रियल एस्टेट शेयर में एक रिपोर्ट के चलते आ गई बिकवाली, Stock लुढ़का; जानें क्या है मामला?

Lodha Developers Share Price: रियल एस्टेट कंपनी लोढा डेवलपर्स (Macrotech Developers) के शेयरों में करीब 7% की तेज गिरावट देखी गई. शेयर दिन में ₹1,346.50 तक गिर गया.
रियल एस्टेट शेयर में एक रिपोर्ट के चलते आ गई बिकवाली, Stock लुढ़का; जानें क्या है मामला?

Lodha Developers Share Price: शेयर बाजार में बुधवार की सुबह रियल एस्टेट कंपनी लोढा डेवलपर्स (Macrotech Developers) के शेयरों में करीब 7% की तेज गिरावट देखी गई. शेयर दिन में ₹1,346.50 तक गिर गया. इसके पीछे सुबह-सुबह ही हुई एक बड़ी ब्लॉक डील मानी जा रही है, जिसमें 99.5 लाख शेयरों का लेनदेन हुआ है.

क्या हुआ?

लोढा के शेयरों में सुबह भारी गिरावट आई क्योंकि एक बड़ी ब्लॉक डील के ज़रिए कंपनी के करीब 1% हिस्से का सौदा हुआ. इस डील में 99.5 लाख शेयर बेचे गए, जिसकी कीमत करीब $165 मिलियन (यानि ₹1370 करोड़) के आसपास बताई जा रही है. इस डील के बाद शेयरों में घबराहट दिखी और तेज़ बिकवाली शुरू हो गई.

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ब्लॉक डील क्या होता है?

ब्लॉक डील का मतलब है कि जब कोई बड़ा निवेशक या प्रमोटर एक ही बार में 5 लाख से ज़्यादा शेयर या ₹10 करोड़ से ऊपर का सौदा करता है. ऐसे सौदे स्पेशल ट्रेडिंग विंडो में किए जाते हैं ताकि बाज़ार की कीमतों पर ज्यादा असर न पड़े. ज्यादातर बार ये बड़े फंड्स, FII, या प्रमोटर करते हैं.

किसने बेचा? किसने खरीदा?

अभी तक खरीदार और बेचने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. NSE पर 14.23 मिलियन शेयरों और BSE पर 1.57 मिलियन शेयरों का कारोबार हुआ, जो रोजाना की तुलना में काफी ज्यादा है.

Q1 में कंपनी के नतीजे कैसे रहे?

शेयर गिरा जरूर है, लेकिन कंपनी के Q1FY26 के रिजल्ट्स मजबूत रहे. Collections (बिक्री वसूलियां) 7% बढ़कर ₹2,880 करोड़ हो गईं (पिछले साल Q1 में ₹2,690 करोड़ थीं) कंपनी का नेट डेब्ट ₹1,100 करोड़ बढ़ा, लेकिन अभी भी यह नेट डेब्ट-टू-इक्विटी 0.5x के भीतर है, जो बैलेंस शीट को मजबूत दिखाता है. मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में 5 नए ज़मीन के सौदे किए गए, जिनसे भविष्य में ₹22,700 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है.

Lodha Developers का मार्केट कैप ₹1.35 लाख करोड़ है और ये BSE 200 इंडेक्स में शामिल है. शेयर के 52-हफ्ते की रेंज ₹1,036-₹1,534.25 है. जून 2025 तक शेयरहोल्डिंग देखें तो प्रमोटर्स के पास 71.9%, FII (जैसे New World Fund, GQG Partners) के पास 5.5%, Mutual Funds: 0.77% और Insurance Companies के पास 1.42% की शेयरहोल्डिंग है.

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