Rakesh Jhunjhunwala Strategy: जब भी भारत के बिगबुल का जिक्र होता है तो राकेश झुनझुनवाला का नाम टॉप पर होता है. देश के काफी सारे ट्रेडर-इंवेस्टर उन्हें अपना गुरु मानते हैं. अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं तो उनकी एक खास स्ट्रेटजी आपको फॉलो करनी चाहिए. उन्होंने एक बार कहा था कि व्यक्ति को हमेशा उन कंपनियों में पैसा लगाना चाहिए जिसका फ्यूचर बढ़ियां हो, ग्रोथ आउटलुक बेहतर हो और वह अपने एक्चुअल प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहा है. मजे की बात ये है कि झुनझुनवाला का फेवरेट शेयर टाइटन अभी इन्ही तीन कंडीशन के साथ ट्रेड कर रहा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
1/5भारतीय कंज्यूमर सेक्टर की टॉप कंपनियों में से एक टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Ltd.) के शेयर फिलहाल 52 हफ्तों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं. कंपनी का शेयर हाल ही में 3,017 रुपये तक फिसल गया, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है, जो इस शेयर का 52 वीक लो है. हालांकि अब इसमें हल्की रिकवरी शुरू हो गई, जो स्टॉक के लिए एक बेहतर संकेत है. स्टॉक अभी 3,166 रुपए प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है.
2/5ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने टाइटन के शेयर पर अपनी आउटपरफॉर्म (Outperform) रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस घटाकर 4,000 रुपए कर दिया है, जो पहले 4,150 रुपए था. यह कटौती मुख्य रूप से गोल्ड लीजिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी और ज्वेलरी डिमांड पर असर को ध्यान में रखते हुए की गई है. मैक्वायरी ने बताया कि छोटे खिलाड़ियों के लिए गोल्ड लीजिंग कॉस्ट बढ़ने से टाइटन की स्थिति मजबूत होगी, जिससे कंपनी को फायदा हो सकता है.
3/5हालांकि, लेब ग्रोन डायमंड्स (Lab-Grown Diamonds) से जुड़े संभावित खतरे को मैक्वायरी ने महत्वपूर्ण नहीं माना है. इसके अलावा, FY25-27 के लिए टाइटन की EPS (Earnings Per Share) का अनुमान 3-4% तक घटा दिया गया है. यह कटौती अमेरिका में ट्रम्प के टैरिफ और गोल्ड की बढ़ती कीमतों के चलते निकट भविष्य में आभूषणों की मांग पर असर पड़ने की आशंका के कारण की गई है.
4/5टाइटन ने दिसंबर तिमाही (Q3FY25) के अपने नतीजे घोषित किए, जिसमें कंपनी का शुद्ध लाभ (net profit) 5% घटकर 990 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,042 करोड़ रुपए था. हालांकि, कंपनी की कुल आय (Revenue) 24.32% की वृद्धि के साथ 16,053 करोड़ रुपए हो गई. अगर बुलियन सेल्स को छोड़ दें, तो टोटल इनकम 13,071 करोड़ रुपए रही, जो 24.2% की सालाना वृद्धि को दर्शाती है.
5/5बीते एक साल में टाइटन के शेयरों ने 18% की गिरावट दर्ज की है, जिससे यह मार्केट में अंडरपरफॉर्म करता नजर आया है. हालांकि, पिछले तीन वर्षों में कंपनी का स्टॉक 20% बढ़ा है, लेकिन हाल ही में आई गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है. एक्सपर्ट का मानना है कि अगर टाइटन आने वाले तिमाहियों में अपनी ग्रोथ को बनाए रखने में सफल होती है, तो स्टॉक में रिकवरी की संभावनाएं बनी रहेंगी. फिलहाल, निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति के तहत ही निवेश का फैसला लेना चाहिए.