दमदार नतीजों के बाद 3 ब्रोकरेज बुलिश, Buy की सलाह- 36% तक का अपसाइड, जानें मल्टीबैगर स्टॉक के नए टारगेट प्राइस

इस होटल स्टॉक के मजबूत Q4FY26 नतीजों के बाद जेफरीज, गोल्डमैन सैश और UBS इस होटल स्टॉक पर बुलिश नजर आ रहे हैं. ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर BUY रेटिंग के साथ बड़ा टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 36% अपसाइड दिखाता है.
दमदार नतीजों के बाद 3 ब्रोकरेज बुलिश, Buy की सलाह- 36% तक का अपसाइड, जानें मल्टीबैगर स्टॉक के नए टारगेट प्राइस

मल्टीबैगर होटल स्टॉक में मिलेगा तगड़ा रिटर्न! नतीजों के बाद 3 ब्रोकरेज बुलिश (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/ChatGPT)

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Indian Hotels Company ने हाल ही में चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए. कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अनुमान से अच्छे ही नंबर्स पेश किए. लेकिन बाजार को शायद कंपनी का प्रदर्शन रास नहीं आया. 12 मई के ट्रेडिंग सेशन के दौरान इस होटल स्टॉक में गिरावट दिख रही है. दोपहर 12.30 बजे के आसपास ये शेयर 648 रुपए के भाव पर ट्रेड कर रहा है. इस समय शेयर में 1.82 फीसदी की गिरावट है.

लेकिन तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज इस स्टॉक पर बुलिश होते नजर आ रहे हैं. एक साथ 3 ब्रोकरेज कंपनियों ने इस शेयर पर खरीदारी की राय दी है. साथ ही टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है. इस शेयर पर ब्रोकरेज ने 900 रुपए तक का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा भाव से 36% तक का अपसाइड दिखाता है. जानें ब्रोकरेज का नतीजों पर क्या कहना है और इस शेयर में आगे क्या करना चाहिए?

कितनी ब्रोकरेज बुलिश?

इस शेयर पर एक साथ 3 ब्रोकरेज कंपनियों ने अपनी राय दी है. इसमें Jefferies, Goldman Sachs और UBS बुलिश हैं. इस शेयर पर तीनों ही ब्रोकरेज कंपनियों ने खरीदारी की राय दी है. लॉन्ग टर्म में मुनाफा की स्ट्रैटेजी तैयार करनी है तो इस शेयर में खरीदारी की जा सकती है.

किस टारगेट प्राइस पर करें खरीदारी?

इस टेबल में जो संभावित रिटर्न दी है, वो कल यानी कि 11 मई के क्लोजिंग भाव (661 रुपए) को आधार मानते हुए कैलकुलेट की गई है-

ब्रोकरेजटारगेट प्राइस (रुपए)रेटिंगसंभावित रिटर्न (%)
Jefferies800Buy21.02
Goldman Sachs790Buy19.51
UBS900Buy36.15

Jefferies ने क्या कहा?

  • घरेलू बाजार में डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है.
  • कंपनी ने FY26 में 15% EBITDA ग्रोथ के साथ डबल डिजिट गाइडेंस हासिल किया.
  • FY27 की पहली तिमाही में ट्रैवल डिमांड उम्मीद से ज्यादा मजबूत बनी हुई है.
  • मैनेजमेंट को FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ 12-14% रहने की उम्मीद है.
  • Q1 FY27 में भी कंपनी को 12% से ज्यादा ग्रोथ का भरोसा है.

Goldman Sachs ने क्या कहा?

  • कंपनी का RevPAR सालाना आधार पर 12% बढ़ा, जो पिछली तिमाही के 7% ग्रोथ से ज्यादा तेज रहा.
  • ऑक्यूपेंसी 80% से बढ़कर 82% पर पहुंची, जबकि ARR में 10% की बढ़ोतरी हुई.
  • मजबूत डिमांड की वजह से स्टैंडअलोन रेवेन्यू 12.5% बढ़ा.
  • कंसोलिटेडे RevPAR ग्रोथ भी बढ़कर 10% रही.
  • कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14% बढ़ा और अनुमान से बेहतर रहा.
  • मार्च में जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से MICE इवेंट्स और इंटरनेशनल ट्रैवल पर असर पड़ा.
  • इसके बावजूद घरेलू ट्रैवल डिमांड मजबूत रही, जिससे बिजनेस को सपोर्ट मिला.

