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Vedanta Share Price: दिग्गज मेटल कंपनी Vedanta एक लेटेस्ट खबर के चलते फोकस में आ गई है. निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. मुंबई NCLT ने कंपनी के डीमर्जर प्लान को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद Vedanta का कारोबार अलग-अलग कंपनियों में बंटेगा और सभी यूनिट्स अलग से शेयर बाजार में लिस्ट होंगी. बाजार मान रहा है कि इस कदम से कंपनी की वैल्यू अनलॉक होगी और निवेशकों को लंबे समय में बेहतर रिटर्न का मौका मिल सकता है.
इसके साथ ही ICICI Securities की ओर से कंपनी के शेयर पर BUY की रेटिंग दी है. डीमर्जर की खबर के बीच वेदांता का शेयर मंगलवार को 3% से ज्यादा उछलकर 573 रुपये के लेवल पर गया था, जो इसका 52-वीक हाई है.
मुंबई NCLT की मंजूरी के बाद Vedanta का डीमर्जर अब अगले चरण में जाएगा. डीमर्जर के बाद कंपनी के अलग-अलग बिजनेस जैसे एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, बेस मेटल और आयरन एंड स्टील को अलग-अलग कंपनियों में बदला जाएगा और ये सभी कंपनियां शेयर बाजार में अलग से लिस्ट होंगी. इससे हर बिजनेस की अलग पहचान बनेगी और वैल्युएशन ज्यादा पारदर्शी हो सकेगा.
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Vedanta ने NCLT के फैसले का स्वागत किया है. कंपनी का कहना है कि यह फैसला उसके ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी का अहम हिस्सा है. डीमर्जर के बाद कंपनी पूरी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएगी ताकि शेयरहोल्डर्स को इसका फायदा मिल सके.
Vedanta एक डायवर्सिफाइड नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है, जिसकी मौजूदगी एल्युमीनियम, जिंक, लेड-सिल्वर, ऑयल एंड गैस, पावर, आयरन ओरे और स्टील जैसे सेगमेंट में है. कंपनी भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम प्रोड्यूसर है, जिसकी क्षमता करीब 2.8 MTPA है. साथ ही जिंक और लेड में भी कंपनी की मजबूत पकड़ है और यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सिल्वर प्रोड्यूसर है.
ICICI Securities ने Vedanta पर BUY रेटिंग बनाए रखी है. ब्रोकरेज का टारगेट प्राइस 650 रुपये है, जो मौजूदा भाव 569 रुपये से करीब 14% का अपसाइड दिखाता है. ब्रोकरेज के मुताबिक मजबूत मेटल प्राइस, एल्युमीनियम और जिंक में विस्तार, कंट्रोल्ड कर्ज और करीब 6% का डिविडेंड यील्ड Vedanta को आकर्षक बनाते हैं.
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हाल के महीनों में एल्युमीनियम और जिंक की कीमतों में अच्छी मजबूती देखने को मिली है. अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में एल्युमीनियम करीब 7% और जिंक करीब 13% ऊपर रहा. इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में भी एल्युमीनियम की सप्लाई टाइट रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को और सपोर्ट मिल सकता है. इसका सीधा फायदा Vedanta जैसी कंपनियों को मिलेगा.
Vedanta अपने एल्युमीनियम बिजनेस में कैपेसिटी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है. BALCO में 435 KTPA की नई स्मेल्टिंग कैपेसिटी शुरू की गई है. वहीं झारसुगुड़ा में डिबॉटलनेकिंग के जरिए FY28 तक कुल स्मेल्टिंग कैपेसिटी करीब 3.1 MTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य है. साथ ही वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर भी फोकस बढ़ाया जा रहा है
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Vedanta ने FY22 के बाद से 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑपरेटिंग कैश फ्लो जनरेट किया है. इसकी मदद से कंपनी ने कर्ज घटाया है. सितंबर 2025 तक Net Debt/EBITDA 1.37x पर आ चुका है और FY27 तक इसे करीब 1x तक लाने का लक्ष्य है. बैलेंस शीट मजबूत होने से आगे की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा.
1. Vedanta का डीमर्जर क्यों किया जा रहा है?
हर बिजनेस की अलग वैल्यू दिखाने और वैल्युएशन सुधारने के लिए.
2. डीमर्जर के बाद कितनी कंपनियां लिस्ट होंगी?
कुल 5 अलग-अलग कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी.
3. Vedanta को मेटल्स से क्या फायदा मिल रहा है?
एल्युमीनियम और जिंक की ऊंची कीमतों से कमाई मजबूत हो रही है.
4. कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति कैसी है?
मजबूत कैश फ्लो और घटता कर्ज कंपनी की स्थिति को मजबूत बनाता है.
5. ब्रोकरेज Vedanta पर क्या सलाह दे रहे हैं?
ICICI Securities ने BUY रेटिंग के साथ 650 रुपये का टारगेट दिया है.