AMC शेयरों में तेज गिरावट, SEBI के इस नए प्रस्ताव से लगा झटका; अनिल सिंघवी ने इस शेयर पर दी SELL की रेटिंग

AMC Stocks: नए प्रस्ताव के तहत ब्रोकरेज से जुड़े चार्ज TER में शामिल नहीं होंगे. इनमें GST, STT, CTT और स्टांप ड्यूटी जैसे टैक्स बाहर रखे जाएंगे. AMCs को अब हर खर्च का स्पष्ट ब्रेक-अप देना होगा.
AMC शेयरों में तेज गिरावट, SEBI के इस नए प्रस्ताव से लगा झटका; अनिल सिंघवी ने इस शेयर पर दी SELL की रेटिंग

AMC Stocks: म्यूचुअल फंड रेगुलेटरी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने के लिए सेबी ने एक नया प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत एक्सपेंस रेश्यो (TER) को ज्यादा पारदर्शी बनाने और निवेशकों के ऊपर से कुछ अतिरिक्त चार्ज हटाने की तैयारी की गई है. सेबी का मकसद है कि निवेशकों को यह साफ-साफ पता चल सके कि AMC किस हिस्से पर कितना खर्च कर रही है और रिटर्न के अनुपात में ही एक्स्ट्रा शुल्क लिया जाए.

इस शेयर का असर बुधवार को बाजार खुलने के बाद दिखाई दिया. Nuvama Wealth, 360 One Wam, HDFC AMC जैसे शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई.

क्या बदल सकता है नियमों में?

नए प्रस्ताव के तहत ब्रोकरेज से जुड़े चार्ज TER में शामिल नहीं होंगे. इनमें GST, STT, CTT और स्टांप ड्यूटी जैसे टैक्स बाहर रखे जाएंगे. AMCs को अब हर खर्च का स्पष्ट ब्रेक-अप देना होगा. सबसे बड़ा बदलाव ब्रोकरेज फीस में है- कैश सेगमेंट ब्रोकरेज 12 bps से घटाकर अधिकतम 2 bps और डेरिवेटिव्स ब्रोकरेज 5 bps से घटाकर अधिकतम 1 bps.

इसके साथ ही एग्जिट लोड पर लगने वाला 5 bps अतिरिक्त शुल्क हटाया जाएगा, जबकि AMCs को दूसरे बिजनेस (जैसे PMS और एडवाइजरी) से MF बिजनेस को अलग रखने की शर्त भी स्पष्ट की गई है. यानी रिटेल निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन AMCs और ब्रोकरेज कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा.

किस पर कितना असर?

जहां नए फंड हाउस के लिए यह बदलाव मददगार माना जा रहा है क्योंकि उन्हें कंपिटीशन में जगह बनाना आसान होगा, वहीं बड़े और पुराने AMC के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है. ब्रोकरेज शुल्क में भारी कटौती होने से इंस्टीट्यूशनल और FII-फोकस्ड ब्रोकरेज पर बड़ा निगेटिव असर पड़ने की आशंका है. दूसरी तरफ कैपिटल मार्केट से जुड़े स्टॉक्स में भी कमजोरी का डर जताया जा रहा है.

अनिल सिंघवी ने कहा- HDFC AMC में शॉर्ट टर्म में बिकवाली का मौका

Sell HDFC AMC (Cash): SL 5700 | टारगेट 5550, 5450, 5350

अनिल सिंघवी का मानना है कि सेबी का यह कदम AMC कंपनियों के लिए निकट भविष्य में दबाव लेकर आ सकता है. खासकर जिन कंपनियों की कमाई एक्सपेंस रेश्यो या ब्रोकरेज मैकेनिज्म पर निर्भर है, उनके मार्जिन में गिरावट देखने को मिल सकती है. उन्होंने HDFC AMC में शॉर्ट-टर्म ट्रेड के लिए बिकवाली की सलाह दी है, क्योंकि नए प्रस्ताव का असर सामने आने तक स्टॉक में और कमजोरी जारी रह सकती है.

ब्रोकरेज हाउस की राय: रिस्क बना रहेगा

Morgan Stanley ने रिपोर्ट में कहा है कि अभी अंतिम असर इंडस्ट्री से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा, लेकिन TER रेगुलेशन में बदलाव निश्चित रूप से मार्जिन पर असर डालेगा. फर्म ने HDFC AMC पर Equalweight रेटिंग बनाए रखी है, टारगेट 5400 के साथ.

वहीं Jefferies का मानना है कि एग्जिट लोड में 5 bps कटौती से FY27 में HDFC AMC और Nippon AMC के प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) पर 30-33% तक असर पड़ सकता है. साथ ही ब्रोकरेज फीस कटौती से 360 ONE और Nuvama जैसी ब्रोकरेज कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा. Jefferies के अनुसार, सेबी का प्रस्ताव अगर लागू होता है तो पूरे AMC सेक्टर पर अर्निंग्स रिस्क बना रहेगा.

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