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Stocks to BUY: शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के नतीजे आने के साथ ही ऑफिशियली तीसरी तिमाही के नतीजों का सीजन शुरू हो गया है. सोमवार को TCS, HCL Tech ने अपने नतीजे जारी किए थे और दोनों ही कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे. मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने अपने रिजल्ट रिव्यू सेगमेंट में दोनों ही कंपनियों के नतीजों का रिव्यू किया है और आज इनके फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह दी है. अगर आप इंट्राडे प्रॉफिट के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, तो दोनों के लेवल्स चेक कर सकते हैं.
अनिल सिंघवी ने टीसीएस के फ्यूचर्स में खरीदारी की राय दी है. स्टॉपलॉस 3190 पर रखना है. टारगेट प्राइस 3265, 3290 पर रखना है. उनका कहना है कि कंपनी के नतीजे अनुमान के मुतबिक रहे. कोई Disappointment नहीं दिखा. दरअसल, उम्मीदें ही कम थीं इसलिए कोई निराशा नहीं मिली. मार्जिन स्टेबल लेकिन आटलुक और गाइडेंस मजबूत है.
TCS के Q3FY26 के नतीजे ऑपरेशनल स्तर पर उम्मीद से बेहतर रहे हैं. कंपनी की रेवेन्यू और EBIT दोनों में अनुमान से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि मार्जिन पूरी तरह स्थिर रहे हैं. हालांकि मुनाफे यानी PAT में गिरावट आई है, जिसकी वजह रोजमर्रा का कारोबार नहीं बल्कि कुछ एक-बार के खर्च रहे हैं.
कंपनी की कुल आय 67,087 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही के 65,799 करोड़ रुपये से करीब 2 फीसदी ज्यादा है. यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBIT 16,889 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही आधार पर 2 फीसदी की बढ़त दिखाता है और अनुमान से ऊपर है. ऑपरेटिंग मार्जिन 25.2 फीसदी पर स्थिर रहा, यानी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ.
वहीं नेट प्रॉफिट 10,657 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 12,075 करोड़ रुपये से करीब 11.7 फीसदी कम है. कंपनी ने नए लेबर कोड के असर को देखते हुए 2,128 करोड़ रुपये का खर्च माना है. इसके अलावा अमेरिका के नॉर्थ टेक्सास में चल रहे CSC केस से जुड़े एक लीगल क्लेम के लिए 1,010 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
बिजनेस हाइलाइट्स की बात करें तो TCS की सालाना AI सर्विसेज रेवेन्यू 1.8 अरब डॉलर पर पहुंच गई है, जो सीक्वेंशियल आधार पर 17.3 फीसदी की मजबूत बढ़त दिखाती है. तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 9.3 अरब डॉलर रहा. भारत में रेवेन्यू 8 फीसदी बढ़ा है. लैटिन अमेरिका में 4.6 फीसदी और मिडिल ईस्ट-अफ्रीका में 3.2 फीसदी की बढ़त रही. नॉर्थ अमेरिका में मामूली 0.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि यूके में 1.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. कॉन्टिनेंटल यूरोप में रेवेन्यू 1.4 फीसदी बढ़ा है. Q3FY26 के अंत में TCS का कुल हेडकाउंट 5,82,163 रहा, जो पिछली तिमाही में 5,93,314 था. डॉलर के लिहाज से कंपनी का रेवेन्यू 7.51 अरब डॉलर रहा, जो पिछली तिमाही के 7.47 अरब डॉलर से 0.6 फीसदी ज्यादा है.
अनिल सिंघवी ने एचसीएल टेक के फ्यूचर्स में खरीदारी की राय दी है. स्टॉपलॉस 1634 पर रहेगा. टारगेट प्राइस 1675, 1690, 1710 पर रखा है. सिंघवी ने कहा कि कंपनी ने दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाया है. ऑपरेशनल नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे. TCS से बेहतर नतीजे रहे. अब स्टॉक में री-रेटिंग की उम्मीद दिखाई दे रही है.
HCL Tech के Q3FY26 के नतीजे ऑपरेशनल तौर पर मजबूत रहे हैं. कंपनी की आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट दोनों में अनुमान से बेहतर बढ़ोतरी देखने को मिली है. खास बात यह रही कि मार्जिन में भी सुधार हुआ है. हालांकि नेट प्रॉफिट में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिसकी वजह एक बार का खर्च रहा है.
कंपनी की रेवेन्यू 33,872 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही के 31,942 करोड़ रुपये से करीब 6 फीसदी ज्यादा है. यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से बेहतर रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBIT 6,285 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही आधार पर 14 फीसदी की मजबूत बढ़त दिखाता है और अनुमान से ऊपर है. ऑपरेटिंग मार्जिन 18.6 फीसदी रहा, जो पिछली तिमाही के 17.2 फीसदी से बेहतर है और कंपनी की गाइडेंस के दायरे में है.
नेट प्रॉफिट 4,082 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 4,236 करोड़ रुपये से करीब 3.6 फीसदी कम है. यह गिरावट कमजोर बिजनेस की वजह से नहीं बल्कि नए लेबर कोड के एक-बार के असर के कारण हुई है. कंपनी ने इसके लिए 956 करोड़ रुपये का खर्च माना है. इसके अलावा कर्मचारी लाभ से जुड़ा खर्च भी बढ़ा है, जो पिछली तिमाही के 18,301 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,867 करोड़ रुपये हो गया है.
बिजनेस हाइलाइट्स पर नजर डालें तो एडवांस्ड AI से कंपनी की रेवेन्यू 146 मिलियन डॉलर रही, जो कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर तिमाही दर तिमाही करीब 19.9 फीसदी बढ़ी है. कंपनी का कुल कर्मचारी बल 2,26,379 पर पहुंच गया है, जिसमें इस तिमाही 261 कर्मचारियों की नेट बढ़ोतरी हुई है. पिछले 12 महीनों का एट्रिशन रेट 12.4 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13.2 फीसदी था, यानी कर्मचारियों के छोड़ने की रफ्तार में कमी आई है.
ऑर्डर बुक भी मजबूत नजर आ रही है. Q3 में HCL Tech का नया डील विन्स यानी TCV 3.006 अरब डॉलर रहा, जो पिछली तिमाही से करीब 17 फीसदी ज्यादा है. अब कंपनी को उम्मीद है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर कुल रेवेन्यू 4 से 4.5 फीसदी बढ़ेगा, जो पहले 3 से 5 फीसदी के दायरे में था. सर्विसेज बिजनेस के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 4.75 से 5.25 फीसदी कर दी गई है. मार्जिन गाइडेंस को 17 से 18 फीसदी पर बरकरार रखा गया है.