PFC-REC Merger: मर्जर की तैयारी के बीच इन 2 पावर पीएसयू स्टॉक में क्या करें निवेशक?

PFC-REC Merger: बजट में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और Rec Ltd के मर्जर का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया. पिछले कुछ समय से इन स्टॉक्स पर दबाव दिख रहा है और अपने हाई से करीब 45% से अधिक टूट चुके हैं. जानिए मोतीलाल ओसवाल ने मर्जर और इन स्टॉक्स को लेकर क्या कहा है.
PFC-REC Merger: मर्जर की तैयारी के बीच इन 2 पावर पीएसयू स्टॉक में क्या करें निवेशक?

PFC-REC Merger.

PFC-REC Merger: बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पावर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने वाली दो कंपनी PFC, REC के मर्जर का ऐलान किया. दोनों कंपनी ने दिसंबर तिमाही का रिजल्ट भी जारी कर दिया है. निवेशकों के मन में अब सवाल है कि उन्हें क्या करना चाहिए. बता दें कि REC में करीब 11.5 लाख और PFC में करीब 10 लाख रीटेल का पैसा लगा हुआ है. इस समय पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन का शेयर 401 रुपए और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन का शेयर 347 रुपए पर है.

पहले पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन के स्ट्रक्चर को समझते हैं. दोनों सरकारी कंपनी है. REC का प्रमोटर पीएफसी है और वह करीब 53% हिस्सेदारी रखता है.

REC का स्ट्रक्चर

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  • REC Ltd
  • CMP- ₹347
  • मार्केट कैप- ₹91360 करोड़
  • प्रमोटर हिस्सेदारी- 52.63%
  • PFC है इसका प्रमोटर
  • पब्लिक हिस्सेदारी- 47.37%

PFC का स्ट्रक्चर

  • Power Finance Corporation
  • CMP- ₹401
  • मार्केट कैप- ₹1.33 लाखकरोड़
  • प्रमोटर हिस्सेदारी- 55.99%
  • भारत सरकार है इसका प्रमोटर
  • पब्लिक हिस्सेदारी- 44.01%

मर्जर पर मोतीलाल का क्या कहना है?

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि पावर सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए इन दोनों एनबीएफसी के मर्जर का ऐलान किया गया है. भारत के एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रांजिशन को बेहतर करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है. मर्जर के कारण कंपनी का बैलेंसशीट मजबूत होगा. ऑपरेशनल सिनर्जी आएगी, सेक्टोरल रीच बढ़ेगा और कैपिटल एफिशिएंसी आएगी.

क्यों हो रहा है मर्जर?

रिन्यूएबल एनर्जी पर सरकार का फोकस है. इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स को लेकर मेगा और लंबी अवधि का इन्वेस्टमेंट चाहिए. ऐसे में PFC-REC की कंबाइंड एंटिटी के पास इंस्टीट्यूशनल एक्सपीरियंस, मजबूत फाइनेंशियल और बड़ा एक्सपोजर देने का फायदा होगा. मेगा इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स का टिकट साइज भी बड़ा होता है और gestation पीरियड भी लंबा होता है. ऐसे में मर्ज्ड एंटिटी की फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होगी.

क्या सरकार की होल्डिंग बनी रहेगी?

मर्जर के बाद भी इसका सरकारी कंपनी का स्टेटस जारी रहेगा. सरकार के पास ओनरशिप के कारण स्ट्रैटिजिक डायरेक्शन, पॉलिसी अलाइनमेंट, फंड एक्सेस आसान रहेगा. सरकार की बैकिंग होने के कारण टाइट लिक्विडिटी कंडीशन के बावजूद इसके बिजनेस पर खास असर नहीं दिखेगा.

आउटलुक कैसा नजर आ रहा है?

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि फिलहाल मर्जर को लेकर स्ट्रैटिजिक क्लैरिटी है लेकिन स्ट्रक्चर और वैल्युएशन फ्रेमवर्क की क्लैरिटी नहीं है. ऐसे में निवेशकों को टाइमलाइन, मर्जर स्ट्रक्चर, swap रेशियो जैसे फैक्टर्स पर फोकस करना चाहिए.

दोनों स्टॉक पर खरीद की सलाह

  • PFC में BUY की सलाह
  • REC में BUY की सलाह

Q3 रिजल्ट के बाद मोतीलाल ओसवाल ने PFC के लिए BUY की रेटिंग को मेंटेन किया है और टारगेट प्राइस 500 रुपए का दिया है. आज यह शेयर 401 रुपए पर बंद हुआ. REC के लिए BUY की रेटिंग को मेंटेन किया है और 430 रुपए का टारगेट दिया है. आज यह शेयर 347 रुपए पर बंद हुआ है.

शेयर का नामरेटिंगCMPटारगेटअपसाइड
Power Finance Corp (PFC)BUY₹401₹50024.70%
REC LimitedBUY₹347₹43023.90%

लाइफ हाई से 30% नीचे PFC

PFC का शेयर 401 रुपए पर है. इस शेयर के लिए 52 वीक्स हाई 444 रुपए और लो 330 रुपए है. बता दें कि जुलाई 2024 में इस शेयर ने 580 रुपए का लाइफ हाई बनाया था. वहां से यह करीब 30% नीचे है. 2025 में शेयर ने 330 रुपए का लो बनाया था जबकि इस साल का लो 351 रुपए का है.

  • PFC का शेयर 401 रुपए पर है.
  • जुलाई 2024 में ₹580 का लाइफ हाई.
  • लाइफ हाई से करीब 30% नीचे है स्टॉक.
  • REC का शेयर 347 रुपए पर है.
  • जुलाई 2024 में ₹654 का लाइफ हाई.
  • लाइफ हाई से करीब 47% नीचे है स्टॉक.

लाइफ हाई से 47% नीचे PFC

REC का शेयर 347 रुपए पर है. इस शेयर के लिए 52 वीक्स हाई 450 रुपए और लो 331 रुपए है. बता दें कि जुलाई 2024 में इस शेयर ने 654 रुपए का लाइफ हाई बनाया था. वहां से यह करीब 47% नीचे है. 2025 में शेयर ने 330 रुपए का लो बनाया था जबकि इस साल का लो 350 रुपए का है.

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