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Stock to Buy
Stock to Buy: घरेलू ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज (SBI Securities) ने BSE 200 में शामिल ऑटो कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) में खरीद की सलाह दी है. ब्रोकरेज ने Q1 में कंपनी के बेहतर प्रदर्शन के बाद स्टॉक पर अपनी राय दी है. ब्रोकरेज के मुताबिक, पहली तिमाही में कंपनी ने मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल (MHCV) सेगमेंट में 31.1% बाजार हिस्सेदारी हासिल की है, जो पिछले साल की तुलना में (29.8%) बेहतर है. वहीं, लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) सेगमेंट में भी इसकी हिस्सेदारी 11.7% से बढ़कर 12.9% हो गई है.
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक FY26E/FY27E P/E के 20.8x/18.1x पर ट्रेड कर रहा है. मैनेजमेंट का गाइडेंस मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में सरकारी कैपेक्स में बढ़ोतरी और घोषित ब्याज दरों में कटौती के प्रभाव से MHCV और LCV, दोनों की वैल्यूम में मजबूत सुधार होने की संभावना है. आगे चलकर स्टील की कीमतों में भी नरमी आने की उम्मीद है.
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मीडियम टर्म के लिए स्टॉक का टारगेट प्राइस 135-140 रुपये है. वर्तमान में शेयर का भाव 121.95 रुपये है. इसमें आगे 15 फीसदी का अपसाइड दिख सकता है.
बिक्री और मार्जिन में विस्तार की उम्मीद
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी को वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही (H2FY26) में वॉल्यूम और मार्जिन दोनों में विस्तार की उम्मीद है. MHCV वॉल्यूम में मिड-सिंगल डिजिट ग्रोथ का अनुमान है, जबकि LCV सेगमेंट में यह कुछ ज्यादा हो सकती है.
एक्सपोर्ट मार्केट भी बने सहारा
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनावों के बावजूद अशोक लेलैंड के लिए GCC, SAARC और अफ्रीकी बाजारों में प्रदर्शन संतोषजनक रहा है.
स्टील की कीमतों में गिरावट शुरू
स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी की ग्रॉस मार्जिन तिमाही दर तिमाही स्थिर रही है. इसका कारण बेहतर रियलाइजेशन और मजबूत प्रोडक्ट मिक्स रहा, जिसमें मल्टी-एक्सल वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ी है. जुलाई से स्टील की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है, जिससे भविष्य में लागत दबाव में राहत की उम्मीद है.
बस निर्माण क्षमता में विस्तार
कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 वर्षों में MHCV/LCV ट्रक निर्माण क्षमता में बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है. हालांकि, बस निर्माण क्षेत्र में मांग बढ़ने के कारण कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है.
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility)
कंपनी की EV यूनिट Switch India ने 1QFY26 में PBT पॉजिटिव प्रदर्शन किया है और FY26 में PAT पॉजिटिव होने की राह पर है.

Net Profit: अशोक लेलैंड का चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में मुनाफा 19.44% बढ़कर 657.72 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इस तिमाही में 550.65 करोड़ था.
Revenue: उसकी परिचालन आय 11,708.54 करोड़ रुपए रही जो पिछले साल की इसी तिमाही में 10,696.8 करोड़ रुपए रही थी. कुल व्यय बढ़कर 10,920.53 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले समान तिमाही में यह 9,994.97 करोड़ रुपए था.
स्टॉक का 52 वीक हाई 132.35 रुपये है और लो 95.20 रुपये है. बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 71,621.90 करोड़ रुपये है. स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो बीते 6 महीने में यह 14 फीसदी और इस साल अब तक 10 फीसदी तक बढ़ा है. जबकि पिछले एक साल में शेयर में 1 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, पिछले 2 वर्ष में शेयर ने 30 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है. वहीं, पिछले 3 वर्ष में शेयर 65 फीसदी और 5 वर्ष में 296 फीसदी चढ़ा है.

Q1. SBI Securities ने Ashok Leyland पर क्या राय दी है?
Ans: SBI सिक्योरिटीज ने अशोक लेलैंड में खरीदारी की सिफारिश की है. मीडियम टर्म के लिए स्टॉक का टारगेट प्राइस ₹135-140 रखा गया है
Q2. क्या यह स्टॉक अभी खरीदने लायक है?
Ans: हां, शेयर का वर्तमान भाव ₹122 के आसपास है, जबकि ब्रोकरेज ने 15% तक अपसाइड की संभावना जताई है.
Q3. क्या कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है?
Ans: MHCV 29.8% से बढ़कर 31.1% और LCV 11.7% से बढ़कर 12.9% हुई.
Q4. स्टॉक का वैल्यूएशन कैसा है?
Ans: FY26E/FY27E के आधार पर स्टॉक 20.8x और 18.1x P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो ऑटो सेक्टर के लिए आकर्षक माना जा सकता है.
Q5. क्या स्टील की कीमतों में बदलाव का कंपनी पर असर पड़ा है?
Ans: जुलाई से कीमतों में नरमी शुरू हो गई है, जिससे मार्जिन पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है.
