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क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की 140 करोड़ की आबादी में से कितने लोगों के पास अपना खुद का जीवन बीमा है? आंकड़े बताते हैं कि अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है. दिग्गज ब्रोकरेज हाउस नोमुरा (Nomura) की ताजा रिपोर्ट ने बाजार में हलचल मचा दी है. उनका कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर में अभी मीलों का सफर तय करना बाकी है और करोड़ों लोग इस दौड़ में शामिल होने के लिए तैयार खड़े हैं.
शेयर बाजार के गलियारों में चर्चा है कि लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां अब अपने पंख फैलाने वाली हैं. खासकर दो ऐसे शेयर हैं, जिन पर ब्रोकरेज ने दिल खोलकर दांव लगाया है और उनके टारगेट प्राइस में भारी बढ़ोतरी की है. अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो को एक मजबूत सुरक्षा कवच देना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. चलिए, इस 'इंश्योरेंस क्रांति' की पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं.
नोमुरा की रिपोर्ट में एक बहुत दिलचस्प आंकड़ा दिया गया है. भारत में लगभग 50 करोड़ ऐसे वयस्क हैं जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, लेकिन बीमा के मामले में हम अभी बहुत पीछे हैं. वर्तमान में व्यक्तिगत और ग्रुप इंश्योरेंस मिलाकर कुल पॉलिसियों की संख्या महज 17 से 22.5 करोड़ के बीच है.
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इसका सीधा मतलब यह है कि अभी भी आधी से ज्यादा आबादी ऐसी है जिसके पास बीमा नहीं है. जैसे-जैसे देश में जागरूकता बढ़ रही है और रेगुलेटर (IRDAI) बदलाव कर रहा है, यह गैप तेजी से भरने वाला है. इसी 'अनटैप्ड मार्केट' यानी अछूते बाजार को देखकर एक्सपर्ट्स को इस सेक्टर में कमाई का बड़ा मौका नजर आ रहा है.
नोमुरा ने SBI Life को लेकर अपनी 'Buy' रेटिंग को न सिर्फ बरकरार रखा है, बल्कि इसका टारगेट प्राइस भी सीधा 1800 से बढ़ाकर 2455 रुपये कर दिया है. SBI Life का खर्च चलाने का ढांचा (Cost Structure) बहुत हल्का है. यानी कंपनी कम खर्च में ज्यादा बिजनेस करना जानती है. इसके अलावा, बाजार में बढ़ते कंपटीशन के बावजूद, इसकी पहुंच इतनी ज्यादा है कि यह अपनी सेल की मात्रा (Volume) को लगातार बढ़ाने में सक्षम है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह शेयर अन्य लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्यू पाने का हकदार है.
दूसरा पसंदीदा शेयर है Max Financial Services. ब्रोकरेज ने इसका टारगेट 1400 से बढ़ाकर 1935 रुपये कर दिया है. कंपनी अपने एजेंट्स की कार्यक्षमता (Productivity) सुधारने पर काम कर रही है. एक्सिस बैंक के साथ इसका मजबूत रिश्ता और वेब एग्रीगेटर्स (ऑनलाइन प्लेटफॉर्म) पर इसकी मौजूदगी इसकी ग्रोथ को रफ्तार दे रही है. हालांकि, नोमुरा ने यह भी कहा है कि पुराने प्रदर्शन के चलते इसकी वैल्यूएशन पर थोड़ा दबाव रहता है, लेकिन आने वाले समय में यहां बड़ी तेजी की गुंजाइश है.
इन दो दिग्गजों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया थोड़ा संभलकर चलने वाला यानी 'Neutral' है.
कंपनी देश की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड प्लेयर है, लेकिन इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती इसका 'हाई-कॉस्ट स्ट्रक्चर' है. छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने में कंपनी को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. हालांकि, नोमुरा ने इसका टारगेट 735 से बढ़ाकर 815 रुपये कर दिया है, लेकिन रेटिंग न्यूट्रल ही रखी है.
पिछले कुछ सालों में अपने पेरेंट बैंक के साथ रिश्तों में आए बदलाव और अन्य डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निर्भरता बढ़ने की वजह से कंपनी का खर्च बढ़ा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर डिस्ट्रीब्यूशन के नियमों में कुछ बड़े सुधार होते हैं, तभी इसे बड़ा फायदा मिलेगा. इसका नया टारगेट 650 से बढ़ाकर 740 रुपये किया गया है.
इंश्योरेंस सेक्टर में सबसे बड़ी लड़ाई इस बात की है कि पॉलिसी ग्राहक तक पहुंचाई कैसे जाए. भारत में अभी भी पीपीएफ (PPF) जैसे बचत उत्पाद बीमा से ज्यादा लोकप्रिय हैं. नोमुरा का मानना है कि अगर रेगुलेटर नियमों में बदलाव करता है, तो ऊंची लागत वाली कंपनियों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं.
आने वाले समय में 'क्रेडिट लाइफ' (लोन के साथ मिलने वाला बीमा) की मांग बढ़ने की भी पूरी उम्मीद है. कुल मिलाकर देखें तो लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. 50 करोड़ संभावित ग्राहकों का बाजार किसी भी कंपनी के लिए सोने की खान जैसा है.
Q1: नोमुरा ने SBI Life के लिए नया टारगेट क्या दिया है?
A: नोमुरा ने SBI Life का टारगेट प्राइस 1800 रुपये से बढ़ाकर 2455 रुपये कर दिया है.
Q2: भारत में इंश्योरेंस के लिए संभावित बाजार का साइज क्या है?
A: एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत में लगभग 50 करोड़ 'आत्मनिर्भर' वयस्क हैं जो बीमा का मुख्य लक्ष्य (Target Market) हैं.
Q3: Max Financial Services पर ब्रोकरेज की क्या राय है?
A: मैक्स फाइनेंशियल पर 'Buy' रेटिंग दी गई है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1935 रुपये कर दिया गया है.
Q4: HDFC Life और ICICI Pru Life पर 'Neutral' रेटिंग क्यों दी गई है?
A: इन कंपनियों में ऊंची लागत (High Cost Structure) और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी चुनौतियों की वजह से ब्रोकरेज ने फिलहाल न्यूट्रल रुख अपनाया है.
Q5: इंश्योरेंस सेक्टर में ग्रोथ के मुख्य ड्राइवर क्या हैं?
A: डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स, क्रेडिट लाइफ पॉलिसियों की बढ़ती मांग और भारत में बीमा की कम पैठ (Low Penetration) इसके मुख्य ग्रोथ ड्राइवर हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)