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Muthoot Finance Share Price: NBFC कंपनी Muthoot Finance के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त रैली देखी गई. कंपनी का गोल्ड लोन AUM (Asset Under Management) 1 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है. इस खबर के आने के बाद शेयर में खरीदारी देखी गई और शेयर 5% चढ़ गया. 2197 रुपये के भाव पर बंद हुआ शेयर आज 2307 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया.
कंपनी के मुताबिक, उसका गोल्ड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13 मार्च 2025 को ₹1 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया. दिसंबर तिमाही में मुथूट फाइनेंस का गोल्ड लोन AUM ₹92,964 करोड़ था, जिसमें तिमाही-दर-तिमाही 7.5% की वृद्धि दर्ज हुई. इस बढ़त का प्रमुख कारण गोल्ड लोन कारोबार का विस्तार है, जिसका कंपनी के कुल AUM में 90% से अधिक योगदान है.
गोल्ड लोन कारोबार में इस तेज़ी के पीछे मुख्य रूप से सोने की बढ़ती कीमतें एक बड़ा कारण रही हैं. हाल ही में सोने की कीमत ₹88,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, जिससे लोगों ने अधिक संख्या में गोल्ड लोन लिया. इसके अलावा, बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती के चलते भी गोल्ड लोन की मांग में तेज बढ़ोतरी हुई. ऊंची सोने की कीमतें न केवल ग्राहकों को अधिक लोन लेने के लिए पुश कर रही हैं, बल्कि इससे मुथूट फाइनेंस का ओवरऑल AUM भी तेजी से बढ़ रहा है.
कंपनी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर तिमाही तक मुथूट फाइनेंस के पास 202 टन सोना सिक्योरिटी के रूप में था. पिछले नौ महीनों में गोल्ड सिक्योरिटी में 12% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है. दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश गोल्ड लोन छह महीने के भीतर चुका दिए जाते हैं, जिससे कंपनी का डिस्बर्समेंट और कलेक्शन दोनों मजबूत बने हुए हैं. पिछले नौ महीनों में, मुथूट फाइनेंस ने 13 लाख से अधिक ग्राहकों को लगभग ₹16,000 करोड़ के लोन वितरित किए हैं.
अगर हम पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की ग्रोथ को देखें, तो मुथूट फाइनेंस का गोल्ड लोन AUM लगातार बढ़ा है. 2021 में यह ₹51,900 करोड़ था, जो 2022 में ₹57,500 करोड़, 2023 में ₹61,900 करोड़ और 2024 में ₹72,900 करोड़ तक पहुंच गया. 2025 की शुरुआत में ही यह आंकड़ा ₹1 लाख करोड़ के पार चला गया था.
भविष्य को लेकर भी गोल्ड लोन सेक्टर में अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं. बैंकों और NBFCs के FY 2024-25 के अंत तक ₹10 लाख करोड़ के लोन आंकड़े को पार करने की उम्मीद है, जबकि FY 2027 तक यह आंकड़ा ₹15 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है.