6 सालों की सबसे बड़ी रैली, एक दिन में क्यों 14.5% उछला SAIL का शेयर? 6 स्टेप में समझें पूरी इनसाइड स्टोरी

SAIL Share Price: देश की लीडिंग मेटल कंपनी SAIL के शेयर में बुधवार को 6 सालों की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई और यह शेयर 16 सालों के हाई पर 201.6 रुपए पर बंद हुआ. इस शेयर में एक दिन में 14.5% का बड़ा मूव दर्ज किया गया है. आइए जानतें हैं कि आखिर इतनी बड़ी रैली का कारण क्या है.
6 सालों की सबसे बड़ी रैली, एक दिन में क्यों 14.5% उछला SAIL का शेयर? 6 स्टेप में समझें पूरी इनसाइड स्टोरी

2010 के बाद पहली बार SAIL का शेयर 200 रुपए के पार पहुंचा है. (AI/Gemini जेनरेटेड फोटो)

SAIL Share Price: देश की लीडिंग मेटल कंपनी SAIL के शेयर में बुधवार को जबरदस्त एक्शन देखने को मिला और इस स्टॉक में 6 साल की सबसे बड़ी रैली दर्ज की गई. 13 मई को यह शेयर 14.55% की मजबूती के साथ 201.60 रुपए पर बंद हुआ. बता दें कि यह शेयर इस समय अपने 16 साल के हाई पर पहुंच गया है. 2010 में आखिरी बार शेयर ने 200 का आंकड़ा पार किया था. अब निवेशकों के मन में बस एक सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी रैली का कारण क्या है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले 13 मार्च 2020 को SAIL के शेयर में 19.64% की मजबूती दर्ज की गई थी. हिस्टोरिकल प्राइस एक्शन की बात करें तो SAIL के इतिहास में यह क्लोजिंग आधार पर छठी सबसे बड़ी तेजी है. मई 2009 में इस शेयर में एक दिन में 21.19% की मजबूती दर्ज की गई थी जो एक दिन की अब तक की सबसे बड़ी तेजी है.

SAIL Share Price History

SAIL में आखिर हुआ क्या है?

आज की रैली को लेकर SAMCO Securities के मार्केट रिसर्च प्रमुख अपूर्व सेठ (Apurva Sheth) ने कहा कि SAIL के शेयर में जो एक्शन देखने को मिला है वह MWPL यानी मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट के कारण है. SAIL के मामले में 14 क्लाइंट्स के पास कुल डेरिवेटिव्स पोजिशन की 99.51% हिस्सेदारी है. एक क्लाइंट अपनी मैक्सिमम लिमिट 10% के करीब बैठ हुआ है. इसका मतलब, साफ है कि बहुत ही लिमिटेड लोग इस स्टॉक में ट्रेड कर रहे हैं.

5 प्वाइंट्स में समझें पूरी कहानी

  • SAIL के F&O में बहुत ज्यादा ओपन पोजिशन बन चुकी है
  • मतलब, ट्रेडर्स ने भारी मात्रा में F&O पोजिशन ले रखी है
  • SAIL के लिए MWPL लिमिट हिट करने के करीब पहुंचा
  • सिर्फ 14 क्लाइंट्स के पास 99.51% डेरिवेटिव्स पोजिशन
  • एक क्लाइंट तो अकेले 10% डेरिवेटिव्स पोजिशन लेकर बैठा है

इसका क्या मतलब है?

  • यह डेटा बताता है कि SAIL में कंसंट्रेटेड ट्रेडिंग हो रही है
  • कुछ बड़े प्लेयर्स SAIL के शेयर का प्राइस कंट्रोल कर रहे हैं
  • ऐसे में ट्रेडर्स के लिहाज से यह शेयर काफी क्राउडेड है
  • रीटेल ट्रेडर्स के लिए यह बड़ा खतरनाक हो सकता है

14.5% रैली का प्रमुख कारण क्या है?

