Defence Stocks to BUY: रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में डिफेंस कंपनियों की तरफ से भी नतीजों का ऐलान किया जाएगा. भारत में डिफेंस एक ऐसा थीम बन गया है जो लॉन्ग टर्म स्ट्रक्चरल ग्रोथ के लिए तैयार नजर आ रहा है. हाल-फिलहाल की घटनाओं ने ग्लोबली डिफेंस एक्सपेंडिचर को पुश करने और आने वाले समय में इसे और बढ़ाने का काम किया है. ऐसे में निवेश के लिहाज से डिफेंस स्टॉक्स अट्रैक्टिव नजर आ रहे हैं और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकते हैं. डोमेस्टिक ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने Q1FY26 नतीजों से पहले सेक्टर को लेकर एक डीटेल रिपोर्ट जारी की है.
1/5अपनी रिपोर्ट में नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि Q4FY25 में कवरेज होने वाली डिफेंस कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया. इलेक्शन और अन्य कारणों से 9MFY25 में मोमेंटम कमजोर रहा, लेकिन चौथी तिमाही में ऑर्डर इनटेक और एग्जीक्यूशन में शानदार रिकवरी दर्ज की गई. ब्रोकरेज को डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट का आउटलुक ज्यादा बेहतर नजर आ रहा है. अगले 5 सालों के लिए यह सेगमेंट डिफेंस बजट आउटले ग्रोथ (7–8% CAGR) के मुकाबले 2–3x ज्यादा रफ्तार से ग्रोथ करने की उम्मीद है. डिफेंस मॉडर्नाइजेशन और लोकलाइजेशन पर फोकस बढ़ने का डबल बेनिफिट इस सेगमेंट को मिलेगा. देश में बने हथियारों को सेना में शामिल करने की प्रक्रिया धीमी है, जिसके कारण डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की अपॉर्च्युनिटी बड़ी है.
2/5पिछले 3 दशकों से भारत का डिफेंस एक्सपेंडिचर ग्रोथ 8% रहा है. यूरोप, मिडिल ईस्ट, ईस्ट एशिया क्राइसिस ने डिफेंस इक्विपमेंट्स में लोकलाइजेशन को बढ़ाने की जरूरत दिखाई है. इसके कारण प्राइवेट प्लेयर्स के लिए भी गोल्डन पाइपलाइन खुल रहा है. इंपोर्ट सप्लाई चेन क्राइसिस के कारण घरेलू हथियारों का इंडक्शन स्लो हो रहा है, नतीजन इंडियन आर्म्ड फोर्सेस अगले 2-3 सालों के लिए अपने वर्तमान फ्लीट साइज को मॉडर्न करने पर फोकस करेगी. नतीजन डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट को बड़ा लाभ मिलेगा. मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की तरफ से प्रोक्योरमेंट प्रोसेस को शॉर्ट करने की कोशिश है. टाइमलाइन को 96 वीक्स से घटाकर 24 वीक्स पर लाने की है. कुल मिलाक सेक्टर काफी अट्रैक्टिव है.
3/5ब्रोकरेज ने कहा कि बीते 2-3 सालों में इंडियन डिफेंस स्टॉक्स की री-रेटिंग हुई है और कई सारे स्टॉक्स वैल्युएशन के लिहाज से प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर बुक, ऑर्डर पाइपलाइन, जियोपॉलिटिकल पोजिशनिंग, एक्सपोर्ट पर फोकस डिफेंस स्टॉक्स को हाई वैल्युएशन्स पर भी अट्रैक्टिव बनाते हैं. खासकर प्राइवेट प्लेयर्स बेहतर रिटर्न रेशियो (RoE/RoCE) के कारण DPSU के मुकाबले प्रीमियम प्राइसिंग एंजॉय कर रहे हैं. Bharat Electronics और Data Patterns डिफेंस सेगमेंट में ब्रोकरेज के टॉप पिक्स हैं.