&format=webp&quality=medium)
Titagarh Rail Share Price Target 2025.
Railway Stocks to BUY: टीटागढ़ रेल सिस्टम देश की लीडिंग रेलवे सिस्टम प्रोवाइडर है. इसका कारोबार भारत के अलावा इटली में फैला है. यह देश की एकमात्र कंपनी है जो वैगन्स और कोच दोनों बनाती है. वैगन मैन्युफैक्चरिंग में 25-30% का मार्केट शेयर है. यह कंपनी पैसेंजर और फ्रेट रोलिंग स्टॉक्स, अर्बन मेट्रो, सेमी हाई स्पीड ट्रेन और वंदे भारत ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग करती है. डायवर्सिफिकेशन के तहत यह शिपबिल्डिंग और सलेक्ट डिफेंस सेगमेंट में भी काम करती है. पिछले हफ्ते कंपनी ने Q3 का रिजल्ट जारी किया जिसके बाद ब्रोकरेज फर्म ने इसमें खरीद की सलाह दी है. यह शेयर 804 रुपए (Titagarh Rail Systems Share Price) पर है.
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स का शेयर इस समय अपने 52 वीक्स लो के करीब कारोबार कर रहा है. बजट ऐलान के बाद रेलवे स्टॉक्स काफी दबाव में हैं और फरवरी महीने में यह अब तक 21% टूट चुका है. जून 2024 में इस शेयर ने 1896 रुपए का लाइफ हाई बनाया था. उसके मुकाबले यह करीब 60% टूटकर 800 के नीचे तक फिसला. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने Q3 रिजल्ट के बाद इसमें BUY की रेटिंग दी है और 1197 रुपए का टारगेट दिया है. वर्तमान भाव के आधार पर यह टारगेट करीब 50% अधिक है. ब्रोकरेज का पुराना टारगेट 1870 रुपए का था.
रेलवे की तरफ से व्हीलसेट्स (wheelsets) सप्लाई घटने के कारण दिसंबर तिमाही के नतीजों पर असर देखने को मिला. BHEL के साथ ज्वाइंट वेंचर में टीटागढ़ रेल सिस्टम्स 80 स्लीपर वंदे भारत का कॉन्ट्रैक्ट 2023 में जीता था, लेकिन कुछ शर्तों के कारण प्रोजेक्ट्स एग्जीक्यूशन में डीले हुआ है. मैनेजमेंट पैसेंजर कोच अपॉर्च्युनिटी को लेकर कॉन्फिडेंट है. मेट्रो टेंडर में कंपनी अग्रेसिवली पार्टिसिपेट कर रही है. मैनेजमेंट का मानना है कि FY26 की दूसरी छमाही में इंडियन रेलवे की तरफ से फिर से वैगन्स को लेकर बड़ा टेंडर जारी किया जाएगा. ऐसे में आउटलुक पॉजिटिव है.
Q3 रिजल्ट की बात करें तो रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.5% की गिरावटके साथ 902 करोड़, EBITDA 10% की गिरावट के साथ 100 करोड़, नेट प्रॉफिट 8% गिरावट के साथ 69 करोड़ रुपए रहा. तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 15% और प्रॉफिट में 19% की गिरावट दर्ज की गई. EBITDA मार्जिन 11.6% से घटकर 11.1% पर आ गया जबकि प्रॉफिट मार्जिन 7.9% से घटकर 7.6% पर आ गया.
ऑर्डर बुक की बात करें तो 31 दिसंबर 2024 के आधार पर यह 12007 करोड़ रुपए का है. ज्वाइंट वेंचर के साथ 13326 करोड़ रुपए का ऑर्डर है, जिसमें 7026 करोड़ रुपए का ऑर्डर वंदे भारत के लिए BHEL के साथ और 6300 करोड़ रुपए का ऑर्डर व्हीलसेट के लिए रामकृष्ण फोर्जिंग्स के लिए है. FY25 के नौ महीनों में कंपनी को कुल 1106 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है. इसमें 850 करोड़ का ऑर्डर फ्रेट रोलिंग स्टॉक और 256 करोड़ का ऑर्डर प्रपल्सन सिस्टम्स के लिए है. दिसंबर 2024 के आधार पर कंपनी के पास 13689 वैगन्स, 1589 मेट्रो एंड वंदे भारत कोच का ऑर्डर है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें. )