गर्मी के मौसम में कमाल कर सकता है दिग्गज AC कंपनी का शेयर, 5 में 4 ब्रोकरेज ने दी BUY की सलाह

Tata Group Stock: नतीजों के बाद वोल्टास पर कई विदेशी ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग तो बरकरार रखी, लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिए. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका है या फिर अभी इंतजार करना बेहतर होगा?
गर्मी के मौसम में कमाल कर सकता है दिग्गज AC कंपनी का शेयर, 5 में 4 ब्रोकरेज ने दी BUY की सलाह

Voltas पर ब्रोकरेज का नजरिया पूरी तरह निगेटिव नहीं है. (प्रतीकात्मक फोटो)

Voltas Share Price: भीषण गर्मी, बढ़ती AC डिमांड और प्राइस हाइक के बावजूद वोल्टास (Voltas) के चौथी तिमाही (Q4) नतीजों ने बाजार को मिला-जुला संकेत दिया है. कंपनी की सेल्स उम्मीद के मुताबिक रहीं, लेकिन कमजोर मार्जिन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. यही वजह है कि कई विदेशी ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग तो बरकरार रखी, लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिए. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका है या फिर अभी इंतजार करना बेहतर होगा?

Q4 में क्या रहा सबसे बड़ा झटका?

Voltas का ऑपरेशनल प्रदर्शन बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा. खास तौर पर मार्जिन पर दबाव साफ दिखाई दिया. ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका बड़ा कारण बढ़ती कमोडिटी लागत और करेंसी हेडविंड रहा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि कंपनी की चैनल इन्वेंट्री अब सामान्य स्तर पर आ चुकी है.

Jefferies के मुताबिक इन्वेंट्री 35-40 दिनों पर आ गई है. Citi के अनुसार यह करीब 30 दिनों तक घट चुकी है. यह संकेत देता है कि बाजार में डिमांड बनी हुई है और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में दबाव कम हो रहा है.

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गर्मी बनेगी सबसे बड़ा ट्रिगर?

ब्रोकरेज हाउस जेफरीज का मानना है कि FY27 में रूम एयर कंडीशनर (RAC) बाजार 15-20% तक बढ़ सकता है. भारत में लगातार बढ़ते तापमान, शहरीकरण और प्रीमियम AC की मांग Voltas जैसी कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बन सकती है.

सिटी के मुताबिक, कंपनी ने Q4 में 9-12% तक प्राइस हाइक भी की है. इससे आने वाले समय में राजस्व मजबूत रहने की उम्मीद है. हालांकि, लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण आगे कीमतें और बढ़ानी पड़ सकती हैं.

ब्रोकरेज हाउस क्यों अब भी बुलिश हैं?

कमजोर मार्जिन के बावजूद ज्यादातर विदेशी ब्रोकरेज ने Buy रेटिंग बरकरार रखी है. इसकी वजह है-

  • AC इंडस्ट्री में मजबूत ग्रोथ आउटलुक
  • डिमांड रिकवरी
  • इन्वेंट्री का सामान्य होना
  • प्राइस हाइक का फायदा
  • लंबी अवधि में मार्जिन सुधार की उम्मीद

किस ब्रोकरेज का क्या नजरिया?

जेफरीज ने Voltas पर BUY की रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन टारगेट प्राइस पहले के 1550 रुपए से घटाकर 1530 रुपए कर दिया. करंट प्राइस से इसमें 22 फीसदी से ज्यादा बढ़त की संभावना है.

वहीं, सिटी ने Voltas पर BUY रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन टारगेट में कटौती की है. पहले के 1900 रुपए से कम कर 1550 रुपए कर दिए हैं. टारगेट प्राइस में 18 फीसदी से ज्यादा की कटौती की गई है. हालांकि, करंट प्राइस से स्टॉक में 23.5 फीसदी का अपसाइड दिख सकता है.

UBS में वोल्टास पर खरीद की राय को बरकरार रखा है. साथ ही टारगेट प्राइस 1625 रुपए से कम कर 1540 रुपए किया है.

जबकि CLSA ने Voltas पर Reduce पर रेटिंग को बनाए रखा है. स्टॉक के लिए टारगेट पहले के 1150 रुपए से घटाकर 1100 रुपए कर दिए हैं. स्टॉक में 12 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है.

हालांकि, HSBC ने वोल्टास पर अपनी खरीद की सिफारिश को बरकरार रखा है, लेकिन टारगेट 1510 रुपए से घटाकर 1500 रुपए कर दिया. इसमें आगे 20 फीसदी तक बढ़त की संभावना है.

स्टॉकब्रोकरेजरेटिंगनया टारगेट (₹)पुरना टारगेट (₹)
वोल्टासजेफरीजBuy15501900
सिटीBuy15301550
यूबीएसBuy15401625
सीएलएसएReduce11001150
एचएसबीसीBuy15001510

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मौजूदा स्तरों पर बाजार Voltas को लेकर दो हिस्सों में बंटा दिखाई दे रहा है. एक तरफ मजबूत डिमांड और उद्योग की ग्रोथ कहानी है, दूसरी तरफ कमजोर मार्जिन और बढ़ती लागत का दबाव.

लॉन्ग-टर्म के निवेशकों के लिए AC सेक्टर की ग्रोथ आउटलुक अभी भी मजबूत मानी जा रही है. भारत में AC पेनिट्रेशन अभी भी कम है, जिससे आने वाले वर्षों में Voltas जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है.

FII-DII का भरोसा बढ़ा

टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas पर विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. मार्च तिमाही में FII की हिस्सेदारी पहले के 18.41 फीसदी से बढ़कर 18.45 फीसदी हो गई. जबकि DII की हिस्सेदारी पहले के 37.24 फीसदी से बढ़कर 38.40 फीसदी हो गई. प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 30.30 फीसदी पर बरकरार है. वोल्टास में LIC की हिस्सेदारी 7.97 फीसदी है.

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, Voltas पर ब्रोकरेज का नजरिया पूरी तरह निगेटिव नहीं है. कमजोर तिमाही के बावजूद अधिकांश संस्थाएं मानती हैं कि डिमांड और इंडस्ट्री ग्रोथ आने वाले समय में स्टॉक को सहारा दे सकती है.

(डिस्क्लेमर: किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह जी बिजनेस की नहीं है. यह सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट की तरफ से दी जाती है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है. ऐसे में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें)

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