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State Bank of India यानी SBI, जो देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, एक बार फिर ब्रोकरेज की पसंद बनता दिख रहा है. Citi ने बैंक के शेयर पर Buy रेटिंग बनाए रखी है और 1110 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है.
मौजूदा कीमत करीब 974 रुपये के आसपास है, यानी अभी भी इसमें ऊपर जाने की अच्छी गुंजाइश नजर आ रही है. Citi की यह राय हाल ही में हुई बैंक मैनेजमेंट मीट के बाद आई है, जहां से कई पॉजिटिव संकेत निकलकर सामने आए.
Citi के मुताबिक SBI को आने वाले समय में टर्म डिपॉजिट रीप्राइसिंग, बल्क डिपॉजिट पर कम निर्भरता और CRR कट जैसे फैक्टर्स का फायदा मिलने वाला है. ये पॉजिटिव टेलविंड्स मिलकर 25 बेसिस पॉइंट रेपो रेट और MCLR रीप्राइसिंग के असर को काफी हद तक न्यूट्रल कर सकते हैं. सीधी भाषा में कहें तो ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के बावजूद बैंक की कमाई पर ज्यादा दबाव पड़ने की उम्मीद नहीं है.
SBI की ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत उसका RAM सेगमेंट (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) बना हुआ है. Citi का कहना है कि इस सेगमेंट में लगातार मजबूत मोमेंटम दिख रहा है.
इसके साथ ही कॉरपोरेट लोन ग्रोथ में भी रफ्तार आने की उम्मीद है. ब्रोकरेज को भरोसा है कि साल के दूसरे हिस्से में कॉरपोरेट ग्रोथ डबल डिजिट में पहुंच सकती है, जिससे बैंक अपने 12–14 फीसदी ग्रोथ गाइडेंस के मिड से हाई लेवल तक आसानी से पहुंच सकता है.
निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि Citi को SBI के किसी भी सेगमेंट में असामान्य स्ट्रेस बनता नजर नहीं आ रहा है. यानी फिलहाल NPA या खराब लोन को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं दिखाई दे रही. बैंक की एसेट क्वालिटी स्टेबल बनी हुई है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए काफी अहम फैक्टर होता है.
Citi का कहना है कि SBI आने वाले समय में CA (Current Account) ग्रोथ को 13–14 फीसदी के आसपास बनाए रखने में सक्षम है. इसके अलावा बैंक रणनीतिक तौर पर SA (Savings Account) कस्टमर्स को जोड़ने पर फोकस कर रहा है. CASA बेस मजबूत रहने से बैंक की फंडिंग कॉस्ट कंट्रोल में रहती है, जिसका सीधा फायदा मुनाफे पर पड़ता है.
ECL यानी Expected Credit Loss फ्रेमवर्क को लेकर भी Citi ज्यादा चिंतित नहीं है. ब्रोकरेज का मानना है कि SBI इसकी तैयारी पहले से कर चुका है. बैंक ने कलेक्शन मैकेनिज्म को मजबूत किया है और ECL ट्रांजिशन का असर सीमित रहने की उम्मीद है. इसके लिए एक क्लियर ग्लाइडपाथ भी मौजूद है, जिससे झटका धीरे-धीरे एब्जॉर्ब हो जाएगा.
Citi की रिपोर्ट साफ इशारा कर रही है कि SBI का शेयर मौजूदा स्तरों पर लॉन्ग टर्म के लिए आकर्षक बना हुआ है. मजबूत ग्रोथ, स्टेबल एसेट क्वालिटी और बेहतर फंडिंग स्ट्रक्चर इसे PSU बैंक स्पेस में अलग पहचान देता है. जो निवेशक सरकारी बैंक के शेयरों में भरोसेमंद नाम तलाश रहे हैं, उनके लिए SBI एक बार फिर रडार पर आ गया है.
खबर से जुड़े FAQs
प्रश्न 1: Citi ने SBI के शेयर पर क्या रेटिंग दी है?
उत्तर: Citi ने SBI पर Buy रेटिंग बनाए रखी है.
प्रश्न 2: SBI का टारगेट प्राइस कितना दिया गया है?
उत्तर: Citi ने SBI का टारगेट प्राइस 1110 रुपये तय किया है.
प्रश्न 3: SBI की ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर कौन सा सेगमेंट है?
उत्तर: रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME यानी RAM सेगमेंट.
प्रश्न 4: क्या बैंक की एसेट क्वालिटी को लेकर चिंता है?
उत्तर: नहीं, Citi को किसी भी सेगमेंट में असामान्य स्ट्रेस नजर नहीं आ रहा.
प्रश्न 5: SBI के शेयर किस तरह के निवेशकों के लिए सही हैं?
उत्तर: लॉन्ग टर्म निवेश और स्थिर ग्रोथ चाहने वाले निवेशकों के लिए SBI उपयुक्त माना जा रहा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)