Best Stock to Buy or Sell: दवा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Aurobindo Pharma एक बार फिर से दलाल स्ट्रीट के केंद्र में है, लेकिन इस बार वजह है ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट. एक तरफ जहां कुछ दिग्गज ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक पर ‘Buy’ की सलाह दे रहे हैं, वहीं कुछ इसे ‘Sell’ करने की सिफारिश कर रहे हैं. चलिए इसके पीछे की वजह को टटोलने का काम करते हैं.
1/6Goldman Sachs ने Aurobindo Pharma पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को ₹1300 से घटाकर ₹1275 किया है. उनका मानना है कि कंपनी gRevlimid (एक जेनेरिक दवा) के असर के बावजूद मजबूत प्रदर्शन करने में सक्षम है. FY26 के लिए कंपनी ने gRevlimid को छोड़कर हाई सिंगल डिजिट ग्रोथ का मार्गदर्शन दिया है और मार्जिन को स्थिर बनाए रखने की योजना है. मौजूदा वैल्यूएशन लगभग 30-40% की छूट पर ट्रेड हो रही है, जिससे रिस्क कम दिख रहा है.
2/6दूसरी तरफ, Citi ने उसी स्टॉक पर ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को ₹1140 से घटाकर ₹1100 कर दिया है. Citi के मुताबिक कंपनी का Q4 EBITDA अनुमान से 5% कम रहा और जब gRevlimid के योगदान को हटाया गया, तो बेसलाइन EBITDA मार्जिन 18.5% पर आ गया, जो साल दर साल 100 बेसिस पॉइंट नीचे है. Citi ने मैनेजमेंट के कमेंट्री को भी “underwhelming” बताया और कहा कि इसमें उत्साह की कमी थी.
3/6इसी बीच, HSBC ने Auro Pharma पर भरोसा जताते हुए ‘Buy’ रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस को ₹1385 से बढ़ाकर ₹1415 कर दिया है. HSBC को कंपनी की भविष्य की रणनीति में मजबूती दिख रही है और उन्हें उम्मीद है कि कंपनी दबाव के बावजूद स्थिर मुनाफा दे सकेगी.
4/6CLSA ने Aurobindo Pharma पर ‘Accumulate’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट ₹1400 तय किया है. CLSA का मानना है कि कंपनी की मौजूदा कीमत और संभावित ग्रोथ के बीच संतुलन है, लेकिन निवेशकों को थोड़ा और सुधार का इंतजार करना चाहिए.
5/6वहीं, UBS ने Aurobindo Pharma पर नकारात्मक रुख अपनाया है और ‘Sell’ की रेटिंग के साथ टारगेट ₹1200 रखा है. UBS के अनुसार FY26 की गाइडेंस कमजोर है, जिससे 9% तक EPS कटौती का खतरा है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी का नया Penicillin G प्लांट सिर्फ 6-8 महीने ही चालू रहेगा और gRevlimid में प्राइस इरोशन, साथ ही Eugia III ब्रांड से सपाट प्रदर्शन की उम्मीद है.
6/6इस विरोधाभास के पीछे सबसे बड़ा कारण है कंपनी की FY26 गाइडेंस, gRevlimid का प्रभाव और नया प्लांट. जहां कुछ फर्मों को लगता है कि कंपनी इन चुनौतियों से निपट लेगी, वहीं अन्य को डर है कि यह दबाव कंपनी की कमाई पर असर डालेगा. ऐसे में आपको निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)