Nifty में बड़ी गिरावट के बीच छिपा मौका! डर के बाजार में कहां लगाएं पैसा, मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में मिलेगा सबका जवाब

मार्च 2026 में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई, लेकिन मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरावट निवेश का मौका भी बन सकती है. निफ्टी अपने औसत से 15% सस्ता हो गया है. ऑटो, PSU बैंक और टेक सेक्टर्स में आगे रिकवरी और बेहतर रिटर्न की उम्मीद जताई गई है.
Nifty में बड़ी गिरावट के बीच छिपा मौका! डर के बाजार में कहां लगाएं पैसा, मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में मिलेगा सबका जवाब

मोतीलाल ओसवाल ने बताया बाजार में गिरावट के बीच कहां बनेगा पैसा. (Image Source-AI)

शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से माहौल ऐसा है कि निवेशक हर सुबह एक नई चिंता के साथ उठते हैं. स्क्रीन पर लाल निशान Nifty को टूटता देखकर ऐसा लगता है जैसे बाजार को किसी की नजर लग गई हो. मार्च 2026 का महीना कोरोना के बाद की सबसे बड़ी गिरावट वाला महीना साबित हुआ है. अब सवाल उठता है कि क्या ये समय शेयर बाजार से दूर रहने का है, या फिर यही निवेश का सही समय है.

मोतीलाल ओसवाल की 'इंडिया वैल्युएशन हैंडबुक' रिपोर्ट ने इस बार बाजार की ऐसी परतें खोली हैं, जो डराती भी हैं और उम्मीद भी जगाती हैं. चलिए, इस पूरी रिपोर्ट को बहुत आसान भाषा में समझते हैं.

मार्च 2026 में कितना टूटा Nifty?

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मार्च 2026 में निफ्टी 11.3% तक टूट गया. यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि बाजार की घबराहट का पैमाना है. मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा संघर्ष अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए सिरदर्द बन गया है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबर ने बाजार में दहशत पैदा कर दी है, क्योंकि भारत का ज्यादातर तेल और गैस यहीं से होकर आता है.

मंथली गिरावट: निफ्टी करीब 2,847 प्वॉइंट्स फिसलकर 22,331 के स्तर पर आ गया.

इस साल का हाल: साल 2026 की शुरुआत से अब तक निफ्टी करीब 14.5% नीचे आ चुका है.

सालाना प्रदर्शन: पिछले 12 महीनों में लार्जकैप 5% और स्मॉलकैप 6% गिरे हैं, जबकि मिडकैप ने 2% की बढ़त के साथ खुद को संभाला है.

पैरामीटरआंकड़े
निफ्टी में मंथली गिरावट (%)11.3%
निफ्टी में गिरावट (प्वॉइंट्स में)2,847 प्वॉइंट्स
निफ्टी का क्लोजिंग लेवल22,331
साल 2026 में अब तक की गिरावट (YTD)14.5%
पिछले 12 महीनों में लार्जकैप का हाल5% की गिरावट
पिछले 12 महीनों में स्मॉलकैप का हाल6% की गिरावट
पिछले 12 महीनों में मिडकैप का हाल2% की बढ़त

क्यों टूटा बाजार?

  • ईरान-इजरायल तनाव - तेल सप्लाई पर खतरा
  • हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका - भारत के लिए बड़ा रिस्क
  • कच्चा तेल महंगा - महंगाई के साथ रुपये पर दबाव
  • FII ने रिकॉर्ड बिकवाली की

FII और DII का क्या रहा रोल

बाजार की इस गिरावट में विदेशी निवेशकों (FII) और घरेलू निवेशकों (DII) के बीच एक बड़ी जंग देखने को मिली. जहां विदेशी निवेशक भारत से अपना पैसा निकालकर भाग रहे हैं, वहीं हमारे देश के संस्थानों ने रिकॉर्ड खरीदारी कर बाजार को बहुत बड़े क्रैश से बचा लिया.

निवेशक का प्रकारमार्च 2026 में एक्शन (USD)साल 2026 (YTD) की स्थिति
विदेशी निवेशक (FII)13.3 बिलियन डॉलर (बिकवाली)14.9 बिलियन डॉलर (आउटफ्लो)

घरेलू निवेशक (DII)
15.4 बिलियन डॉलर (खरीदारी)27.2 बिलियन डॉलर (इनफ्लो)

रुपये में आई ऐतिहासिक कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने FII को डरा दिया है. रुपया इस दशक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, जिससे भारत के बाहरी खातों और विकास की उम्मीदों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके अलावा, 'मार्केट ब्रेथ' मार्च में बहुत खराब रही. निफ्टी के 50 में से 46 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए. लगभग हर बड़े सेक्टर में गिरावट का दौर रहा.

कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे?

  • PSU Banks: सबसे ज्यादा 20% की गिरावट देखी गई.
  • Real Estate: इसमें 17% की गिरावट आई.
  • Auto और Private Banks: दोनों ही 16-16% तक टूटे.
  • Financials: 14% की गिरावट के साथ बंद हुए.

किन शेयरों ने मजबूती दिखाई?

  • कोल इंडिया
  • टेक महिंद्रा
  • ONGC
  • सन फार्मा

क्या यह है खरीदारी का मौका है?

अब आते हैं उस बात पर जो आपके काम की है. मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट का कहना है कि निफ्टी अब अपने ऐतिहासिक औसत (Long Period Average) से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है. इसका मतलब है कि बाजार अब आपको 'डिस्काउंट' पर मिल रहा है.

वैल्युएशन का गणित-

P/E रेशियो: निफ्टी का 12 महीने का फॉरवर्ड P/E अब 17.7x पर है, जो इसके औसत 20.9x से करीब 15% सस्ता है.

P/B रेशियो: यह भी अपने ऐतिहासिक औसत से 8% के डिस्काउंट पर मिल रहा है.

Market Cap-to-GDP: यह रेशियो फिलहाल 115% है, जो इसके लॉन्ग टर्म औसत (87%) से काफी ऊपर है.

पैसा कहां बनेगा?

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट का साफ कहना है कि इस समय मिडकैप के मुकाबले लार्जकैप शेयर्स में ज्यादा 'वैल्यू' नजर आ रही है. अगर ईरान-इजरायल तनाव कम होता है, तो बाजार में दबी हुई खरीदारी बहुत तेजी से वापस आएगी.

इन सेक्टर्स पर कर सकते हैं भरोसा

  • ऑटोमोबाइल
  • PSU बैंक
  • टेक्नोलॉजी
  • कैपिटल गुड्स
  • कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी

लार्ज कैप में कहां लगा सकते हैं दांव?

  • भारती एयरटेल
  • SBI, ICICI बैंक
  • M&M, टाइटन
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
  • इंफोसिस
  • इंडिगो

इन शेयरों में भी दिख सकती है रिकवरी

  • TVS मोटर्स
  • इंडियन होटल्स
  • AU स्मॉल फाइनेंस बैंक
  • डिक्सन टेक
  • कोफोर्ज
  • रेडिको खेतान

इन सेक्टर्स से अभी सावधान रहने की जरूरत है

  • प्राइवेट बैंक
  • कंज्यूमर स्टेपल्स
  • ऑयल & गैस
  • मेटल्स
  • यूटिलिटीज

निवेशकों के काम की बात

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार की यह गिरावट मार्च 2020 जैसी जरूर दिख रही है, लेकिन इसके साथ ही यह एक बड़ा मौका भी लेकर आई है. निफ्टी का 15% डिस्काउंट पर मिलना लॉन्ग टर्म के निवेशकों के लिए किसी सेल से कम नहीं है.

हालांकि, कच्चे तेल और युद्ध के हालात को देखते हुए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय अच्छे लार्जकैप शेयर्स में धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सही होगा. मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट यही इशारा करती है कि डर के इस माहौल में जो समझदारी से क्वालिटी स्टॉक्स चुनेगा, वही आने वाले समय में मुनाफा कमाएगा.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 मार्च 2026 में निफ्टी में कितनी गिरावट आई?

A- मार्च के महीने में निफ्टी 11.3% (करीब 2,847 प्वॉइंट्स) तक टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी मंथली गिरावट है.

Q2 बाजार गिरने की मुख्य वजह क्या है?

A- इसकी मुख्य वजह ईरान-इजरायल संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा की गई रिकॉर्ड बिकवाली है.

Q3 क्या अभी शेयरों में निवेश करना सही है?

A- रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी अपने औसत वैल्युएशन से 15% डिस्काउंट पर मिल रहा है, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका है.

Q4 इस गिरावट में किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?

A- सबसे ज्यादा चोट PSU बैंक (20%), रियल एस्टेट (17%), ऑटो (16%) और प्राइवेट बैंक (16%) जैसे सेक्टर्स को लगी है.

Q5 ब्रोकरेज ने किन शेयरों में भरोसे की सलाह दी है?

A- मोतीलाल ओसवाल ने इस गिरावट के बाद भारती एयरटेल, SBI, ICICI बैंक, इंफोसिस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे लार्जकैप शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है.

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