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टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाइटन एक बार फिर निवेशकों के भरोसे पर खरी उतरती दिख रही है. दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला, जो इस कंपनी के सबसे बड़े व्यक्तिगत निवेशकों में से एक रहे, उनके निवेश के बाद टाइटन ने मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं. अब उसी टाइटन पर ब्रोकरेज हाउस Macquarie ने भरोसा जताते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹4,000 से बढ़ाकर ₹4,150 कर दिया है.
Macquarie ने रिपोर्ट में लिखा है कि कंपनी के ज्वेलरी कारोबार में डिमांड बेहतर बनी हुई है और वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 20% से अधिक की ग्रोथ संभव है. ब्रोकरेज का मानना है कि FY25 में ज्वेलरी डिविजन का ऑपरेटिंग मार्जिन निचले स्तर पर आ चुका है और अब इसमें सुधार की उम्मीद है. इसके चलते टाइटन के लाभ और रेवेन्यू दोनों में आने वाले क्वार्टर्स में मजबूती देखी जा सकती है.
ब्रोकरेज Macquarie की ‘Outperform’ रेटिंग यह इशारा करती है कि मौजूदा स्तर से भी टाइटन में लंबी अवधि के लिए अच्छी बढ़त की संभावना है. मजबूत डिमांड, ब्रांड वैल्यू और ज्वेलरी सेगमेंट में मार्जिन सुधार की वजह से यह स्टॉक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है.
हालांकि, दिसंबर तिमाही के नतीजे आने के बाद शेयर में कुछ गिरावट देखने को मिली थी. कंपनी ने ₹990 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1,040 करोड़ की तुलना में 5% कम रहा. यह गिरावट निवेशकों के लिए थोड़ी निराशाजनक रही. लेकिन रेवेन्यू की बात करें तो वह 23.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹16,097 करोड़ तक पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹13,052 करोड़ था. यह दर्शाता है कि कंपनी की सेल्स ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, विशेषकर ज्वेलरी और वॉच सेगमेंट में.
राकेश झुनझुनवाला के निधन के बाद भी उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में यह स्टॉक प्रमुखता से मौजूद है. अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, टाइटन में LIC की भी 2.17% हिस्सेदारी है, जो दिखाता है कि संस्थागत निवेशक भी इस पर भरोसा बनाए हुए हैं.