मार्केट क्रैश के बीच 2 कंपनियों पर दांव लगाने की होड़, बड़े विदेशी ब्रोकरेज हुए सुपर बुलिश!

शेयर मार्केट क्रैश के बीच 2 भारतीय कंपनियों पर बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस काफी पॉजिटिव नजर आए हैं. Jefferies और Citi ने दोनों शेयरों पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है.
मार्केट क्रैश के बीच 2 कंपनियों पर दांव लगाने की होड़, बड़े विदेशी ब्रोकरेज हुए सुपर बुलिश!

मार्केट क्रैश के बीच 2 कंपनियों पर दांव लगाने की होड़. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

शेयर बाजार में सोमवार की तरह मंगलवार को भी जोरदार गिरावट देखने को मिली. निफ्टी की वीकली एक्सपायरी पर इस गिरावट में और तेजी दिखी. Sensex 1456 अंक टूटकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी 436 अंक फिसलकर 23,379 पर आ गया. Bank Nifty 884 अंक टूटकर 53,555 पर बंद हुआ.

हालांकि, इसी बीच 2 कंपनियां ऐसी हैं, जिनपर बड़े विदेशी ब्रोकरेज हुए सुपर बुलिश नज़र आ रहे हैं. हम बात कर रहे हैं, PB Fintech और GCPL की. ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में कंपनियों के बिजनेस मॉडल, नई रणनीति और ग्रोथ प्लान को लेकर काफी सकारात्मक संकेत मिले हैं.

PB Fintech पर Jefferies और Citi दोनों का भरोसा

PB Fintech का CMP 1,596 रुपये बताया गया है. Jefferies ने स्टॉक पर Buy रेटिंग बनाए रखते हुए 1,950 रुपये का टारगेट दिया है. वहीं Citi ने इससे भी ज्यादा बुलिश रुख दिखाते हुए 2,275 रुपये का टारगेट रखा है.

PB Fintech

Jefferies ने किन बातों पर दिया जोर

Jefferies के मुताबिक, कंपनी की सफलता के पीछे मौजूद ऑपरेशनल ताकतों पर खास फोकस रहा. रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस में वैल्यू एडेड सर्विसेज के जरिए अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है.

ब्रोकरेज ने यह भी माना कि AI डिसरप्शन को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन इंश्योरेंस सेक्टर में लो कन्वर्सेशन और पोस्ट क्लेम सपोर्ट जैसी चुनौतियां AI के असर को सीमित कर सकती हैं.

Jefferies की रिपोर्ट की बड़ी बातें-

  • हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस में मजबूत पकड़ बनाने पर फोकस.
  • POSP बिजनेस को आने वाले समय का बड़ा मौका बताया.
  • नियमों में बदलाव के दौर में मजबूत कैश को बड़ी ताकत माना.
  • कंपनी की काम करने की क्षमता पर पूरा भरोसा दिखाया.

Citi ने PB Fintech के लिए क्या कहा

सिटी ने भी कंपनी पर खरीदारी की राय कायम रखी. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी कई बीमा कारोबार क्षेत्रों में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है. रिपोर्ट में नए उत्पाद और कारोबार को मजबूत तरीके से जोड़ने की रणनीति को बढ़त की बड़ी वजह बताया गया. इसमें क्लेम निपटान, जोखिम आकलन प्रक्रिया और गैराज नेटवर्क जैसे हिस्सों पर खास फोकस है. सिटी के मुताबिक कंपनी अब सिर्फ बीमा बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा तंत्र तैयार करने की दिशा में काम कर रही है.

Phy-gital मॉडल पर बड़ा दांव

Citi ने खासतौर पर कंपनी के phy-gital strategy का जिक्र किया. यानी डिजिटल और फिजिकल नेटवर्क को साथ लेकर बिजनेस बढ़ाने की कोशिश. इसके जरिए कंपनी ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचना चाहती है. इसके अलावा Pension Bazaar जैसे नए बिजनेस सेगमेंट्स में निवेश को भी लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा बताया गया.

