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मोतीलाल ओसवाल ने बताया बाजार में गिरावट के बीच कहां बनेगा पैसा. (Image Source-AI)
शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से माहौल ऐसा है कि निवेशक हर सुबह एक नई चिंता के साथ उठते हैं. स्क्रीन पर लाल निशान Nifty को टूटता देखकर ऐसा लगता है जैसे बाजार को किसी की नजर लग गई हो. मार्च 2026 का महीना कोरोना के बाद की सबसे बड़ी गिरावट वाला महीना साबित हुआ है. अब सवाल उठता है कि क्या ये समय शेयर बाजार से दूर रहने का है, या फिर यही निवेश का सही समय है.
मोतीलाल ओसवाल की 'इंडिया वैल्युएशन हैंडबुक' रिपोर्ट ने इस बार बाजार की ऐसी परतें खोली हैं, जो डराती भी हैं और उम्मीद भी जगाती हैं. चलिए, इस पूरी रिपोर्ट को बहुत आसान भाषा में समझते हैं.
मार्च 2026 में निफ्टी 11.3% तक टूट गया. यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि बाजार की घबराहट का पैमाना है. मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा संघर्ष अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए सिरदर्द बन गया है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबर ने बाजार में दहशत पैदा कर दी है, क्योंकि भारत का ज्यादातर तेल और गैस यहीं से होकर आता है.
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मंथली गिरावट: निफ्टी करीब 2,847 प्वॉइंट्स फिसलकर 22,331 के स्तर पर आ गया.
इस साल का हाल: साल 2026 की शुरुआत से अब तक निफ्टी करीब 14.5% नीचे आ चुका है.
सालाना प्रदर्शन: पिछले 12 महीनों में लार्जकैप 5% और स्मॉलकैप 6% गिरे हैं, जबकि मिडकैप ने 2% की बढ़त के साथ खुद को संभाला है.
| पैरामीटर | आंकड़े |
| निफ्टी में मंथली गिरावट (%) | 11.3% |
| निफ्टी में गिरावट (प्वॉइंट्स में) | 2,847 प्वॉइंट्स |
| निफ्टी का क्लोजिंग लेवल | 22,331 |
| साल 2026 में अब तक की गिरावट (YTD) | 14.5% |
| पिछले 12 महीनों में लार्जकैप का हाल | 5% की गिरावट |
| पिछले 12 महीनों में स्मॉलकैप का हाल | 6% की गिरावट |
| पिछले 12 महीनों में मिडकैप का हाल | 2% की बढ़त |
बाजार की इस गिरावट में विदेशी निवेशकों (FII) और घरेलू निवेशकों (DII) के बीच एक बड़ी जंग देखने को मिली. जहां विदेशी निवेशक भारत से अपना पैसा निकालकर भाग रहे हैं, वहीं हमारे देश के संस्थानों ने रिकॉर्ड खरीदारी कर बाजार को बहुत बड़े क्रैश से बचा लिया.
| निवेशक का प्रकार | मार्च 2026 में एक्शन (USD) | साल 2026 (YTD) की स्थिति |
| विदेशी निवेशक (FII) | 13.3 बिलियन डॉलर (बिकवाली) | 14.9 बिलियन डॉलर (आउटफ्लो) |
घरेलू निवेशक (DII) | 15.4 बिलियन डॉलर (खरीदारी) | 27.2 बिलियन डॉलर (इनफ्लो) |
रुपये में आई ऐतिहासिक कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने FII को डरा दिया है. रुपया इस दशक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है, जिससे भारत के बाहरी खातों और विकास की उम्मीदों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके अलावा, 'मार्केट ब्रेथ' मार्च में बहुत खराब रही. निफ्टी के 50 में से 46 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए. लगभग हर बड़े सेक्टर में गिरावट का दौर रहा.
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अब आते हैं उस बात पर जो आपके काम की है. मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट का कहना है कि निफ्टी अब अपने ऐतिहासिक औसत (Long Period Average) से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है. इसका मतलब है कि बाजार अब आपको 'डिस्काउंट' पर मिल रहा है.
P/E रेशियो: निफ्टी का 12 महीने का फॉरवर्ड P/E अब 17.7x पर है, जो इसके औसत 20.9x से करीब 15% सस्ता है.
P/B रेशियो: यह भी अपने ऐतिहासिक औसत से 8% के डिस्काउंट पर मिल रहा है.
Market Cap-to-GDP: यह रेशियो फिलहाल 115% है, जो इसके लॉन्ग टर्म औसत (87%) से काफी ऊपर है.
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट का साफ कहना है कि इस समय मिडकैप के मुकाबले लार्जकैप शेयर्स में ज्यादा 'वैल्यू' नजर आ रही है. अगर ईरान-इजरायल तनाव कम होता है, तो बाजार में दबी हुई खरीदारी बहुत तेजी से वापस आएगी.
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार की यह गिरावट मार्च 2020 जैसी जरूर दिख रही है, लेकिन इसके साथ ही यह एक बड़ा मौका भी लेकर आई है. निफ्टी का 15% डिस्काउंट पर मिलना लॉन्ग टर्म के निवेशकों के लिए किसी सेल से कम नहीं है.
हालांकि, कच्चे तेल और युद्ध के हालात को देखते हुए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय अच्छे लार्जकैप शेयर्स में धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सही होगा. मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट यही इशारा करती है कि डर के इस माहौल में जो समझदारी से क्वालिटी स्टॉक्स चुनेगा, वही आने वाले समय में मुनाफा कमाएगा.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 मार्च 2026 में निफ्टी में कितनी गिरावट आई?
A- मार्च के महीने में निफ्टी 11.3% (करीब 2,847 प्वॉइंट्स) तक टूट गया, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी मंथली गिरावट है.
Q2 बाजार गिरने की मुख्य वजह क्या है?
A- इसकी मुख्य वजह ईरान-इजरायल संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा की गई रिकॉर्ड बिकवाली है.
Q3 क्या अभी शेयरों में निवेश करना सही है?
A- रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी अपने औसत वैल्युएशन से 15% डिस्काउंट पर मिल रहा है, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा मौका है.
Q4 इस गिरावट में किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
A- सबसे ज्यादा चोट PSU बैंक (20%), रियल एस्टेट (17%), ऑटो (16%) और प्राइवेट बैंक (16%) जैसे सेक्टर्स को लगी है.
Q5 ब्रोकरेज ने किन शेयरों में भरोसे की सलाह दी है?
A- मोतीलाल ओसवाल ने इस गिरावट के बाद भारती एयरटेल, SBI, ICICI बैंक, इंफोसिस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे लार्जकैप शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है.