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सरकारी गैस कंपनी Indraprastha Gas Limited (IGL) के शेयरों में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 3% की तेजी देखी गई. कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 9% सालाना गिरावट के साथ 349.23 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 382.80 करोड़ रुपए रहा था.
हालांकि, मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी का संचालन मजबूत रहा. IGL की चालू तिमाही में राजस्व 10% बढ़कर 3,950.57 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 3,596.79 करोड़ रुपए था. वहीं, EBITDA में हल्की 5% की गिरावट आई और यह 497.23 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 522.55 करोड़ रुपए था.
ऑपरेशनल मोर्चे पर भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. चौथी तिमाही में कुल बिक्री वॉल्यूम करीब 4% बढ़ा, हालांकि 9.18 एमएमएससीएमडी का वॉल्यूम कंपनी के प्रबंधन द्वारा तय किए गए लक्षित एग्जिट रेट से थोड़ा कम रहा. कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 75% का अंतिम डिविडेंड, यानी प्रति शेयर 1.5 रुपए देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे आगामी वार्षिक आमसभा में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा.
सोमवार को IGL का शेयर 3.14% की बढ़त के साथ 183.80 रुपए पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले सत्र में 178.20 रुपए पर बंद हुआ था. बीते 52 सप्ताह के दौरान कंपनी का शेयर 285.30 रुपए के उच्चतम स्तर और 153.25 रुपए के न्यूनतम स्तर को छू चुका है.
ब्रोकरेज फर्म CLSA ने IGL पर 'Overweight' रेटिंग बरकरार रखी है और 220 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 23% का संभावित रिटर्न दर्शाता है. CLSA ने कहा कि चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ अनुमान से बेहतर रहा, खासतौर पर एकमुश्त प्रोविजन रिवर्सल के चलते. यदि इसे समायोजित किया जाए, तो भी मुनाफा उनके अनुमान से 5% अधिक रहा, मुख्य रूप से यूनिट मार्जिन में सुधार के कारण. कुल मिलाकर, IGL का स्थिर परिचालन प्रदर्शन, डिविडेंड ऐलान और ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना रहा है.