GCPL पर Citi और Goldman Sachs दोनों का भरोसा मजबूत

GCPL का शेयर भाव 1,028 रुपये के आसपास है. Citi ने खरीदारी की राय के साथ 1,300 रुपये का लक्ष्य दिया है. वहीं Goldman Sachs ने 1,350 रुपये का लक्ष्य रखा है. दोनों ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की कारोबार बदलने और मजबूत करने की रणनीति आने वाले सालों में बड़ी ताकत बन सकती है.

Citi को क्यों दिख रही है मजबूत बढ़त

Citi के मुताबिक GCPL अब कारोबार बढ़ने के नए दौर में प्रवेश कर रही है. रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी जिन बड़े बाजारों में काम करती है, वहां आगे की बढ़त को लेकर भरोसा बढ़ा है. FY27 के लिए ब्रोकरेज ने-

  • मुख्य कारोबार की रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद.
  • कमाई में अच्छी बढ़त आने का अनुमान.
  • ऑपरेटिंग मुनाफा बढ़ने की उम्मीद जताई.

हालांकि कच्चे माल की महंगाई से मुनाफे पर थोड़ा दबाव रहने की बात भी कही गई. लेकिन Citi का मानना है कि हाल में की गई 4-5% कीमत बढ़ोतरी से इसका असर काफी हद तक संभाला जा सकता है.

Goldman Sachs ने तेज बढ़त वाले कारोबार पर दिया जोर

Goldman Sachs की रिपोर्ट में कंपनी के तेजी से बढ़ रहे कारोबार को सबसे बड़ा आकर्षण बताया गया. इस कारोबार में शामिल हैं-

  • Air care
  • Liquid detergents
  • Incense sticks

ब्रोकरेज के मुताबिक FY26 में यह पोर्टफोलियो कंपनी की कुल revenue का 15% हिस्सा है और इसमें 30-35% ग्रोथ की उम्मीद है.

आने वाले वर्षों का अनुमान-

सालRevenue Contribution
FY2615%
FY2720%
FY3040%

Goldman Sachs ने कहा कि इन बिजनेस सेगमेंट्स ने अब critical mass हासिल कर लिया है. शुरुआती investment phase खत्म होने के बाद अब profit growth revenue growth से तेज रहने की उम्मीद है.

साबुन के अलावा दूसरे कारोबार में तेज बढ़त

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि FY26 में भारत के कारोबार में साबुन के अलावा दूसरे उत्पादों की बिक्री में अच्छी तेजी देखने को मिली. इसका मतलब है कि कंपनी अब सिर्फ पुराने कारोबार पर निर्भर नहीं है, बल्कि नए कमाई के रास्ते भी तैयार कर रही है.

अब बाजार की नजर काम के नतीजों पर

PB Fintech और GCPL को लेकर आई रिपोर्ट्स से एक बात साफ दिखी. बाजार अब सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन नहीं देख रहा, बल्कि यह भी देख रहा है कि कंपनियां आने वाले कई सालों की तैयारी कैसे कर रही हैं.

PB Fintech बीमा से जुड़ा मजबूत पूरा तंत्र बनाने पर फोकस कर रही है. वहीं GCPL नए कारोबार और उत्पादों के जरिए अपने कारोबार को बदलने में जुटी है. आने वाले समय में निवेशकों की नजर इन दोनों कंपनियों के कामकाज और बढ़त पर बनी रह सकती है.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 PB Fintech पर कौन-कौन से ब्रोकरेज बुलिश हैं?

Jefferies और Citi दोनों ने PB Fintech पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है.

Q2 PB Fintech के लिए सबसे बड़ा टारगेट किसने दिया?

Citi ने 2,275 रुपये का टारगेट दिया है, जो Jefferies के 1,950 रुपये से ज्यादा है.

Q3 GCPL के लिए Goldman Sachs का क्या नजरिया है?

Goldman Sachs ने GCPL पर Buy रेटिंग रखते हुए 1,350 रुपये का टारगेट दिया है.

Q4 GCPL के हाई ग्रोथ पोर्टफोलियो में कौन से बिजनेस शामिल हैं?

Air care, liquid detergents और incense sticks को हाई ग्रोथ पोर्टफोलियो का हिस्सा बताया गया है.

Q5 GCPL के लिए commodity inflation कितना बड़ा जोखिम माना गया?

Citi ने margin sensitivity की बात कही है, लेकिन हाल की price hikes से असर कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई गई है.

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