रियल्टी सेक्टर में प्रीमियम सेगमेंट बना 'गेम चेंजर'! ये 3 स्टॉक्स दे सकते हैं 47% तक रिटर्न

Realty Stocks to Buy: रियल एस्टेट सेक्टर में मजबूत सप्लाई, बढ़ती कीमतें और स्थिर डिमांड कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत दे रहे हैं. चुनिंदा डेवलपर स्टॉक्स में निवेश से अच्छे रिटर्न की संभावना बन रही है.
रियल्टी सेक्टर में प्रीमियम सेगमेंट बना 'गेम चेंजर'! ये 3 स्टॉक्स दे सकते हैं 47% तक रिटर्न

मिड और बड़े डेवलपर्स अब छोटे घरों के बजाय बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं.  (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Realty Stocks to Buy: हाउसिंग सेक्टर में डिमांड भले थोड़ी धीमी दिख रही हो, लेकिन सप्लाई और कीमतों में लगातार मजबूती रियल एस्टेट कंपनियों के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत दे रही है. ब्रोकरेज हाउस Choice ने मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर लॉन्च और प्री-सेल्स के दम पर चुनिंदा रियल्टी स्टॉक्स में निवेश की सलाह दी है, जहां आने वाले समय में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है.

भारतीय रियल एस्टेट बाजार के लिए वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) मिले-जुले संकेतों वाली रही है. एक तरफ जहां सालाना आधार पर घरों की बिक्री में बढ़त देखी गई है, वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले मांग में कुछ गिरावट दर्ज की गई है.

सेल्स रिपोर्ट- सालाना बढ़त, लेकिन तिमाही आधार पर सुस्ती

देश के टॉप 7 शहरों में हाउसिंग सेल्स में सालाना आधार पर 9% की बढ़ोतरी देखी गई और कुल 1,01,675 यूनिट्स बिकीं. हालांकि, पिछली तिमाही (Q3) के मुकाबले इसमें 7% की गिरावट आई है. बिक्री का कुल मूल्य 15.1 अरब रुपये रहा, जो पिछले साल से 6% ज्यादा है.

कौन से शहर आगे और कौन पीछे?

चेन्नई में सबसे ज्यादा 18% की गिरावट (QoQ) दर्ज की गई.
वहीं, हैदराबाद का बाजार स्थिर रहा.
NCR, पुणे और कोलकाता में 8-10% गिरावट आई.
मुंबई (MMR) और बेंगलुरु ने कुल बिक्री में 48% का योगदान दिया.

नई लॉन्चिंग: डेवलपर्स का प्रीमियम सेगमेंट पर दांव

रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में सप्लाई की कोई कमी नहीं है। इस तिमाही में 1,26,265 नई यूनिट्स लॉन्च हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 26% अधिक हैं.

प्रीमियम फोकस: डेवलपर्स का पूरा ध्यान ₹1.5 करोड़ से ₹2.5 करोड़ वाले मिड-प्रीमियम (32% सप्लाई) और ₹2.5 करोड़ से ऊपर वाले लग्जरी घरों (20% सप्लाई) पर है.

सस्ती हाउसिंग गायब: ₹40 लाख से कम वाले 'किफायती घरों' के सेगमेंट में बहुत कम गतिविधि देखी गई.

अनसोल्ड इन्वेंट्री

बिक्री में सुस्ती और नई लॉन्चिंग में तेजी के कारण बिना बिके घरों का आंकड़ा 6,01,000 यूनिट्स के पार पहुंच गया है. यहां बिना बिके घरों के स्टॉक में सालाना आधार पर 24% की भारी बढ़ोतरी हुई है. हैदराबाद इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा.

डिमांड कम, पर दाम फिर भी बढ़े

बिक्री घटने के बावजूद घरों की कीमतों में गिरावट नहीं आई है. औसत कीमतों में सालाना 7% की बढ़ोतरी हुई है.

लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी घरों की बढ़ती मांग के कारण दिल्ली-एनसीआर में कीमतों में सबसे ज्यादा 15% की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद बेंगलुरु (8%) का नंबर आता है.

ब्रोकरेज की टॉप पिक्स कौन सी हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, SOBHA लिमिटेड इस समय निवेश के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प नजर आ रहा है. इसका कारण कंपनी का मजबूत बैलेंस शीट, शानदार एग्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड और नए प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन है. इसके अलावा, गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties) और महिंद्रा लाइफस्पेस (Mahindra Lifespace) को पिक किया गया है.

स्टॉककरंट प्राइस (CMP)टारगेट (₹)अपसाइड (%)
Godrej Properties1717.20₹2,52047
Mahindra Lifespace Developers344.50₹50045
Sobha Ltd1300.40₹1,84041

Godrej Properties Share Price Target

ब्रोकरेज ने गोदरेज प्रॉपर्टीज पर BUY रेटिंग दी है और ₹2,520 का टारगेट प्राइस तय किया है. स्टॉक वर्तमान में 1717.20 रुपए है. करंट प्राइस से इसमें 47% तक अपसाइड की संभावना है. स्टॉक के लिए 52 वीक हाई 2,505 रुपए और लो 1,434 रुपए है. पिछले एक हफ्ते में शेयर ने 13.77% रिटर्न दिए हैं.

MAHLIFE Share Price Target

रेजिडेंशियल, कमर्शियल प्रॉपर्टीज महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स को ब्रोकरेज ने खरीद की सलाह दी है. स्टॉक के लिए ₹500 का टारगेट दिया है. शेयर फिलहाल 344.50 रुपए पर है. यानी स्टॉक में आगे 45% से ज्यादा तेजी की संभावना है. स्टॉक के लिए 52 वीक हाई 428.35 रुपए और लो 259.34 रुपए हैं. पिछले एक हफ्ते में शेयर ने 7.34% रिटर्न दिए हैं.

Sobha Share Price Target

ब्रोकरेज ने Sobha Ltd पर BUY रेटिंग दी है और ₹1,840 का टारगेट प्राइस दिया है. स्टॉक वर्तमान में 1300.40 रुपए है. जिसका मतलब स्टॉक में 41% से ज्यादा तेजी दिख सकती है. स्टॉक के लिए 52 वीक हाई 1,732.45 रुपए और लो 1,107.15 रुपए है. पिछले एक हफ्ते में शेयर ने 12.35% रिटर्न दिए हैं.

कंक्लूजन

रियल एस्टेट सेक्टर में फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति है. बढ़ती इन्वेंट्री चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट में कीमतों की मजबूती यह दिखाती है कि अमीर खरीदार अभी भी बाजार में सक्रिय हैं. निवेशकों को अच्छी बैलेंस शीट वाले बड़े डेवलपर्स पर ध्यान देना चाहिए.

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