गिरते बाजार में दीवार की तरह टिका रहा ये शेयर, अब 21% की तेजी के लिए कर रहा तैयारी, एक्सपर्ट ने बताई वजह

Stock to Buy: इस शेयर में निवेशक शॉर्ट से लॉन्ग टर्म के लिहाज से दांव लगा सकते हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि यह शेयर जब बाजार में तगड़ी गिरावट देखी जा रही थी तब भी यह दीवार की तरह खुद को संभालकर रखने में कामयाब रहा. पिछले 6 महीने में जहां बाजार के दिग्गज शेयर 50% तक टूटकर नीचे आ गए. ये शेयर 0.45% का पॉजिटिव रिटर्न देने में सफल रहा. 
गिरते बाजार में दीवार की तरह टिका रहा ये शेयर, अब 21% की तेजी के लिए कर रहा तैयारी, एक्सपर्ट ने बताई वजह

Stock to Buy: भारतीय शेयर बाजार में फिर उछाल दिखा है और सेंसेक्स और निफ्टी-50 इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं. ऐसे में अगर शेयर बाजार से कमाई करनी है तो एक्सपर्ट या ब्रोकरेज रिपोर्ट की मदद ले सकते हैं. मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन (Sandeep Jain) ने खरीदारी के लिए एक दमदार शेयर को चुना है. इस शेयर में निवेशक शॉर्ट से लॉन्ग टर्म के लिहाज से दांव लगा सकते हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि यह शेयर जब बाजार में तगड़ी गिरावट देखी जा रही थी तब भी यह दीवार की तरह खुद को संभालकर रखने में कामयाब रहा. पिछले 6 महीने में जहां बाजार के दिग्गज शेयर 50% तक टूटकर नीचे आ गए. ये शेयर 0.45% का पॉजिटिव रिटर्न देने में सफल रहा.

क्या है नया टारगेट?

मार्केट एक्सपर्ट संदीप जैन ने खरीदारी के लिए Triveni Engineering and Industries को चुना है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस शेयर में निवेशक दांव लगा सकते हैं. इसके लिए एक्सपर्ट ने निवेशकों को एक टारगेट प्राइस भी दिया है. एक्सपर्ट ने कहा कि वो इस शेयर को एक बार फिर खरीदारी के लिए चुन रहे हैं और हर बार शेयर ने टारगेट प्राइस को अचीव किया है.

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Triveni Engineering and Industries Buy

CMP 404
Target Price 490
Duration 4-6 महीने

क्या करती है कंपनी?

त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड चीनी, इथेनॉल और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में बिजनेस करती है. यह उत्तर प्रदेश के गन्ना-समृद्ध पश्चिमी और मध्य क्षेत्र में रणनीतिक रूप से कार्य कर रही है. कंपनी भारत में चीनी के लिए टॉपी-3 निर्माताओं में से एक है और इथेनॉल के लिए दूसरी सबसे बड़ी सप्लायर है. कंपनी के रिपोर्ट्स बताते हैं कि वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 8.55 लाख टन चीनी बेची, जो वित्त वर्ष 2023 में 10.23 लाख टन से 16% कम है. वित्त वर्ष 2024 में चीनी की औसत कीमत 38,175 रुपये प्रति मीट्रिक टन रही, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 36,070 रुपये प्रति मीट्रिक टन थी, लेकिन इसके बावजूद राजस्व में सालाना आधार पर 12% की गिरावट आई. वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कीमत बढ़कर 39,035 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गई.

कैसे हैं कंपनी के फंडामेंटल्स?

ये स्टॉक 41 के पीई मल्टीपल पर ट्रेड करता है. जीरो डेट कंपनी है. ROE 10 फीसदी है. वहीं कंपनी के प्रॉफिट की बात करें तो पिछले पांच साल में यानी 2020 से 2024 में इसका मुनाफा 335 करोड़ रुपए से बढ़कर 395 करोड़ रुपए हो गया है. हालांकि ध्यान देने वाली बात ये है कि कंपनी को 2023 में 1792 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था. इसके अलावा एक निगेटिव प्वाइंट ये है कि कंपनी सितंबर 2024 की तिमाही में 22 करोड़ के नेट लॉस के साथ कारोबार करती नजर आई थी. हालांकि कंपनी ने इसे दिसंबर तिमाही में रिकवर करते हुए 42 करोड़ रुपए का नेट मुनाफा बनाया था. कंपनी में प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग्स 60 फीसदी है.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

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