इस साल कम बारिश का अनुमान! अलनीनो की वापसी से इन शेयरों में दिखेगी 'गर्मी', इन 5 स्टॉक्स से रहें दूर

Monsoon Forecast 2026: 2026 में मॉनसून सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान है. इसका असर खेती और ग्रामीण आय पर पड़ सकता है, जबकि पावर और कूलिंग जैसे सेक्टर को बढ़ती गर्मी और बिजली मांग से फायदा मिलने की उम्मीद है.
इस साल कम बारिश का अनुमान! अलनीनो की वापसी से इन शेयरों में दिखेगी 'गर्मी', इन 5 स्टॉक्स से रहें दूर

मॉनसून कमजोर तो बाजार में सेक्टरल गेम बदल जाएगा.  (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Monsoon Forecast 2026: प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट (Skymet) ने साल 2026 के लिए मॉनसून का पहला पूर्वानुमान जारी कर दिया है. इस साल अल नीनो (El Nino) के 60% मजबूत होने की आशंका है, जिससे देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जहां यह खेती और रूरल सेक्टर के लिए चिंता की बात है, वहीं पावर और कूलिंग सेक्टर्स के लिए यह मुनाफे का संकेत है.

El Nino इतना बड़ा फैक्टर क्यों है?

  • अल नीनो के कारण भारत में बारिश कम होती है.
  • कम बारिश का खेती पर असर पड़ता है और ग्रामीण आय घटती है.
  • लेकिन गर्मी बढ़ती है तो बिजली और कूलिंग की मांग बढ़ती है.
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इसका मतलब डिमांड शिफ्ट होता है और कुछ सेक्टर को झटका, कुछ को जबरदस्त फायदा होता है.

इस साल मानसून को लेकर क्या भविष्यवाणी की गई है?

  • Skymet के मुताबिक, देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में पर्याप्त बारिश नहीं होने की संभावना है.
  • पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, खासकर अगस्त-सितंबर के दौरान कमी ज्यादा दिख सकती है.
  • वहीं, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में बाकी हिस्सों के मुकाबले बेहतर बारिश होने की उम्मीद है.
  • कुल मिलाकर, देशभर में बारिश का वितरण असमान रह सकता है- कुछ इलाकों में कमी, तो कुछ में राहत.

अल नीनो क्या है और यह क्यों डरा रहा है?

अल नीनो एक समुद्री घटना है जिससे प्रशांत महासागर का पानी गर्म हो जाता है, जो भारत में मॉनसून को कमजोर करता है. जेफरीज (Jefferies) की रिपोर्ट कहती है कि इस बार अल नीनो के 60% चांस हैं. ऐतिहासिक रूप से, जब भी अल नीनो मजबूत हुआ है, भारत में बारिश में 15% तक की कमी देखी गई है.

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मानसून का महीनेवार गणित

महीनाबारिश का अनुमान
जून101%
जुलाई95%
अगस्त92%
सितंबर89%

El Nino होने पर किन सेक्टर को फायदा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक 5-10% कम बारिश का मतलब है- ज्यादा गर्मी और ड्राई सीजन. इसकी सीधा फायदा समर डिमांड फोकस वाली कंपनियों को होगा. उनकी कमाई बढ़ेगी.

पावर-यूटिलिटीज: बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगी. पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को फायदा होगा.

कुलिंग अप्लायंस: भीषण गर्मी के कारण AC, फ्रिज और पंखों की बिक्री में भारी उछाल आएगा.

कंस्ट्रक्शन: ड्राई सीजन लंबा खिंचने से कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी में तेजी आएगी.

कहां होगी कमाई?

  • NTPC
  • Adani Power
  • JSW Energy
  • Power Grid
  • Tata Power
  • Voltas
  • Blue Star
monsoon forecast

El Nino होने पर किन सेक्टर्स को नुकसान?

सबसे ज्यादा मार खेती (Agriculture) और रूरल फोकस्ड कंपनियों पर पड़ेगी. कम बारिश से ग्रामीण इलाकों की आय घटेगी, जिससे ट्रैक्टर, खाद और टू-व्हीलर की मांग कम हो सकती है.

कहां बढ़ेगी टेंशन?

  • Hero MotoCorp
  • M&M
  • HUL
  • Dhanuka Agritech
  • Escorts Kubota

भारत की अर्थव्यवस्था आज भी काफी हद तक मानसून पर निर्भर है. कम बारिश का मतलब है खरीफ फसलों के उत्पादन में कमी, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ सकती है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. क्या 2026 का मॉनसून भारत में सामान्य रहेगा?
नहीं, 2026 में मॉनसून सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जो करीब LPA का 94% रह सकता है.

Q2. इस साल El Nino मॉनसून को कैसे प्रभावित करेगा?
El Nino के जल्दी बनने और मजबूत होने की संभावना है, जिससे बारिश कमजोर और अनियमित हो सकती है, खासकर मॉनसून के दूसरे हिस्से में.

Q3. किन क्षेत्रों में कम बारिश हो सकती है?
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य भारत में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है, विशेष रूप से अगस्त और सितंबर के दौरान.

Q4. कौन सा सेक्टर सबसे ज्यादा फायदा उठाता है?
पावर और कूलिंग.

Q5. कौन सा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होता है?
खेती और ग्रामीण मांग.

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