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Bank of America ने इन 2 शेयरों पर लगाया दांव. (Image Source-AI)
इजरायल-ईरान युद्ध की खबरों ने पूरी दुनिया के शेयर बाजारों की नींद उड़ा रखी है. हर तरफ अनिश्चितता का माहौल है और निवेशक इस उलझन में हैं कि अपना पैसा कहां सुरक्षित रखें.
लेकिन इसी शोर-शराबे के बीच दुनिया की मानी-जानी ब्रोकरेज फर्म Bank of America (BofA) ने भारतीय बाजार पर बड़ा दांव खेला है. उनका मानना है कि अगर आप सही समय पर सही जगह निवेश करते हैं, तो बाजार की इस हलचल में भी बड़ा रिवॉर्ड मिल सकता है.
किन दो कंपनियों पर Bofa की राय?
ब्रोकरेज की नजर इस समय दो ऐसी कंपनियों पर है जिनका अपने सेक्टर में दबदबा है. पहली है वरुण बेवरेजेस, जो बेवरेज सेक्टर की दिग्गज है और दूसरी है अपोलो हॉस्पिटल्स, जो देश की बड़ी हेल्थकेयर चेन चलाती है. आइए समझते हैं कि आखिर इन दोनों शेयरों में ब्रोकरेज को इतनी चमक क्यों दिखाई दे रही है.
| वरुण बेवरेजेस (VBL) | 403 | 550 | ~36% | Buy | गर्मी की डिमांड, केन्या विस्तार और स्नैक्स/बीयर बिजनेस |
| अपोलो हॉस्पिटल्स (APHS) | 7431 | 9600 | ~25%+ | Buy | डिजिटल बिजनेस मुनाफा, मार्जिन सुधार और हेल्थको री-रेटिंग |
वरुण बेवरेजेस (Varun Beverages) का शेयर फिलहाल 403 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, लेकिन Bank of America ने इसे लेकर काफी सकारात्मक रुख अपनाया है. ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर 'Buy' की रेटिंग बरकरार रखते हुए 550 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है. यानी यहां से ऊपर जाने की काफी गुंजाइश दिख रही है.
कमाई की जबरदस्त क्षमता: कंपनी की ग्रोथ रेट दहाई के अंकों (teens) में रहने की उम्मीद है. यह ग्रोथ तब है जब अभी नए बिजनेस विस्तार के फायदे जुड़ना बाकी हैं.
पीक सीजन की तैयारी: भारत में गर्मियों का सीजन अब चरम पर पहुंचने वाला है. कंपनी ने इसके लिए अपने पोर्टफोलियो को पहले से ही मजबूत कर लिया है ताकि डिमांड और कंपटीशन दोनों को संभाला जा सके.
वैल्यूएशन का फायदा: कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन इसके पुराने रिकॉर्ड और साथी कंपनियों के मुकाबले काफी आकर्षक लग रही है.
वरुण बेवरेजेस अब सिर्फ कोल्ड ड्रिंक्स तक सीमित नहीं रह गई है. कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है जिसका फायदा लंबे समय में निवेशकों को मिलने वाला है.
विस्तार की मुख्य बातें-
ग्लोबल पहुंच: कंपनी का विदेशी कारोबार फिलहाल स्थिर है और केन्या जैसे नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उसकी एंट्री काफी सफल रह सकती है.
नया सेगमेंट: कंपनी अब स्नैक्स और बीयर जैसे नए क्षेत्रों में भी अपने कदम आगे बढ़ा रही है.
लॉन्ग टर्म गेन: नए बाजारों और नए प्रोडक्ट्स से होने वाली कमाई आने वाले सालों में कंपनी के मुनाफे को और ऊपर ले जाएगी.
हेल्थकेयर सेक्टर में Bank of America की पहली पसंद अपोलो हॉस्पिटल्स (APHS) है. फिलहाल यह शेयर 7431 रुपये के भाव पर है, लेकिन ब्रोकरेज ने इसका टार्गेट 9600 रुपये तय किया है. उनका मानना है कि इस स्टॉक में 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी आने की पूरी संभावना है.
शेयर के लिए बड़े ट्रिगर्स-
मार्जिन में सुधार: पुराने हॉस्पिटल नेटवर्क से होने वाला मुनाफा अब नए हॉस्पिटल्स के शुरुआती नुकसान को कवर कर रहा है. इससे कंपनी का ओवरऑल मार्जिन बेहतर होगा.
डिजिटल बिजनेस का जादू: कंपनी का डिजिटल सेगमेंट बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. उम्मीद है कि साल 2027 की पहली तिमाही तक यह घाटे से बाहर आकर मुनाफे की स्थिति में होगा.
टॉप पिक रेटिंग: ब्रोकरेज ने इसे अपने सेक्टर का 'Top Pick' बताया है, जो इसकी मजबूती को दिखाता है.
अपोलो हॉस्पिटल्स का एक और पहलू है 'अपोलो हेल्थको'. ब्रोकरेज का कहना है कि इसका ऑपरेटिंग मॉडल बिल्कुल रिटेल कंपनियों जैसा है. अगर इसकी वैल्यूएशन को सही नजरिए से देखा जाए, तो यह मौजूदा अनुमानों से कहीं ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है. यही वजह है कि जानकार इस शेयर पर दांव लगाने की सलाह दे रहे हैं.
युद्ध और तनाव के समय में अक्सर वही कंपनियां टिक पाती हैं जिनका कामकाज बुनियादी तौर पर मजबूत होता है. Bank of America की यह रिपोर्ट साफ इशारा करती है कि वरुण बेवरेजेस और अपोलो हॉस्पिटल्स इस समय रिस्क और रिवॉर्ड के मामले में निवेशकों के पक्ष में खड़े हैं.
वरुण बेवरेजेस का कंजप्शन सेक्टर और अपोलो का हेल्थकेयर सेक्टर दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी मांग कभी कम नहीं होती. हालांकि, बाजार के हालातों को देखते हुए निवेश का फैसला हमेशा अपनी समझ और एक्सपर्ट की सलाह से ही लेना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)