Motilal Oswal ने पहली बार चुना ये शेयर, दिया 59% का बड़ा टारगेट

Stock to Buy: ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, ठोस विकास योजनाओं और वित्तीय मजबूती के चलते ACME Solar के शेयर में 59% तक का उछाल देखने को मिल सकता है.
Motilal Oswal ने पहली बार चुना ये शेयर, दिया 59% का बड़ा टारगेट

Stock to Buy: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी ACME Solar Holdings पर अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें इस स्टॉक को "BUY" की रेटिंग दी गई है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मजबूत रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, ठोस विकास योजनाओं और वित्तीय मजबूती के चलते इसके शेयर में 59% तक का उछाल देखने को मिल सकता है.

ACME Solar Holdings के लिए कैसा है आउटलुक?

ACME सोलर होल्डिंग्स भारत की अग्रणी अक्षय ऊर्जा कंपनियों में से एक है, जिसका कुल पोर्टफोलियो लगभग 7 गीगावाट (GW) का है. इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड ऊर्जा और फर्म एवं डिस्पैचेबल अक्षय ऊर्जा (FDRE) परियोजनाएं शामिल हैं. वर्तमान में, ACME के पास लगभग 2.5 GW की परिचालन क्षमता है, जबकि 4.4 GW की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं या पाइपलाइन में हैं. कंपनी का 86% पोर्टफोलियो SECI, NTPC, SJVN और NHPC जैसी सरकारी कंपनियों को अनुबंधित किया गया है, जिससे इसके कैश फ्लो में जोखिम कम हो जाता है.

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भविष्य की योजनाएं और विकास दर

मोतिलाल ओसवाल के अनुसार, ACME की EBITDA वृद्धि दर FY24-FY27 के बीच 52% तक रहने की संभावना है. कंपनी FY25 की चौथी तिमाही से लेकर FY27 तक 3.93 GW क्षमता को चालू करने की योजना बना रही है. अनुमान के मुताबिक, कंपनी की EBITDA मार्जिन 87%-89% के स्थिर स्तर पर बनी रहेगी, जो उद्योग में अन्य खिलाड़ियों के बराबर है.

ACME Solar Holdings Target Price & Valatuation

Motilal Oswal ने इस शेयर पर ₹330 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जोकि 4 फरवरी की क्लोजिंग के मुकाबले 59% का अपसाइड टारगेट है. ACME के वैल्यूएशन को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि यह NTPC ग्रीन एनर्जी, JSW एनर्जी और टाटा पावर जैसी अन्य अक्षय ऊर्जा कंपनियों की तुलना में डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, कंपनी की खुद की EPC और O&M सेवाएं होने के कारण इसकी लागत बचत बेहतर है, जिससे यह प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले अधिक लाभ उठा सकती है.

कंपनी के सामने क्या हैं चुनौतियां?

PPA साइनिंग में देरी बड़ी चुनौती है. कंपनी को अपने निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए समय पर बिजली खरीद समझौतों (PPA) की जरूरत होगी. अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है. कंपनी की नेट डेब्ट/EBITDA अनुपात FY27 में 11.1x रहने की उम्मीद है, जो अधिक पूंजीगत खर्च के कारण हाई रहेगा.

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