Stocks to BUY: भारत के टेलीकॉम सेक्टर को लेकर विदेशी ब्रोकरेज हाउस Macquarie ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में सबसे बड़ी हाइलाइट रही टाटा कम्युनिकेशन पर ब्रोकरेज का सुपर बुलिश टेक. Macquarie का कहना है कि कंपनी आने वाले समय में मजबूत ग्रोथ दिखा सकती है और इस वजह से इस पर उनका आउटपरफॉर्म रेटिंग बना हुआ है. खास बात यह है कि उन्होंने इसका टारगेट प्राइस ₹2,210 तय किया है, जो मौजूदा स्तर ₹1,556 से करीब 42% का अपसाइड पोटेंशियल है.
3/8Macquarie ने बाकी टेलीकॉम कंपनियों पर भी अपनी राय दी है. इनमें Reliance Jio और Bharti Airtel जैसे दिग्गज भी शामिल हैं.
4/8रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस जियो अब "वैल्यू ओवर वॉल्यूम" की स्ट्रैटेजी अपना रही है. इसका मतलब है कि कंपनी अब सिर्फ ज्यादा ग्राहकों पर ध्यान देने की बजाय बेहतर एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़ाने पर फोकस कर रही है. इस वजह से आने वाले समय में जियो का EBITDA ग्रोथ एयरटेल की तुलना में ज्यादा मजबूत रहने की उम्मीद है. दूसरी ओर, भारती एयरटेल को लेकर रिपोर्ट थोड़ी सतर्क है. हालांकि कंपनी की ग्रोथ बनी रहेगी, लेकिन जियो की तुलना में उसकी प्रॉफिटेबिलिटी उतनी तेज नहीं होगी.
5/8वोडाफोन आइडिया के लिए Macquarie का आउटलुक कमजोर है. ब्रोकरेज ने इसका टारगेट घटाकर ₹5 कर दिया है, जो मौजूदा प्राइस ₹6.56 से करीब 23% का नुकसान दर्शाता है. रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की कैपेक्स (Capex) जरूरतें बहुत ज्यादा हैं और इन्हें पूरा करने के लिए बाहरी फाइनेंसिंग की आवश्यकता होगी. इससे निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है.
6/8Macquarie का मानना है कि आने वाले समय में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल दोनों की कैपेक्स इंटेंसिटी (खर्च) कम होगी. यानी कंपनियां पहले जितना भारी-भरकम खर्च नहीं करेंगी और यह सीधे तौर पर उनकी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने में मदद करेगा.
7/8वहीं, वोडाफोन आइडिया की चुनौती यही है कि उसके पास कैपेक्स के लिए पर्याप्त कैश फ्लो नहीं है. अगर कंपनी बाहरी फंडिंग जुटाने में सफल नहीं हुई तो उसकी मार्केट पोजीशन और कमजोर हो सकती है.