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Meesho Share Price: हाल ही में शेयर बाजार में लिस्टेड ई-कॉमर्स कंपनी Meesho Ltd. के शेयरों में लगातार गिरावट जारी है. शेयर पिछले दो दिनों में करीब 9% टूट गया है. दोपहर 12:30 बजे के आसपास शेयर करीब 4% गिरकर 166 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था. इसके पहले इसने 5% गिरकर 164.55 रुपये के भाव पर लोअर सर्किट भी हिट किया था. शेयर में बुधवार को भी लोअर सर्किट हिट हुआ था.
मीशो का आईपीओ दिसंबर में आया था, उसके बाद 7 जनवरी को इसमें 2% इक्विटी शेयरों का 30 दिनों का लॉक-इन खुला था. करीब 2000 करोड़ के शेयर का लॉक-इन पीरियड कल खत्म हुआ था. यानी कि अब ये 2% इक्विटी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए फ्री हो गई. वैसे लॉक-इन पीरियड का ये जरूरी मतलब नहीं होता कि बड़े शेयरहोल्डर्स, जोकि लॉकइन में शेयर होल्ड कर रहे थे, उन्होंने भी बिकवाली की हो.
मीशो ने इसके अलावा एक और मैनेजमेंट बदलाव की खबर दी है. कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा रहीं मेघा अग्रवाल ने 7 जनवरी को अपने जनरल मैनेजर फॉर बिजनेस के पोस्ट से रिजाइन कर दिया है. कंपनी के यूजर ग्रथ और कंटेंट कॉमर्स के जनरल मैनेजर मिलन पार्तनी अब जनरल मैनेजर कॉमर्स प्लेटफॉर्म की भूमिका निभाएंगे.
Meesho के आईपीओ के लिस्टिंग के बाद से शेयर में अच्छी तेजी आई थी. लिस्टिंग के एक हफ्ते के भीतर शेयर इशू प्राइस से 90% उछल गया था. इसका इशू प्राइस ₹111, लिस्टिंग प्राइस ₹161 था. इसके बाद शेयर ने 18 दिसंबर को 254 रुपये का 52 वीक हाई बनाया. मार्किट कैप बढ़कर 86,000 करोड़ हो गया था. लेकिन वहां से शेयर नीचे ही आया है. शेयर अपने 52-वीक हाई से 35% नीचे चल रहा है. लेकिन अपने 111 रुपये के इशू प्राइस से 48% नीचे है.
कंपनी के लिए पॉजिटिव्स थे. यंग प्रमोटर्स हैं. कंपनी सेलर्स के लिए जीरो कमीशन प्लेटफार्म मॉडल पर काम करती है. असेट लाइट मॉडल बिजनेस है. 70% आर्डर रेकमेंडेशन के जरिए आते हैं. इसके अलावा, कर्ज मुक्त और मजबूत कैश फ्लो वाली कंपनी है. लेकिन अब शेयर में वैल्युएशन की चिंता सता रही है और शेयर फिलहाल अन्य इंटरनेट कंपनियों से महंगा दिखाई दे रहा है.
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वैल्युएशन की चिंताओं के बीच कंपनी के लिए कई पॉजिटिव खबरें हैं, जो शेयर को सपोर्ट कर सकती हैं. इसके लॉजिस्टिक्स क्षमता में लगातार सुधार दिखा है. FY25 में कॉस्ट प्रति ऑर्डर घटकर 46 रुपये पर आ गई थी, जोकि FY23 में 55 रुपये थी. कंपनी खुद की लॉजिस्टिक कंपनी Valmo से बड़ा फायदा मिल रहा है. कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर भी 90% से घटकर 61% हो गया है, यानी कि प्लेटफॉर्म को लेकर यूजर्स में भरोसा बढ़ा है. इससे एक अच्छी बात ये हुई है कि कैश ऑन डिलीवरी कम होने से ऑर्डर कैंसिलेशन में कमी भी आई है, जोकि एक बड़ा प्लस पॉइंट है.
अब सवाल है कि मीशो के शेयरों में पैसा लगाकर बैठे निवेशक इसमें आगे क्या करें? साथ ही जो निवेशक इसमें आगे पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें BUY on DIP करना चाहिए या नहीं. मीशो के शेयर पर UBS बुलिश है. ब्रोकरेज की इसपर खरीदारी की राय बरकरार है और इसने 220 रुपये का टारगेट रखा है.
ब्रोकरेज का मानना है कि FY25-30 की Net Merchandise Value में 30% औसत ग्रोथ संभव है. FY30 तक कंट्रीब्यूशन मार्जिन 6.8% रहने की उम्मीद है. वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 3.2% होने का अनुमान है. सालाना ऑर्डर क्षमता 9.2 से 14.7 का अनुमान है. ऐसे में कंपनी के ग्रोथ ट्रिगर्स कई दिख रहे हैं.
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