UBS क्यों बुलिश?

  • जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद कंपनी ने मजबूत Q4 प्रदर्शन दिया.
  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹27.7 अरब रहा.
  • PAT में 15% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹6 अरब पहुंच गया.
  • कोर होटल RevPAR में 10% और स्टेंडअलोन बेसिस पर 12% की ग्रोथ दर्ज की गई.
  • ARR में मजबूती और ऑक्यूपेंसी 100 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 78% होने से प्रदर्शन बेहतर रहा.
  • वेस्ट एशिया संकट की वजह से मार्च में कंपनी पर ₹40-45 करोड़ का असर पड़ा.
  • EBITDA Margin 35% पर मजबूत बना रहा.
  • मैनेजमेंट फीस में 30% की तेज बढ़ोतरी हुई और यह ₹220 करोड़ पहुंच गई.
  • FY27 में कंपनी को 12-14% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है.
  • घरेलू ट्रैवल डिमांड मजबूत रहने और सीमित नई सप्लाई से ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.

IHCL

Indian Hotels: कैसे रहे तिमाही नतीजे?

रेवेन्यू: Indian Hotels ने Q4FY26 में मजबूत प्रदर्शन किया और कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹2765 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2425 करोड़ था. यह आंकड़ा अनुमानित ₹2681 करोड़ से भी ज्यादा रहा.

EBITDA: कंपनी का EBITDA 13.5% बढ़कर ₹972.65 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹856.78 करोड़ था. EBITDA Margin मामूली गिरावट के साथ 35.2% रहा, जो पिछले साल 35.3% था. हालांकि Margin में 16 बेसिस प्वाइंट की हल्की कमजोरी आई, लेकिन यह अनुमानित 35% से बेहतर रहा.

Net Profit: मुनाफा भी मजबूत बढ़त के साथ 14.8% बढ़कर ₹599.86 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹522.3 करोड़ था. कंपनी का मुनाफा बाजार के अनुमान ₹573 करोड़ से बेहतर रहा.

Dividend: इसके अलावा कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹3.25 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश भी की है.

Indian Hotels के बारे में:

  • भारत की लीडिंग हॉस्पिटैलिटी कंपनियों में से एक है
  • 15 देशों और 250+ Destination में कारोबार
  • अप्रैल 2026 तक 375 ऑपरेशनल होटल्स, लगभग 33000 रूम्स
  • Taj, Vivanta, Gateway or Ginger जैसे ब्रांड्स हिस्सा

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Hotel Sector Stocks में निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

ऑक्यूपेंसी, ARR, RevPAR, डोमेस्टिक ट्रैवल डिमांड और कंपनी के एक्सपेंशन प्लान जैसे फैक्टर्स अहम माने जाते हैं.

Q2 RevPAR क्या होता है और होटल कंपनियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

RevPAR यानी Revenue Per Available Room. यह होटल इंडस्ट्री में कमरे से होने वाली कमाई और डिमांड को मापने का अहम पैमाना है.

Q3 होटल सेक्टर पर जियोपॉलिटिकल तनाव का क्या असर पड़ता है?

ऐसे तनाव से इंटरनेशनल ट्रैवल, MICE इवेंट्स और विदेशी टूरिज्म प्रभावित हो सकता है, जिससे होटल बिजनेस पर असर पड़ता है.

Q4 क्या घरेलू ट्रैवल डिमांड होटल सेक्टर की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है?

हां, मजबूत डोमेस्टिक ट्रैवल और टूरिज्म डिमांड होटल कंपनियों की ऑक्यूपेंसी और रेवेन्यू बढ़ाने में मदद करती है.

Q5 होटल सेक्टर में ARR और ऑक्यूपेंसी क्यों अहम होते हैं?

ARR होटल के कमरे का औसत किराया दिखाता है, जबकि ऑक्यूपेंसी यह बताती है कि कितने कमरे भरे हुए हैं. दोनों मिलकर कंपनी की कमाई और मार्जिन तय करते हैं.

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