दमदार रिटर्न देने को तैयार है ये हॉस्पिटल स्टॉक! रेटिंग में सुधार के साथ-साथ ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया

मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare) के लिए अच्छी खबर है. HDFC रिसर्च ने स्टॉक की रेटिंग बढ़ाकर 'Buy' कर दी है और नया टारगेट 1200 रुपये दिया है. जानिए विस्तार योजना.
दमदार रिटर्न देने को तैयार है ये हॉस्पिटल स्टॉक! रेटिंग में सुधार के साथ-साथ ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया

शेयर बाजार (Share Market) में जब कोई मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी अपने ऊपरी स्तर से थोड़ा नीचे आती है, तो जानकारों की नजरें उस पर टिक जाती हैं. मैक्स हेल्थकेयर के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. पिछले 6 महीनों में इस शेयर में करीब 15 परसेंट की गिरावट आई है, लेकिन अब दिग्गज ब्रोकरेज हाउस HDFC रिसर्च का मानना है कि यह स्टॉक लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है.

ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर अपना नजरिया पूरी तरह बदल दिया है. पहले जहां वे इसे कम करने (Reduce) की सलाह दे रहे थे, अब उन्होंने इसे पोर्टफोलियो में जोड़ने (ADD/BUY) की बात कही है. मौजूदा भाव 1064 रुपये के मुकाबले अब 1200 रुपये का नया लक्ष्य सामने है.

बेड्स का अंबार और विस्तार की बड़ी प्लानिंग

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मैक्स हेल्थकेयर की सबसे बड़ी ताकत उसकी विस्तार योजना है. कंपनी का इरादा साल 2026 से 2028 के बीच 3,000 से ज्यादा नए बेड्स जोड़ने का है. इनमें से 2,100 बेड्स मौजूदा हॉस्पिटल्स में ही बढ़ाए जाएंगे (Brownfield), जबकि 900 बेड्स बिल्कुल नए हॉस्पिटल्स (Greenfield) के जरिए आएंगे.

इस पूरे विस्तार के लिए कंपनी लगभग 57,000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. अगर हम बड़े प्रोजेक्ट्स की बात करें, तो गुरुग्राम में 501 बेड्स, साकेत (दिल्ली) में 400 बेड्स और मुंबई के नानावती हॉस्पिटल में 268 बेड्स जोड़ने की तैयारी अंतिम दौर में है. ये सभी विस्तार आने वाले कुछ महीनों या सालभर के भीतर शुरू हो जाएंगे, जो कंपनी की कमाई में सीधा इजाफा करेंगे.

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काम करने का पुराना और शानदार रिकॉर्ड

किसी भी कंपनी पर भरोसा उसके पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर आता है. मैक्स हेल्थकेयर ने दिल्ली के द्वारका में जो नया हॉस्पिटल शुरू किया, उसने महज 12 महीने के अंदर 15 परसेंट का मार्जिन हासिल कर लिया. इसके अलावा लखनऊ, नागपुर और नोएडा (जेपी हॉस्पिटल) में जो नए अस्पताल खरीदे गए हैं, वहां भी कंपनी का कामकाज तेजी से सुधर रहा है.

कंपनी का मैनेजमेंट लागत को कंट्रोल करने और मुनाफे को बढ़ाने में माहिर माना जाता है. साल 2019 में कंपनी का मार्जिन सिर्फ 9.7 परसेंट था, जो साल 2025 तक बढ़कर 26.8 परसेंट हो चुका है. यह दिखाता है कि कंपनी अपने संसाधनों का इस्तेमाल कितनी बखूबी कर रही है.

सरकार और इंश्योरेंस से मिलेगी मदद

कंपनी के लिए दो और मोर्चों पर अच्छी खबर आई है. पहला यह कि भारत सरकार ने CGHS की कीमतों में बदलाव किया है. इससे मैक्स हेल्थकेयर की रेवेन्यू में करीब 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिसका पूरा फायदा साल 2027 तक दिखने लगेगा.

दूसरा, कंपनी ने कई बड़ी इंश्योरेंस कंपनियों के साथ कैशलेस इलाज को लेकर चल रहे विवाद सुलझा लिए हैं. इसकी वजह से अब कामकाज सामान्य हो रहा है और आने वाली छमाही (H2FY26) में इसके नतीजे और भी बेहतर होने की उम्मीद है. फिलहाल कंपनी का फोकस विदेशी मरीजों (International patients) की संख्या बढ़ाने पर भी है, जो अभी कुल रेवेन्यू का करीब 9 परसेंट है.

वैल्यूएशन और ग्रोथ का गणित

HDFC रिसर्च के मुताबिक, शेयर की कीमत में हालिया गिरावट ने उन चिंताओं को खत्म कर दिया है जो मार्जिन को लेकर थीं. अब यह शेयर एक कंफर्टेबल लेवल पर ट्रेड कर रहा है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि साल 2025 से 2028 के बीच कंपनी की कुल कमाई (Revenue) 20 परसेंट और मुनाफा (EBITDA) 21 परसेंट की सालाना रफ्तार से बढ़ सकता है.

भले ही नए हॉस्पिटल शुरू करने में शुरुआती खर्च ज्यादा होता है, लेकिन पुराने हॉस्पिटल्स का मजबूत प्रदर्शन उसे बैलेंस कर लेगा. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक ऐसा मौका है जहां कंपनी की भविष्य की ग्रोथ साफ़ नजर आ रही है.

मैक्स हेल्थकेयर ने हेल्थकेयर सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. भारी-भरकम निवेश, बेड्स की संख्या में बढ़ोतरी और सरकार की नई नीतियों का फायदा, ये सभी चीजें कंपनी के पक्ष में जा रही हैं. ब्रोकरेज का रेटिंग अपग्रेड करना और टारगेट प्राइस बढ़ाना इस बात का सबूत है कि कंपनी सही दिशा में बढ़ रही है. जो निवेशक क्वालिटी स्टॉक्स की तलाश में हैं, उनके लिए मैक्स हेल्थकेयर एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-FAQs

1. HDFC रिसर्च ने मैक्स हेल्थकेयर के लिए क्या नया टारगेट दिया है?

ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर रेटिंग सुधारते हुए 1200 रुपये का नया टारगेट प्राइस दिया है.

2. कंपनी अगले 3 सालों में कितने नए बेड्स जोड़ने वाली है?

मैक्स हेल्थकेयर का प्लान साल 2028 तक 3,000 से ज्यादा नए बेड्स जोड़ने का है, जिसके लिए 57,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा.

3. क्या हाल ही में इस शेयर में कोई गिरावट आई है?

जी हां, पिछले 6 महीनों में मैक्स हेल्थकेयर के शेयर में करीब 15 परसेंट का करेक्शन देखा गया है.

4. CGHS कीमतों में बदलाव से कंपनी को कितना फायदा होगा?

सरकार द्वारा CGHS कीमतों में किए गए बदलाव से कंपनी की रेवेन्यू में करीब 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

5. कंपनी के पास अभी कितने बेड्स हैं और ऑक्यूपेंसी कितनी है?

फिलहाल कंपनी के पास 3,400 से ज्यादा बेड्स हैं और उनकी ऑक्यूपेंसी (बेड्स भरने की दर) करीब 75-76 परसेंट चल रही है.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

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