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PSU Stock to BUY: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने Q2FY26 में शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाते हुए बाजार को चौंका दिया है. कमजोर रेवेन्यू के बावजूद कंपनी का EBITDA और मार्जिन में मजबूत सुधार देखने को मिला है, जिसकी वजह से ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है और 22% तक की अपसाइड का अनुमान लगाया है.
कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1,92,971 करोड़ रुपये से घटकर 1,78,880 करोड़ रुपये रहा, लेकिन EBITDA 12,607 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,583 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, यानी 16% की बढ़त. EBITDA मार्जिन भी 6.5% से बढ़कर 8.2% हो गया. PAT में तेजी और प्रभावशाली मार्जिन सुधार ने रिज़ल्ट को मजबूत बनाया है. PAT में 34% की बढ़त रही, जो 7,610 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी के लाभ में बढ़त का एक अहम कारण “Other Income” का बढ़ना भी रहा, जो 613 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,522 करोड़ रुपये हो गई. वहीं रिफाइनिंग सेगमेंट में लागत कम होने से मार्जिन को सपोर्ट मिला.
परफॉर्मेंस में सुधार के बावजूद कंपनी का रिफाइनरी throughput QoQ थोड़ा नीचे रहा, जो 18.7 MMT से घटकर 17.6 MMT पर आया. इसके बावजूद ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन ($GRM) 4.08 डॉलर/बैरल (YoY) से बढ़कर 6.32 डॉलर/बैरल हो गया, जो इंडस्ट्री औसत से काफी बेहतर है.
Jefferies ने कहा कि IOC का EBITDA अनुमान से 33% ज्यादा रहा है और रिफाइनिंग बिज़नेस ने मजबूत सपोर्ट दिया है. LPG लॉस की भरपाई के लिए सरकार की संभावित कॉम्पनसेशन स्कीम H2FY26 से FY27 के दौरान कमाई को और सपोर्ट देगी.
Morgan Stanley का मानना है कि IOCL ने कोर PAT में भी मजबूती दिखाई है और इंटीग्रेटेड मार्जिन US$12.6/bbl रहा है, जो दो साल में सबसे बेहतर स्तर है. कंपनी की मार्केटिंग वॉल्यूम ग्रोथ भी इंडस्ट्री से बेहतर रही है, जिससे मार्केट शेयर में फायदा मिला.
Nomura ने बताया कि Q2FY26 में कंपनी का रिपोर्टेड GRM USD10.7/bbl रहा, जो इन्वेंट्री गेन से सपोर्टेड है. पेटकेम सेगमेंट ने भी पिछले तिमाही के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और घाटे से मुनाफे में आया.
Citi ने IOC पर सबसे आक्रामक टारगेट दिया है- ₹190. सिटी का मानना है कि रिफाइनिंग और इंटीग्रेटेड मॉडल की वजह से IOC आने वाले क्वार्टर्स में भी मजबूत फ्री कैशफ्लो जेनरेट करने में सक्षम रहेगा.