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Voltas Share Price: BSE 200 में शामिल टाटा ग्रुप की होम अप्लायंस कंपनी वोल्टास लिमिटेड (Voltas) के तिमाही नतीजे (Q2FY26) कमजोर रहे, जिससे कंपनी के कोर सेगमेंट में बड़ी चुनौतियों का संकेत मिला है. खराब मार्जिन, UCP सेगमेंट में तेज गिरावट और कमजोर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस ने कंपनी के मुनाफे पर भारी असर डाला. एक दशक में पहली बार इस सेगमेंट में EBIT में नुकसान हुआ है. कमजोर नतीजे के बाद वोल्टास पर ब्रोकरेज हाउस का मिला-जुला रुख है. वोल्टास के लिए, आगे की राह त्योहारी सीजन के बाद मांग की रिकवरी पर निर्भर करेगी.
वोल्टास ने Q2 FY26 के लिए ₹31-34 करोड़ का कंसोलिडेटेड दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹133 करोड़ की तुलना में लगभग 76% की भारी गिरावट है. वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में वोल्टास की परिचालन आय 10.37% घटकर 2,347.32 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,619.11 करोड़ रुपये थी. वोल्टास का कुल व्यय चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.65% घटकर 2,321.29 करोड़ रुपये रहा.
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान वोल्टास की कुल आय 11.47% घटकर 2,411.93 करोड़ रुपये रह गई.वित्तीय नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के एमडी मुकुंदन मेनन सी पी ने कहा, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही बाहरी चुनौतियों से भरी रही, लेकिन हमारी बुनियादी बातें मजबूत बनी हुई हैं.
RAC (UCP) सेगमेंट में गिरावट- यूनिफाइड कूलिंग प्रोडक्ट्स (UCP), जिसमें मुख्य रूप से RAC शामिल हैं, का राजस्व 23% घटकर लगभग ₹1,215 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,582 करोड़ था.
EBIT नुकसान- सबसे महत्वपूर्ण चिंता यह है कि UCP सेगमेंट में ₹46 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी सेगमेंट में ₹116 करोड़ का मुनाफा हुआ था. यह एक दशक में पहली बार है कि इस प्रमुख सेगमेंट को परिचालन स्तर पर घाटा हुआ है.
कमजोर मांग के कारण- कंपनी ने कमजोर नतीजों के लिए मुख्य रूप से जल्दी मानसून के कारण गर्मी के मौसम का छोटा होना और GST दर में कटौती के कारण ग्राहकों द्वारा खरीद को टालने को जिम्मेदार ठहराया है. नए विनिर्माण सुविधाओं में उच्च मार्केटिंग लागत और अंडर ऑबर्जवेशन भी मार्जिन को प्रभावित किया.
EMPS का सहारा- हालांकि, कंपनी के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स और सर्विसेज (EMPS) बिजनेस ने स्थिरता प्रदान की. इस सेगमेंट का राजस्व लगभग 10% बढ़कर ₹966 करोड़ हो गया और लाभ लगभग दोगुना होकर ₹92 करोड़ हो गया, जिससे कंपनी के कुल परिणाम को कुछ हद तक सहारा मिला.
Jefferies ने वोल्टास के शेयर बाय की रेटिंग बनाए रखा है और टारगेट प्राइस ₹1670 तय किया है. उसने कहा, वोल्टास के तिमाही नतीजे उनके अनुमान से कमजोर रहे, खासकर मार्जिन फ्रंट पर बड़ा असर दिखा.कंसॉलिडेटेड बिक्री ₹2,340 करोड़, सालाना आधार पर 10% गिरावट, लेकिन अनुमान के अनुरूप. OPM 3%, जो सालाना 320 bps कम है- यह सबसे बड़ा मिस रहा और इसका RPAT पर बड़ा प्रभाव पड़ा. RPAT ₹34.3 करोड़, जो 74% YoY की भारी गिरावट है. UCP सेगमेंट की बिक्री में 23% की गिरावट, और EBIT स्तर पर नुकसान एक दशक में पहली बार है. ब्रोकरेज का मानना है कि डिमांड रिकवरी और फेस्टिव सीजन के बाद के ट्रेंड्स स्टॉक के लिए अहम रहेंगे.
Macquarie का कहना है कि UCP सेगमेंट की कमजोरी वोल्टास के लिए सबसे बड़ी चिंता है. लगातार कमजोर मांग के बावजूद कंपनी ने QoQ मार्केट शेयर में सुधार दर्ज किया है.नए सुविधाओं में लागत का अंडर ऑबजर्वेशन EBIT लॉस का मुख्य कारण रहा. प्रोजेक्ट बिजनेस (EMP) में अच्छा प्रदर्शन दिखा, खासकर डोमेस्टिक एक्सक्यूशन के चलते रहा. ब्रोकरेज का कहना है कि जब तक कुलिंग प्रोडक्ट डिमांड में मजबूत सुधार नहीं दिखता, तब तक रेटिंग न्यूट्रल ही उचित है.
| Brokerage | Rating | Target Price (₹) |
|---|---|---|
| Morgan Stanley | Equal-weight | 1501 |
| Jefferies | Buy | 1670 |
| Macquarie | Neutral | 1358 |
| CLSA | Hold | 1170 |
CLSA ने तिमाही परिणामों को शार्प मिस बताया. UCP सेगमेंट में 23% YoY गिरावट, और 3.8% का कंट्रिब्यूशन लॉस- यह 10 साल में पहली बार है जब इस सेगमेंट ने घाटा दिखाया. EMP डिवीजन ने बेहतर प्रदर्शन किया- 10% YoY रेवेन्यू ग्रोथ और 9.5% मार्जिन के साथ. कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी की बिक्री 10% घटी और Ebitda में 57% की गिरावट आई, मार्जिन सिर्फ 3% रहा. CLSA ने कहा कि कंपनी की कमेंट्री, चैनल इन्वेंट्री और त्योहारों के बाद की मांग रिकवरी पर विशेष ध्यान रखना होगा.
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