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10 से ज्यादा PSU कंपनियों ने खोल दिया डिविडेंड का द्वार. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
शेयर बाजार में इस वक्त अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो है सरकारी कंपनियों यानी PSU के Q4 नतीजों की. एक तरफ कंपनियों के नतीजे आ रहे हैं और दूसरी तरफ निवेशकों के बैंक खातों में मोटी रकम पहुंचने का रास्ता साफ हो रहा है. कोल इंडिया हो, मझगांव डॉक हो या फिर भेल, हर तरफ मुनाफे और डिविडेंड की गूंज सुनाई दे रही है.
दरअसल, इन कंपनियों के साथ एक ऐसी कहानी जुड़ी है जो शायद ही किसी और सेक्टर में देखने को मिले. जब भी बाजार में कोई सरकारी कंपनी अपना रिजल्ट पेश करती है, तो निवेशकों की नजर सिर्फ इस बात पर नहीं होती कि मुनाफा कितना हुआ, बल्कि असली उत्सुकता इस बात की होती है कि कंपनी डिविडेंड कितना देगी.
सरकारी कंपनियों के लिए डिविडेंड देना सिर्फ खुशी की बात नहीं है, बल्कि यह उनकी एक संरचनात्मक मजबूरी भी है. भारत सरकार इन कंपनियों में सबसे बड़ी हिस्सेदार है और उसे अपना राजकोषीय घाटा कम करने के लिए इन कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड की सख्त जरूरत होती है.
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यही वजह है कि सरकारी कंपनियां अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा शेयरधारकों को बांट देती हैं. वित्त वर्ष 2026 के लिए सरकार ने ₹71,000 करोड़ का लक्ष्य रखा था, लेकिन कोयला और पावर सेक्टर की बेहतरीन कमाई की बदौलत यह आंकड़ा ₹78,438 करोड़ तक पहुंच गया, जो लक्ष्य से करीब 10.5% ज्यादा है.
नीचे दी गई टेबल से समझिए कि किस कंपनी ने कितनी बाजी मारी है और आपके लिए वहां क्या मौके हैं.
| स्टॉक का नाम | Q4 डिविडेंड (₹) | FY26 कुल डिविडेंड (₹) | यील्ड (%) | YTD रिटर्न (%) |
| Coal India | 5.25 | 26.5 | 5.50% | +26.5% |
| REC Ltd | 1.55 | 18.5 | 5.40% | +1.4% |
| Chennai Petroleum | 54 | 62 | 1.20% | +28.8% |
| National Aluminium | 2 | 10.5 | 2.70% | +29.1% |
| Mazagon Dock | 4.62 | 18.1 | 0.60% | +7.2% |
| Garden Reach | 6.7 | 19.6 | 0.60% | +25.9% |
| BHEL | 1.4 | 1.4 | 0.30% | +40.5% |
| PNB | 3 | 3 | 2.60% | -11.4% |
| Indian Bank | 18.25 | 18.25 | 2.10% | +3.1% |
जब बात डिविडेंड की होती है, तो कोल इंडिया का नाम सबसे ऊपर आता है. इस कंपनी ने निवेशकों को कभी निराश नहीं किया. Q4 में कंपनी का मुनाफा 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ हो गया. ₹5.25 के फाइनल डिविडेंड के साथ पूरे साल का कुल डिविडेंड ₹26.75 हो गया है. 5.5% की शानदार डिविडेंड यील्ड इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और फायदे वाला स्टॉक बनाती है.
इस तिमाही का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज रहा चेन्नई पेट्रोलियम (CPCL). कंपनी ने जिस तरह की रिकवरी दिखाई है, उसने विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. पूरे साल का मुनाफा ₹174 करोड़ से बढ़कर ₹3,062 करोड़ पर पहुंच गया, जो 1659% की ऐतिहासिक बढ़त है. ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार ने कंपनी की किस्मत बदल दी है, जिसके बाद कंपनी ने मार्च तिमाही के लिए ₹54 का भारी-भरकम डिविडेंड घोषित किया है.
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पावर फाइनेंस की दिग्गज कंपनी REC लिमिटेड ने भी अपने शेयरधारकों का ख्याल रखा है. भले ही तिमाही मुनाफे में 21% की गिरावट आई, लेकिन पूरे साल का प्रदर्शन सॉलिड रहा. कंपनी का लोन बुक अब ₹6 लाख करोड़ के पार निकल चुका है और कुल सालाना डिविडेंड ₹18.55 प्रति शेयर रहा.
वहीं बैंकिंग सेक्टर में इंडियन बैंक की चमक बरकरार है. बैंक का नेट प्रॉफिट 5% की बढ़त के साथ ₹3,103 करोड़ रहा. बैंक ने ₹18.25 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 जून, 2026 तय की गई है. इसके अलावा पीएनबी, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी स्थिर नतीजे पेश कर निवेशकों का भरोसा जीता है.
डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनियों ने भी निवेशकों को अमीर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. 'मेक इन इंडिया' का असर इनकी बैलेंस शीट पर साफ दिख रहा है.
सरकारी कंपनियों (PSU) के ये नतीजे एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं. अब ये कंपनियां सिर्फ सरकारी सेवा का जरिया नहीं, बल्कि 'प्रॉफिट मशीन' बन चुकी हैं. कोल इंडिया और REC जैसी कंपनियों की हाई डिविडेंड यील्ड निवेशकों को बैंक FD से बेहतर रिटर्न दे रही है, जबकि भेल जैसी कंपनियों का शानदार मार्केट रिटर्न यह साबित करता है कि अब PSU शेयरों को पोर्टफोलियो से बाहर रखना घाटे का सौदा हो सकता है. अगर आप अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता और नियमित आय चाहते हैं, तो ये 'सरकारी नगीने' आपकी किस्मत बदल सकते हैं.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 डिविडेंड घोषित होने के बाद पैसा कब तक खाते में आता है?
आमतौर पर डिविडेंड की घोषणा के बाद 'रिकॉर्ड डेट' तय होती है. रिकॉर्ड डेट के लगभग 30 दिनों के भीतर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है.
Q2 क्या सरकारी कंपनियों में निवेश करना प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा सुरक्षित है?
सुरक्षा निवेश के नजरिए और सेक्टर पर निर्भर करती है, लेकिन PSU कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी होने के कारण इनमें दिवालिया होने का जोखिम न के बराबर होता है और डिविडेंड मिलने की गारंटी अधिक रहती है.
Q3 हाई डिविडेंड यील्ड का निवेशकों को क्या फायदा होता है?
हाई डिविडेंड यील्ड का मतलब है कि आपको शेयर की कीमत बढ़ने से होने वाले मुनाफे के अलावा, हर साल एक निश्चित नकद आय भी मिल रही है, जो आपकी कुल कमाई (Total Returns) को बढ़ा देती है.
Q4 क्या गिरते मुनाफे के बावजूद सरकारी कंपनियां डिविडेंड दे सकती हैं?
हां, अगर कंपनी के पास पर्याप्त नकद भंडार (Cash Reserves) है, तो वह अपने शेयरधारकों को खुश रखने और सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मुनाफे में मामूली गिरावट के बाद भी डिविडेंड दे सकती है.
Q5 'रिकॉर्ड डेट' निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
डिविडेंड पाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तारीख है. इस तारीख को आपके डीमैट खाते में शेयर होना अनिवार्य है, तभी आप कंपनी से मिलने वाले डिविडेंड के हकदार माने जाते हैं.