क्या हैं RBI के नए ECL नियम, जिनके चलते टूट गए सरकारी बैंकों के शेयर? 1.4% तक गिरा PSU Bank इंडेक्स

PSU Bank Stocks: RBI अब बैंकों और NBFCs के लिए Expected Credit Loss यानी ECL मॉडल लागू करने जा रहा है. यह नया ढांचा 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा. नए ECL मॉडल में बैंकों को संभावित नुकसान का अनुमान लगाकर पहले से ही अधिक प्रोविजनिंग करनी होगी.
क्या हैं RBI के नए ECL नियम, जिनके चलते टूट गए सरकारी बैंकों के शेयर? 1.4% तक गिरा PSU Bank इंडेक्स

RBI के ECL के नए फ्रेमवर्क के चलते आज सरकारी बैंक के शेयरों में दबाव दिखा. (Image: AI-generated)

PSU Bank Stocks: मंगलवार को बाजार खुलने के बाद PSU बैंक शेयरों में तेज दबाव देखने को मिला और Nifty PSU Bank Index कारोबार के दौरान करीब 1.3 फीसदी टूट गया. निवेशकों की चिंता की वजह बनी RBI की Expected Credit Loss (ECL) फ्रेमवर्क पर नई ड्राफ्ट गाइडलाइंस, जिनसे बैंकों की प्रोविजनिंग जरूरत बढ़ सकती है.

खासकर पब्लिक सेक्टर बैंकों पर इसका ज्यादा असर माना जा रहा है, क्योंकि इनके पोर्टफोलियो में बड़े पैमाने पर रिटेल और MSME लोन हैं. आइए समझते हैं कि RBI का नया नियम क्या है और इसका बैंकों पर क्या असर पड़ सकता है.

क्या है RBI का नया ECL नियम?

Add Zee Business as a Preferred Source

RBI अब बैंकों और NBFCs के लिए Expected Credit Loss यानी ECL मॉडल लागू करने जा रहा है. यह नया ढांचा 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा. अभी तक बैंक Incurred Loss Model पर काम करते हैं, जिसमें डिफॉल्ट या तनाव स्पष्ट दिखने के बाद ही अतिरिक्त प्रावधान किया जाता है. नए ECL मॉडल में बैंकों को संभावित नुकसान का अनुमान लगाकर पहले से ही अधिक प्रोविजनिंग करनी होगी.

तीन चरणों में होगा लोन जोखिम का आकलन

नई व्यवस्था के तहत RBI लोन को तीन चरणों में बांटेगा.

1. पहले चरण में नए और कम जोखिम वाले लोन होंगे, जिन पर 0.25% से 0.40% तक प्रोविजनिंग करनी होगी.

2. दूसरे चरण में वे लोन आएंगे जहां डिफॉल्ट का जोखिम बढ़ा है, लेकिन वे अभी NPA नहीं बने हैं. ऐसे मामलों में अधिकतम 5% तक प्रोविजनिंग करनी पड़ सकती है.

3. तीसरे चरण में डिफॉल्टेड लोन आएंगे, जिन पर 10% से 100% तक प्रोविजनिंग होगी.

RBI ECL Guidelines

अनसिक्योर्ड लोन पर ज्यादा असर

अनसिक्योर्ड लोन के लिए नियम और सख्त हैं. Stage 1 में 1% प्रोविजनिंग, Stage 2 में 5% और Stage 3 में एक साल के भीतर 100% तक प्रावधान करना होगा. इससे उन बैंकों पर ज्यादा दबाव आ सकता है जिनकी अनसिक्योर्ड लोन बुक बड़ी है.

LIVE TV:

बैंकों के लिए क्यों है निगेटिव?

सबसे बड़ा असर Stage 2 लोन पर होगा. अभी 60-90 दिन overdue standard asset loans पर बैंक सिर्फ करीब 0.4% प्रावधान रखते हैं. नए नियमों के बाद इन्हीं लोन पर 5% तक प्रोविजनिंग करनी पड़ सकती है. इससे बैंक की profitability और capital ratios पर दबाव आ सकता है.

RBI ने कुछ राहत भी दी

हालांकि RBI ने ट्रांजिशन पीरियड में CET1 कैपिटल कैलकुलेशन पर कुछ राहत दी है, ताकि बैंकों पर शुरुआती झटका कम हो. साथ ही NPA पहचान के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी 90 दिन बकाया रहने पर ही लोन NPA माना जाएगा.

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?

RBI की इस घोषणा के बाद PSU बैंक शेयरों में व्यापक बिकवाली दिखी. Nifty PSU Bank Index 1.40 फीसदी गिरकर 8,720 के करीब आ गया. Bank of India में करीब 2.5 फीसदी, Punjab & Sind Bank में 2.5 फीसदी, Union Bank में 2.2 फीसदी, Canara Bank में 2 फीसदी और Bank of Baroda में करीब 1.8 फीसदी की गिरावट देखी गई. SBI, PNB और Bank of Maharashtra जैसे बड़े PSU बैंक भी दबाव में रहे.

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

बाजार फिलहाल इस आशंका को कीमतों में शामिल कर रहा है कि नए नियम लागू होने पर बैंकों को ज्यादा पूंजी और अधिक प्रावधान की जरूरत पड़ेगी. हालांकि नियम 2027 से लागू होंगे, लेकिन निवेशक अभी से उन बैंकों का आकलन कर रहे हैं, जिनकी असेट क्वॉलिटी और अनसिक्योर्ड एक्सपोजर ज्यादा है. शॉर्ट टर्म में PSU बैंक शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 ECL मॉडल क्या है?

Expected Credit Loss मॉडल ऐसा फ्रेमवर्क है जिसमें बैंक संभावित डिफॉल्ट का अनुमान लगाकर पहले से प्रावधान करते हैं.

Q2 नए नियम कब से लागू होंगे?

RBI के नए ECL नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे.

Q3 PSU बैंक शेयर क्यों गिरे?

निवेशकों को डर है कि नए नियमों से बैंकों की प्रोविजनिंग बढ़ेगी और मुनाफे पर असर पड़ेगा.

Q4 किन लोन पर सबसे ज्यादा असर होगा?

Stage 2 और unsecured loans पर सबसे ज्यादा अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ सकता है.

Q5 क्या NPA नियम बदल गए हैं?

नहीं, NPA पहचान का नियम वही है- 90 दिन overdue होने पर ही लोन NPA माना जाएगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6