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ऑर्डर मिलते ही फोकस में आया यह Solar Stock. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़ा स्टॉक सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy) मंगलवार को निवेशकों के रडार पर रहा. कंपनी ने जानकारी दी कि उसे ₹171.45 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर Solar PV Modules की सप्लाई से जुड़ा है और इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है.
कंपनी ने कहा कि यह ऑर्डर एक बड़े Independent Power Producer और EPC प्लेयर से मिला है. इस अपडेट के बाद बाजार में कंपनी के बिजनेस ग्रोथ और आने वाले ऑर्डर फ्लो को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
हालांकि दूसरी तरफ कंपनी के तिमाही नतीजों में मुनाफे पर दबाव भी देखने को मिला. ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि मजबूत ऑर्डर बुक और विस्तार योजनाएं आने वाले समय में प्रदर्शन को कितना सपोर्ट कर पाएंगी.
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे ₹171.45 करोड़ का घरेलू ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर Solar PV Modules की सप्लाई के लिए है. कंपनी के मुताबिक ऑर्डर एक प्रसिद्ध Independent Power Producer/EPC प्लेयर की तरफ से मिला है.

हालांकि कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया. यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा. रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग के बीच इस ऑर्डर को कंपनी के लिए अहम माना जा रहा है.
कंपनी ने FY26 में 5.89 GW का मजबूत ऑर्डर बुक बनाए रखा. 31 मार्च 2026 तक का यह ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले समय के लिए बिजनेस विजिबिलिटी देता है. मजबूत ऑर्डर बुक को निवेशक आमतौर पर भविष्य की संभावित कमाई का संकेत मानते हैं.
कंपनी ने FY26 में 3,162 MW का अब तक का सबसे बड़ा सालाना उत्पादन भी हासिल किया. इसके पीछे 84.07% Effective Capacity Utilisation को बड़ा कारण बताया गया.
कंपनी ने Q4 FY26 Earnings के दौरान कहा था कि FY27 के लिए उसकी रणनीति तीन बड़े फोकस एरिया पर आधारित रहेगी:
कंपनी Odisha में Integrated Manufacturing Expansion पर काम कर रही है. इसके तहत Tool-Moving Activities FY27 की पहली तिमाही से शुरू होने की बात कही गई थी.
कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में वह कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं बढ़ाने पर फोकस करेगी.
इनमें शामिल हैं-
इसके अलावा कंपनी Distributed Solar, Inverters, Transformers, Solar Pumps और Battery Energy Storage System यानी BESS Ecosystem में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है.
कंपनी का कहना है कि वह घरेलू बाजार में High-Efficiency और Value-Added Products पर फोकस बढ़ाएगी.
इसके साथ ही-
पर भी जोर दिया जाएगा.
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में कंपनियां लागत कम करने और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए Backward Integration रणनीति अपना रही हैं.
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हालांकि कंपनी को नए ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन मार्च तिमाही में उसके मुनाफे पर दबाव देखने को मिला. कंपनी का Consolidated Net Profit सालाना आधार पर 36% गिरकर ₹61 करोड़ रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹95 करोड़ था. यानी कमाई बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट आई.
जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का Revenue From Operations 75% बढ़कर ₹1,608 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का Revenue ₹919 करोड़ था. यानी कंपनी की बिक्री में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली.
कंपनी के Total Expenses में भारी बढ़ोतरी हुई. Q4 FY26 में कुल खर्च 95% बढ़कर ₹1,539 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹790 करोड़ था. यानी खर्च की रफ्तार Revenue Growth से भी ज्यादा रही. यही वजह रही कि Profitability पर दबाव देखने को मिला.
Operational Performance की बात करें तो कंपनी का EBITDA 31.5% घटकर ₹108 करोड़ रह गया. पिछले साल इसी तिमाही में EBITDA ₹157 करोड़ था. वहीं EBITDA Margin भी घटकर 6.69% पर आ गया, जो पिछले साल 17.08% था. Margin में यह गिरावट बताती है कि बढ़ती लागत का असर कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ा.
मंगलवार को कंपनी का शेयर NSE पर 2.19% बढ़कर ₹452.25 पर बंद हुआ. हालांकि पिछले एक महीने में स्टॉक करीब 6% कमजोर हुआ है. लेकिन, पिछले 6 महीनों में शेयर 10% से ज्यादा चढ़ा है. साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर करीब 21% बढ़ चुका है.
कंपनी का 52-Week High ₹567 रहा था, जो 10 अक्टूबर 2025 को बना था. वहीं 52-Week Low ₹328 रहा, जो 9 मार्च 2026 को दर्ज किया गया. इससे पता चलता है कि स्टॉक में पिछले कुछ महीनों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.
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कंपनी का Market Capitalisation करीब ₹5,783.28 करोड़ है. रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी के बीच निवेशकों की नजर अब ऐसे मिड-कैप और ग्रोथ-ओरिएंटेड स्टॉक्स पर बनी हुई है.
आने वाले समय में बाजार कुछ अहम संकेतों पर नजर रख सकता है-
नए ऑर्डर्स की रफ्तार
अगर कंपनी मजबूत ऑर्डर फ्लो बनाए रखती है और लागत नियंत्रण में सुधार करती है तो निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है.
भारत तेजी से Renewable Energy Capacity बढ़ाने पर फोकस कर रहा है. Solar Energy इस बदलाव का बड़ा हिस्सा बन चुकी है. सरकार की Renewable Push, Domestic Manufacturing Incentives और बढ़ती Clean Energy Demand की वजह से Solar Sector कंपनियां लगातार निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं. हालांकि इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है और कंपनियों के लिए Margin Management बड़ी चुनौती बना हुआ है.