, क्योंकि इस तरह के क्रिटिकल पाइपिंग प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत सारे सर्टिफिकेशन और प्री-क्वालिफिकेशन की जरूरत होती है, जो हर किसी के पास नहीं होते.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

FAQs

Q: शेयरखान ने डी पाइपिंग सिस्टम्स के लिए कितना टारगेट प्राइस दिया है?
A: शेयरखान ने इस शेयर के लिए 340 रुपये का रिवाइज्ड प्राइस टारगेट दिया है.

Q: कंपनी के पास फिलहाल कितने रुपये के ऑर्डर्स मौजूद हैं?
A: कंपनी के पास वर्तमान में लगभग 1900 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो अगले दो सालों की रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है.

Q: अंजार प्लांट के विस्तार से कंपनी को क्या फायदा होगा?
A: अंजार प्लांट की क्षमता अब 30,000 टन हो गई है. पोर्ट के पास होने से लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और यह मुख्य रूप से ऑयल एंड गैस सेक्टर के ऑर्डर्स पूरे करेगा.

Q: बैकवर्ड इंटीग्रेशन क्या है और इससे कितना टर्नओवर संभावित है?
A: कंपनी अब खुद हाई-स्पेसिफिकेशन सीमलेस पाइप बनाएगी. इस प्रोजेक्ट से फुल यूटिलाइजेशन पर लगभग 450 करोड़ रुपये का टर्नओवर मिलने की उम्मीद है.

Q: मैनेजमेंट ने साल 2030 के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
A: मैनेजमेंट का लक्ष्य साल 2030 तक 2,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 18-20% का मार्जिन हासिल करने का है.

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