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भारत की सबसे बड़ी तेल एवं गैस कंपनी ONGC पर ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसों ने सतर्कता की सलाह दी है. Goldman Sachs, Citi और Nomura तीनों ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कंपनी के शेयर को लेकर सतर्क रुख अपनाया है.
बुधवार को ONGC का शेयर ₹253 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी के सितंबर तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, और यही वजह है कि एनालिस्ट्स ने इसमें निकट भविष्य के लिए कोई बड़ा अपसाइड नहीं देखा है.
Goldman Sachs ने ONGC पर अपनी “Sell” रेटिंग को बरकरार रखा है. हालांकि उन्होंने टारगेट प्राइस ₹205 से बढ़ाकर ₹220 किया है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि यह स्टॉक आगे और गिरावट दिखा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन ऊंचे ऑपरेटिंग खर्च (Opex) के कारण दबाव में है.
साथ ही, तेल उत्पादन में कोई बड़ा इजाफा फिलहाल नजर नहीं आ रहा. Goldman Sachs का कहना है कि कंपनी के लिए निकट अवधि में कोई बड़ा कैटेलिस्ट मौजूद नहीं है और निवेशकों को इससे फिलहाल दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
Citi ने भी ONGC पर “Sell” रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस ₹205 से बढ़ाकर ₹225 कर दिया है. Citi का कहना है कि कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी फिलहाल सीमित है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के मैनेजमेंट ने FY26 और FY27 के लिए ऑयल प्रोडक्शन गाइडेंस 19.8 और 21 मिलियन टन तय की है.
हालांकि यह स्थिर प्रोडक्शन दिखाता है, पर एनालिस्ट्स को इसमें कोई बड़ी ग्रोथ ट्रिगर नहीं दिख रहा. Citi ने कहा कि गैस सेगमेंट में भी प्रेशर जारी है, जबकि ऑपेक्स में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है.
Nomura ने ONGC पर Neutral रेटिंग बनाए रखी है लेकिन टारगेट प्राइस ₹275 से घटाकर ₹270 किया है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के Q2 रिजल्ट्स उनके अनुमान से कमजोर रहे क्योंकि Opex (ऑपरेटिंग खर्च) उम्मीद से ज्यादा रहा.
हालांकि Nomura ने FY25-28 के दौरान 4% वॉल्यूम CAGR (Compound Annual Growth Rate) का अनुमान लगाया है, जो मामूली है. Nomura की रिपोर्ट में प्रबंधन के कई अहम पॉइंट्स का ज़िक्र किया गया है. FY26/27 के लिए ऑयल प्रोडक्शन गाइडेंस 19.8/21 मिलियन टन और गैस गाइडेंस 20/21.5 bcm.
हालांकि ONGC भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है और सरकार की ऊर्जा नीति में इसकी भूमिका अहम है, लेकिन मौजूदा समय में कुछ फैक्टर्स इसे निवेश के लिहाज से कमजोर बना रहे हैं. पहला, कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे नेट मार्जिन पर असर पड़ रहा है.
दूसरा, एक्सपोर्ट और गैस प्राइसिंग दोनों ही फिलहाल दबाव में हैं. तीसरा, कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस मामूली है- यानी FY26-27 तक कोई बड़ा उछाल नहीं दिखेगा. हालांकि ONGC ने रिन्यूएबल एनर्जी और कॉस्ट कटिंग पर जोर दिया है, लेकिन इनका असर दिखने में वक्त लगेगा. एनालिस्ट्स का मानना है कि निकट अवधि में यह स्टॉक सीमित दायरे में रह सकता है.
ONGC का शेयर बुधवार को ₹253 पर बंद हुआ. मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से यह स्टॉक करीब 8-10% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन Goldman Sachs और Citi के टारगेट्स के अनुसार इसमें और गिरावट की गुंजाइश बची है. Nomura ने हालांकि Neutral रुख रखा है, लेकिन उन्होंने भी आगे की रैली को सीमित बताया है.
Q1. ONGC का मौजूदा शेयर प्राइस क्या है?
ONGC का शेयर फिलहाल ₹253 के आसपास ट्रेड कर रहा है.
Q2. Goldman Sachs ने ONGC के लिए क्या रेटिंग दी है?
Goldman Sachs ने “Sell” रेटिंग दी है और टारगेट ₹220 तय किया है.
Q3. Citi ने ONGC पर क्या राय दी है?
Citi ने भी “Sell” रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट ₹225 दिया है.
Q4. Nomura ने क्या कहा है?
Nomura ने Neutral रुख रखा है और टारगेट ₹270 किया है.
Q5. क्या अभी ONGC में निवेश करना सही रहेगा?
ज्यादातर ब्रोकरेज का मानना है कि फिलहाल ONGC में निवेश से बचना बेहतर है क्योंकि कंपनी की ग्रोथ सीमित और मार्जिन दबाव में हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)