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रेलवे सेक्टर का भरोसेमंद माना जाने वाला शेयर Titagarh Rail Systems एक बार फिर निवेशकों की टेंशन बढ़ाता दिख रहा है. बीते एक साल में यह स्टॉक करीब 35 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है और अब ग्लोबल ब्रोकरेज Morgan Stanley की सख्त रिपोर्ट ने इसमें और दबाव बना दिया है.
Morgan Stanley ने इस स्टॉक को Overweight से घटाकर Equal-weight कर दिया है. इतना ही नहीं, ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस भी 1,017 रुपये से घटाकर 771 रुपये कर दिया है. यानी मौजूदा भाव से भी इसमें आगे कमजोरी की आशंका जताई गई है.
हैरानी की बात यह रही कि इतनी नकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद सोमवार को शेयर में तेजी देखने को मिली. Titagarh Rail Systems का शेयर इंट्राडे में 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 808.50 रुपये तक पहुंच गया.
खबर लिखे जाने तक शेयर 808.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, यानी करीब 23.50 रुपये या 2.99 फीसदी की तेजी. इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप लगभग 10,890 करोड़ रुपये रहा.
Morgan Stanley का कहना है कि कंपनी के सामने सबसे बड़ी समस्या ऑर्डर बुक की कमजोर विजिबिलिटी है. खासकर फ्रेट वैगन सेगमेंट में नए ऑर्डर उम्मीद से काफी कम आ रहे हैं.
ब्रोकरेज के मुताबिक फ्रेट वैगन के ऑर्डर आने वाले समय में भी कमजोर रह सकते हैं. इससे कंपनी की कमाई और ग्रोथ पर दबाव बना रहेगा. इसी वजह से Morgan Stanley ने टारगेट प्राइस में करीब 246 रुपये की भारी कटौती कर दी है.
हालांकि पूरी तस्वीर इतनी खराब भी नहीं है. पिछले हफ्ते कंपनी को रेल मंत्रालय से एक नया ऑर्डर मिला है, जिससे शेयर को कुछ सपोर्ट मिला. Titagarh Rail Systems को 62 Rail Borne Maintenance Vehicles का प्रोजेक्ट मिला है. इस कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू करीब 273.24 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
कंपनी का दावा है कि साल 2025 के आखिर तक उसका कुल ऑर्डर बुक 28,000 से 29,000 करोड़ रुपये के आसपास रहेगा. हालांकि ब्रोकरेज को इस अनुमान पर ज्यादा भरोसा नहीं दिख रहा.
कंपनी के हालिया नतीजे निवेशकों को निराश करने वाले रहे. सितंबर 2025 तिमाही यानी Q2 FY26 में Titagarh Rail Systems का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा.
इस गिरावट की बड़ी वजह धीमा प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कमजोर डिमांड मानी जा रही है.
शेयर के लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो कमजोरी और साफ दिखती है.
वहीं इसी अवधि में BSE Sensex
1 साल में करीब 7%
2 साल में करीब 18% चढ़ चुका है.
यानी Titagarh Rail Systems लगातार बाजार से कमजोर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है.
Titagarh Rail Systems भारत की बड़ी रेलवे रोलिंग स्टॉक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है. कंपनी- फ्रेट वैगन, पैसेंजर कोच, मेट्रो ट्रेन और रेलवे से जुड़े अन्य सिस्टम का निर्माण करती है.
Morgan Stanley की रिपोर्ट साफ इशारा कर रही है कि शॉर्ट से मीडियम टर्म में इस स्टॉक में तेजी की उम्मीद कम है. कमजोर ऑर्डर फ्लो, घटता प्रॉफिट और बाजार से खराब प्रदर्शन इसे फिलहाल रिस्की निवेश बनाता है.
हालांकि लॉन्ग टर्म में रेलवे सेक्टर की ग्रोथ और सरकारी ऑर्डर कुछ राहत दे सकते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में निवेशकों को सोच-समझकर और सावधानी से कदम रखने की जरूरत है.
Q1. Morgan Stanley ने Titagarh Rail Systems को डाउनग्रेड क्यों किया?
कमजोर फ्रेट वैगन ऑर्डर और ऑर्डर बुक की कम विजिबिलिटी के कारण.
Q2. नया टारगेट प्राइस क्या दिया गया है?
Morgan Stanley ने टारगेट प्राइस घटाकर 771 रुपये कर दिया है.
Q3. शेयर में गिरावट के बावजूद तेजी क्यों दिखी?
रेल मंत्रालय से मिले हालिया ऑर्डर की वजह से शेयर को सपोर्ट मिला.
Q4. Q2 FY26 में कंपनी का मुनाफा कितना रहा?
नेट प्रॉफिट गिरकर 36.9 करोड़ रुपये रह गया.
Q5. क्या अभी इस स्टॉक में निवेश सुरक्षित है?
शॉर्ट से मीडियम टर्म में जोखिम ज्यादा है, इसलिए सावधानी जरूरी है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)