ONGC के शेयरों में तूफानी तेजी, सरकार के बड़े फैसले से बदलेगा पूरा गेम! ब्रोकरेज ने कहा- अभी तो 35% और दौड़ेगा Stock

ONGC Share Price: सरकार अब घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसी दिशा में नई रॉयल्टी स्ट्रक्चर लागू की गई है, जिससे ONGC और Oil India जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
ONGC के शेयरों में तूफानी तेजी, सरकार के बड़े फैसले से बदलेगा पूरा गेम! ब्रोकरेज ने कहा- अभी तो 35% और दौड़ेगा Stock

ऑयल एंड गैस सेक्टर के लिए सरकार के बड़े फैसले के बाद ONGC पर बुलिश हुआ ब्रोकरेज. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/Gemini)

ONGC Share Price: शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट के बीच सरकार के एक बड़े फैसले ने Oil & Gas सेक्टर में नई जान फूंक दी है. मंगलवार को ONGC और Oil India के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. जहां निफ्टी के लगभग सारे सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, वहीं, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में तेजी दर्ज हो रही थी. इसकी वजह रही केंद्र सरकार की ओर से तेल और गैस उत्पादन पर रॉयल्टी दरों में बड़ा बदलाव करना.

दरअसल, सरकार अब घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसी दिशा में नई रॉयल्टी स्ट्रक्चर लागू की गई है, जिससे ONGC और Oil India जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.

ब्रोकरेज हाउस CLSA ने भी इस फैसले को ONGC के लिए “सरप्राइज पॉजिटिव” बताया है और शेयर पर High Conviction Outperform रेटिंग बरकरार रखी है. ONGC का शेयर आज 6.7% चढ़कर इंट्राडे में 299 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. वहीं, Oil India का शेयर भी 8% की तेजी के साथ 498 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था.

आखिर क्या बदला है?

सरकार ने ऑनशोर, ऑफशोर, डीप वॉटर और अल्ट्रा-डीप वॉटर ऑयल एंड गैस ब्लॉक्स के लिए रॉयल्टी रेट्स में बड़ा बदलाव किया है. आसान भाषा में समझें तो अब कई क्षेत्रों में कंपनियों को कम रॉयल्टी देनी होगी, जिससे उनकी प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर हो सकती है. सरकार का मकसद साफ है कि देश में ज्यादा एक्स्प्लोरेशन और प्रोडक्शन हो ताकि विदेशों से तेल-गैस आयात पर निर्भरता घटे.

नई रॉयल्टी दरें क्या हैं?

कच्चे तेल (Crude Oil) पर नई रॉयल्टी

क्षेत्रनई रॉयल्टी दर
Onshore Oil Production12.50%
Shallow Water Offshore7.50%
Deep Water Blocksपहले 7 साल 0%, बाद में 5%
Ultra Deep Water Blocksपहले 7 साल 0%, बाद में 2%

प्राकृतिक गैस (Natural Gas) पर नई रॉयल्टी

क्षेत्रनई रॉयल्टी दर
Onshore Gas Production10.00%
Shallow Water Gas Blocks7.50%
Deep Water Gas Blocksपहले 7 साल 0%, बाद में 5%
Ultra Deep Water Gas Blocksपहले 7 साल 0%, बाद में 2%

HELP Policy के तहत और भी राहत

सरकार ने HELP यानी Hydrocarbon Exploration and Licensing Policy के तहत नए ब्लॉक्स के लिए कंसेशनल रॉयल्टी रिजीम भी लागू की है.

HELP के तहत रियायती रॉयल्टी

ब्लॉकरॉयल्टी
Onshore Oil Blocks8.75% - 11.25%
Shallow Water Blocks5.25% - 6.75%
Deep Waterपहले 7 साल 0%, बाद में 3.5% - 4.5%
Ultra Deep Waterपहले 7 साल 0%, बाद में 1.4% - 1.8%

इससे नई एक्स्पलोरेशन प्रॉजेक्ट्स आर्थिक रूप से ज्यादा आकर्षक बन सकते हैं.

ONGC और Oil India को कैसे होगा फायदा?

ONGC और Oil India देश की सबसे बड़ी अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस कंपनियों में शामिल हैं. इनका बड़ा कारोबार एक्स्प्लोरेशन और प्रॉडक्शन से जुड़ा है. जब रॉयल्टी बर्डन घटेगा, तो कंपनियों की लागत कम होगी और अर्निंग्स बेहतर हो सकती हैं. यही वजह है कि बाजार ने इस खबर को काफी पॉजिटिव तरीके से लिया है.

CLSA के मुताबिक:

  • ONGC की फेयर वैल्यू में 7-9% तक का इजाफा हो सकता है
  • Oil India की फेयर वैल्यू में 9-11% तक बढ़ोतरी संभव है

CLSA ने ONGC पर ₹405 का टारगेट प्राइस दिया है. मंगलवार को शेयर ₹299 के आसपास ट्रेड कर रहा था, यानी ब्रोकरेज को करीब 35% अपसाइड की उम्मीद है.

सरकार का बड़ा लक्ष्य क्या है?

Oil & Gas Royalty Rates

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

यह फैसला सिर्फ शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट बूस्टर नहीं माना जा रहा, बल्कि मीडियम से लॉन्ग टर्म में स्ट्रक्चरल मजबूती दे सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और घरेलू प्रोडक्शन बढ़ता है, तो ONGC और Oil India जैसी कंपनियों की अर्निंग्स आउटलुक बेहतर हो सकती है. हालांकि निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों, सरकार की नीतियों और वैश्विक ऊर्जा मांग जैसे फैक्टर्स पर नजर बनाए रखनी होगी.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Royalty क्या होती है?

Oil और gas कंपनियां प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन के बदले सरकार को जो शुल्क देती हैं, उसे royalty कहा जाता है.

Q2 Royalty घटने से कंपनियों को क्या फायदा होता है?

कम royalty का मतलब कम लागत और बेहतर profitability होता है, जिससे कंपनियों की earnings बढ़ सकती हैं.

Q3 HELP Policy क्या है?

HELP यानी Hydrocarbon Exploration and Licensing Policy सरकार की exploration policy है, जिसका मकसद domestic oil-gas production बढ़ाना है.

Q4 Deep Water और Ultra Deep Water blocks क्या होते हैं?

समुद्र के गहरे हिस्सों में मौजूद oil-gas reserves को Deep Water और Ultra Deep Water blocks कहा जाता है. यहां exploration काफी महंगा और मुश्किल होता है.

Q5 क्या इस फैसले से भारत का oil import bill घट सकता है?

अगर domestic production बढ़ता है, तो लंबे समय में crude oil imports पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे import bill घटाने में मदद मिल सकती है.

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