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Persistent Systems Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Persistent Systems ने सितंबर तिमाही (Q2FY26) के नतीजों से बाजार का ध्यान खींच लिया है. कंपनी ने लगातार 22वीं तिमाही में रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की है और इस बार भी इसके रेवेन्यू, EBIT, मार्जिन और नेट प्रॉफिट, सभी आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे. मजबूत ऑर्डर बुक, स्थिर डील फ्लो और हेल्थकेयर व BFSI वर्टिकल में ग्रोथ के चलते कंपनी ने एक बार फिर अपने परफॉर्मेंस से ब्रोकरेज हाउसों को प्रभावित किया है.
नतीजों के बाद बुधवार को कंपनी के शेयर 7% से ज्यादा उछलकर ₹5,731 तक पहुंच गए. स्टॉक में यह तेजी कई ब्रोकरेज हाउसों द्वारा टारगेट प्राइस बढ़ाने के बाद देखी गई. खासकर CLSA को इस शेयर पर मौजूदा भाव से 44-45% का अपसाइड दिख रहा है.
कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि भले ही ग्लोबल मैक्रो सिनेरियो थोड़ा अनिश्चित है, लेकिन कंपनी की ग्रोथ ट्रेंड मजबूत बनी हुई है. कंपनी के पास मजबूत डील पाइपलाइन है और मांग सभी प्रमुख वर्टिकल्स में संतुलित रूप से बनी हुई है. ऑर्डर बुक मल्टी-ईयर डील्स से भरी है, जिससे आने वाले तिमाहियों में रेवेन्यू विजिबिलिटी मजबूत बनी रहेगी. परसिस्टेंट ने कहा कि फिलहाल फोकस BFSI, Healthcare और Hi-Tech सेगमेंट्स में अपनी पकड़ और मजबूत करने पर रहेगा, बजाय नए वर्टिकल्स में एंट्री के.
कंपनी के मुताबिक BFSI और यूरोप बिजनेस पिछले कई तिमाहियों से हाई सिंगल डिजिट ग्रोथ दिखा रहे हैं. वहीं, Healthcare vertical में सुधार के शुरुआती संकेत मिले हैं. मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले महीनों में इस वर्टिकल से बेहतर योगदान मिलेगा. AI डिप्लॉयमेंट्स अभी शुरुआती स्तर पर हैं, लेकिन कंपनी ने कहा कि रिन्युअल्स और डील कन्वर्जंस में तेजी आ रही है और प्राइसिंग पर कोई दबाव नहीं है.
मुनाफे और मार्जिन पर भी बेहतर प्रदर्शन
परसिस्टेंट ने Q2FY26 में न केवल रेवेन्यू ग्रोथ बल्कि EBIT और प्रॉफिट मार्जिन दोनों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया. कंपनी का कहना है कि वह मीडियम-टर्म में 200–300bps तक मार्जिन बढ़ाने का लक्ष्य रखती है, जिसमें FY26 में 100bps और FY27 में एक और 100bps सुधार की उम्मीद है.
कंपनी ने FY27 तक $2 बिलियन रेवेन्यू टारगेट को दोहराया है. परसिस्टेंट का फोकस फिलहाल ग्रोथ-ड्रिवन एक्सपेंशन पर है, मार्जिन सुधार को धीरे-धीरे हासिल करने की रणनीति अपनाई जा रही है.
CLSA ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट बढ़ाकर ₹8270 (पहले ₹8048) कर दिया है, जोकि मौजूदा भाव से 44% का अपसाइड दिखा रहा है. ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने इस तिमाही में ऑर्डर बुक, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन एक्सपेंशन और ROE में दमदार प्रदर्शन किया है. कंपनी FY27 तक $2 बिलियन रेवेन्यू के लक्ष्य पर कायम है और आने वाले दो वर्षों में 100bps Ebit margin expansion से 29% EPS CAGR (FY25-27) देने की स्थिति में है. CLSA ने FY26–28 की EPS अनुमान 1–4% तक बढ़ाई है.
JP Morgan ने Overweight रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट बढ़ाकर ₹7400 (पहले ₹6500) कर दिया. ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की order momentum और margin trajectory दोनों मजबूत दिख रहे हैं.
HSBC ने Hold रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट बढ़ाकर ₹6000 (पहले ₹5545) किया. HSBC का कहना है कि Persistent की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में सुधार हुआ है, लेकिन valuation फिलहाल ऊंचे स्तर पर हैं.
Nomura ने Neutral रेटिंग के साथ टारगेट ₹5200 तय किया. ब्रोकरेज ने माना कि कंपनी का प्रदर्शन ऑल-राउंड रहा, लेकिन margin beat मुख्य रूप से lower software licence cost से आया है. फिर भी, उन्होंने FY26–28 की EPS अनुमान 3–5% बढ़ाई, हालांकि स्टॉक अभी FY27F EPS के 37.5x पर ट्रेड कर रहा है.

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