  • SAIL के शेयर में MWPL लिमिट तेजी से बढ़ रही थी
  • बहुत सारे ट्रेडर्स ने इस शेयर में Short किया था
  • मतलब, सबको लगा कि शेयर में गिरावट आएगी
  • ऐसे में ज्यादातर ट्रेडर्स ने SAIL के फ्यूचर को बेच दिया

फिर क्या हो गया?

  • SAIL का शेयर गिरने की जगह भागने लगा
  • ऐसे में शॉर्ट करने वालों का नुकसान बढ़ने लगा
  • ब्रोकर्स की तरफ से मार्जिन की डिमांड होने लगी
  • साथ ही ट्रेडर्स ने जो स्टॉपलॉस लगाया वह हिट होने लगा
  • ऐसे में ट्रेडर्स पैनिक हो गए और शॉर्ट कवरिंग होने लगी

6 स्टेप में समझें पूरा खेल

स्टेपप्रोसेसक्या हुआ?
स्टेप 1शॉर्ट सेलिंग (Short Selling)ट्रेडर्स (Shorts) ने सेल के शेयर में भारी बिकवाली की, इस उम्मीद में कि भाव गिरेगा
स्टेप 2प्राइस एक्शन (Price Action)उम्मीद के विपरीत, शेयर का भाव ऊपर चला गया
स्टेप 3पैनिक की स्थिति (Panic)जैसे-जैसे प्राइस बढ़ा, शॉर्ट सेलर्स को डर लगने लगा क्योंकि उनका नुकसान बढ़ रहा था
स्टेप 4फोर्स्ड खरीदारी (Forced Buyback)अपने नुकसान को सीमित (Loss Limit) करने के लिए शॉर्ट सेलर्स ने बाजार से शेयर वापस खरीदना शुरू किया
स्टेप 5डिमांड में उछाल (Increased Demand)शॉर्ट सेलर्स की इस 'बायबैक' के कारण मार्केट में SAIL के शेयरों की खरीदारी (Buying) अचानक बढ़ गई
स्टेप 6शॉर्ट कवरिंग रैली (Rally)भारी खरीदारी के दबाव (Buying Pressure) से प्राइस और तेजी से भागा, जिससे शेयर में 14.5% तक का उछाल आया

सबक क्या है?

अगर आप किसी स्टॉक में लेवरेज के साथ हैं तो आपका पोजिशन बहुत मायने रखता है और यह प्राइस एक्शन डिसाइड करता है. SAIL के मामले में रैली इसलिए आई क्योंकि ज्यादातर ट्रेडर्स ने ट्रेंड के लिहाज इसमें बेयरिश पोजिशन ले रखा था.


क्या होता है MWPL?

मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट का मतलब किसी एक स्टॉक में डेरिवेटिव्स पोजिशन की मैक्सिमम लिमिट है. मतलब, उस पर्टिकुलर स्टॉक में Futures & Options मिलाकर कितनी अधिकतम ओपन पोजिशन रखी जा सकती है.

क्यों होता है MWPL?

  • अत्यधिक speculation को रोकने का मकसद
  • किसी स्टॉक में मैनिपुलेशन और कंट्रोल को रोकना
  • उस स्टॉक में लिक्विडिटी और रिस्क मैनेज करना

कब F&O बैन में चला जाता है स्टॉक?

बता दें कि जब किसी स्टॉक में फ्यूचर एंड ऑप्शन को लेकर ओपन इंटरेस्ट MWPL का 95% पार कर जाती है तो वह स्टॉक F&O बैन में चला जाता है. इसके बाद इस स्टॉक में नई पोजिशन नहीं ली जा सकती है. हालांकि, पुराने पोजिशन को बंद और घटाया जा सकता है.

(डिस्क्लेमर- किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह जी बिजनेस के नहीं हैं. यह सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट की तरफ से दी जाती है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है. ऐसे में निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें)

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