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ब्रोकरेज फर्म ने बढ़ा दिया LIC का टारगेट प्राइस
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने गुरुवार को शानदार तिमाही नतीजे पेश किए. Q1FY26 में कंपनी ने ₹10,169.18 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया. इसके बाद दो बड़े ब्रोकरेज हाउस ने LIC पर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है.
इनमें से एक ने जहां, LIC पर ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है. वहीं, दूसरे ने बाय रेटिंग जारी रखते हुए टारगेट प्राइस को बढ़ा दिया. चलिए, जानते हैं कि आखिर किस ब्रोकरेज हाउस ने एलआईसी को कितने का टारगेट प्राइस दिया है.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi, LIC पर बुलिश है. उन्होंने स्टॉक पर बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 1,320 रुपये से बढ़ाकर 1,370 रुपये कर दिया है. यानी वे उम्मीद कर रहे हैं कि मौजूदा स्तर से स्टॉक में अच्छी अपसाइड संभावनाएं हैं.
Citi का मानना है कि LIC का Value of New Business (VNB) यानी नई पॉलिसियों से मिलने वाली संभावित कमाई में अच्छा इजाफा हुआ है. उनका मानना है कि LIC का स्टॉक अभी अपने लोअर वैल्यूएशन लेवल पर ट्रेड कर रहा है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक एंट्री पॉइंट हो सकता है. मार्जिन बढ़ने का बड़ा कारण बिजनेस क्वालिटी में सुधार रहा है, यानी कंपनी ने ज्यादा प्रॉफिटेबल और बेहतर रिस्क-एडजस्टेड पॉलिसियां बेची हैं.
मैनेजमेंट ने बताया कि एजेंसी नेटवर्क में सुधार के शुरुआती संकेत (Green Shoots) दिख रहे हैं, जो भविष्य में नई बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं. इंडिविजुअल पॉलिसी सेगमेंट में मार्केट शेयर का स्थिर होना आने वाले समय में कंपनी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा और Citi इसे बारीकी से मॉनिटर करेगा.
अमेरिकी ब्रोकरेज हाउस JP Morgan ने LIC पर ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है. इसका मतलब है कि वे मानते हैं कि स्टॉक मौजूदा स्तरों से बेहतर रिटर्न दे सकता है और पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी बढ़ाई जा सकती है.
हालांकि, JP Morgan ने टारगेट प्राइस को थोड़ा घटाकर 1,115 रुपये से 1,071 रुपये कर दिया है. टारगेट घटाने के पीछे वजह मार्केट की अस्थिरता, इंडस्ट्री डायनेमिक्स या मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स हो सकते हैं. इसके बावजूद, उनकी रेटिंग पॉजिटिव रहने का मतलब है कि उन्हें कंपनी की मिड टू लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर भरोसा है.
LIC ने Q1FY26 में ₹10,169.18 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹6,334.19 करोड़ से करीब ₹3,835 करोड़ अधिक है. यह करीब 49% की सालाना ग्रोथ है. खास बात यह है कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब LIC का प्रॉफिट ₹10,000 करोड़ से ऊपर रहा है.
कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड इनकम Q1FY26 में ₹2,13,224.26 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,88,749.56 करोड़ थी. यानी करीब ₹24,475 करोड़ की बढ़ोतरी, जो लगभग 13% सालाना ग्रोथ को दिखाती है.
इस इनकम में पॉलिसी होल्डर फंड, शेयरहोल्डर इनकम और निवेश से हुई कमाई शामिल है. मुनाफे और इनकम दोनों में लगातार मजबूती से निवेशकों का भरोसा LIC पर बढ़ा है. बीमा कारोबार में स्थिरता और निवेश से मजबूत रिटर्न कंपनी की पोजिशन को और मजबूत कर रहे हैं.
Q. Q1FY26 में LIC का नेट प्रॉफिट कितना रहा?
A. ₹10,169.18 करोड़, जो पिछले साल से 49% ज्यादा है.
Q. किन ब्रोकरेज फर्म्स ने LIC पर सकारात्मक राय दी?
A. JP Morgan और Citi दोनों ने स्टॉक पर सकारात्मक रेटिंग दी है.
Q. JP Morgan का नया टारगेट प्राइस क्या है?
A. 1,071 रुपये (पहले 1,115 रुपये था).
Q. Citi का नया टारगेट प्राइस क्या है?
A. 1,370 रुपये (पहले 1,320 रुपये था).
Q. LIC की इनकम में कितनी ग्रोथ हुई है?
A. करीब 13% सालाना ग्रोथ, ₹2,13,224.26 करोड़ तक.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)