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निफ्टी इस समय लॉन्ग टर्म ऐवरेज के मुकाबले 7% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है. (AI जेनरेटेड फोटो)
ईरान युद्ध से अब तक निफ्टी करीब -11.5% टूट चुका है जबकि इस साल अब तक निफ्टी में -14.5% की गिरावट आई है. बाजार को लेकर सेंटिमेंट कमजोर जरूर है, लेकिन तस्वीर पूरी तरह नेगेटिव नहीं है. हालिया गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल अनसर्टेनिटी, क्रूड ऑयल में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वर्तमान ग्रोथ पर हाई वैल्युएशन है. निफ्टी की वैल्युएशन इस समय अपने लॉन्ग टर्म ऐवरेज से नीचे आ चुकी है जो एक मजबूत रिबाउंड का संकेत देती है.
28 फरवरी को ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी. उससे ठीक पहले निफ्टी 25178 के स्तर पर था. वहां से अब तक बाजार करीब -11.5% टूट चुका है. 30 मार्च को वित्त वर्ष 2026 का आखिरी कारोबारी सत्र था और निफ्टी 23331 पर बंद हुआ. नेट आधार पर पूरे वित्त वर्ष में निफ्टी ने-5% का निगेटिव रिटर्न दिया है. इलारा कैपिटल ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा कि निफ्टी इस समय अपने लॉन्ग टर्म वैल्युएशन के नीचे आ गई है जो रिबाउंड की तरफ इशारा देता है.
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फॉरवर्ड वैल्युएशन पर निफ्टी लॉन्ग टर्म ऐवरेज के मुकाबले करीब 7% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है. इससे पहले जब 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरु हुआ था, उस समय भी क्रूड का भाव 100 डॉलर पार कर गया था, बाजार टूट गया था लेकिन निफ्टी ने 10 सालों को रोलिंग ऐवरेज से बाउंस बैक किया था. ईरान युद्ध को लेकर आने वाले समय में पॉजिटिव डेवलपमेंट की उम्मीद है. ऐसे में वर्तमान वैल्युएशन के आधार पर बाजार में रिबाउंड के पूरे-पूरे संकेत मिल रहे हैं. इस स्तर से बाजार में डाउनसाइड रिस्क लिमिटेड नजर आता है.

इलारा कैपिटल ने पिछले 25 सालों में 7 बड़े युद्ध की घटना और बाजार पर इसके असर का मूल्यांकन किया है. युद्ध शुरू होने के बाद अधिकतम बाजार में 10% की गिरावट आती है और फिर अगले 4-6 हफ्तों में बाजार रिकवर कर जाता है. हालांकि, इस बार निफ्टी -11% से अधिक टूट चुका है. ऐसे में डाउनसाइड काफी प्रोटेक्टेड नजर आता है. 23 मार्च को जब पहली बार de-escalation की खबर आई थी तो निफ्टी दो सेशन में 4% रिबाउंड कर गया था.
अब निवेशकों के मन में सवाल है कि इस बाजार में किन स्टॉक्स में खरीदारी करनी चाहिए. इलारा कैपिटल ने 20 वैल्यु स्टॉक्स को आपके पोर्टफोलियो के लिए पिक किया है. इसका कहना है कि रिस्क रिवॉर्ड इन स्टॉक्स में काफी अट्रैक्टिव है. कंपनियों का फंडामेंटल मजबूत है और करेक्शन के बाद वैल्युएशन अट्रैक्टिव है. खासकर ऑटो एंड पावर सेक्टर ब्रोकरेज की टॉप पिक है. आइए जानते हैं कि स्मॉलकैप कैटिगरी में ब्रोकरेज ने किन स्टॉक्स को पिक किया है और इनके लिए क्या टारगेट डीटेल हैं.

ब्रोकरेज PICKS
| स्टॉक का नाम | CMP | टारगेट प्राइस | संभावित रिटर्न (%) | 52 हफ्ते का हाई/लो | पिछले 1 महीने का रिटर्न |
| Safari Industries | ₹1431 | ₹3248 | 126% | ₹2503 / ₹1392 | -23% |
| BEML Ltd | ₹1367 | ₹2700 | 97% | ₹2437 / ₹1232 | -19% |
| Gabriel India | ₹825 | ₹1381 | 67% | ₹1386 / ₹476 | -17% |
| Ujjivan SFB | ₹50 | ₹72 | 44% | ₹68 / ₹33 | -12% |
| Gland Pharma | ₹1697 | ₹2225 | 32% | ₹2130 / ₹1200 | -7% |
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बाजार के प्रदर्शन ने निवेशकों की धारणा को जरूर झकझोर दिया है, लेकिन यह गिरावट सिर्फ डर नहीं बल्कि स्मार्ट निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर भी बन सकता है. ब्रोकरेज ने केवल उन स्टॉक्स को पिक किया है जिनमें बड़ा करेक्शन आया है लेकिन हाई ग्रोथ का भरोसा है और ब्रोकरेज ने भी पॉजिटिव राय दी है. पिछले एक महीने में इन स्टॉक्स में 18-20% का करेक्शन आया है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 ईरान युद्ध के बाद निफ्टी में कितनी गिरावट आई है?
युद्ध शुरू होने के बाद निफ्टी करीब -11.5% टूटा है और मार्च में ही 11% गिरावट की गई है.
Q2 इस गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
क्रूड ऑयल की तेजी, FII की भारी बिकवाली और ग्लोबल अनसर्टेनिटी ने बाजार पर दबाव बनाया है.
Q3 क्या मौजूदा वैल्युएशन रिबाउंड का संकेत दे रहा है?
निफ्टी अपने 10 साल के औसत से करीब 7% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, जो रिबाउंड का संकेत दे रहा है.
Q4 युद्ध के बाद बाजार की चाल कैसी होती है?
पिछले मामलों में 10% करेक्शन के बाद बाजार 4-6 हफ्तों में रिकवर होता दिखा है.
Q5 क्या इस स्तर से डाउनसाइड रिस्क सीमित है?
ओवरसोल्ड कंडिशन और वैल्युएशन डिस्काउंट के चलते मौजूदा स्तर पर डाउनसाइड लिमिटेड नजर आता है.